जम्‍मू कश्‍मीर के पहलगाम में विगत 22 अप्रैल 2025 को हुए वीभत्स आतंकी हमले के बाद भारत की सेना ने 6-7 मई की रात को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को नष्ट करने की सफल कार्रवाई की। पाकिस्तान की सेना ने इसमें आतंकियों का साथ देने का निर्णय किया और भारत के नागरिक तथा सैन्य ठिकानों को चोट पहुँचाने के लिए हमले किये। 10 मई 2025 को भारतीय सेना के आक्रामक प्रहार के पश्‍चात अंततः पाकिस्तान ने युद्ध विराम की गुहार लगायी। भारतीय सेना का आतंकवाद के खिलाफ यह अभियान पूर्णतः सफल रहा जिसमें पाकिस्तान तथा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों को लगभग तबाह कर दिया गया।

भारतीय सेना द्वारा जो जानकारी साझा की गयी है, उससे स्पष्ट हो गया है कि पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों सहित वहाँ के 11 एयरबेस भी पूरी तरह से तबाह हो गये हैं। इसमें रणनीतिक महत्व वाले सरगोधा जैसे अड्डे भी शामिल हैं। माना जाता है कि सरगोधा वही स्थान है जहाँ पाकिस्तान के परमाणु हथियार रखे थे। किराना के हिलने के बाद आतंकिस्तान सहित अमेरिका आदि देशों की नींद उड़ गई और पाकिस्तान को हमेशा की तरह एक बार फिर घुटनों पर आकर युद्ध विराम की मांग करनी पड़ी। जब भारतीय हमले की सीमा में पाकिस्तान का परमाणु जखीरा भी आ गया और उनके परमाणु कमांड सेंटर के पास ब्रह्मोस मिसाइल गिरी तब जाकर पाकिस्तान ने अमेरिका से गुहार लगाई और यह सीजफायर हुआ किंतु यह सीजफायर भी भारत की ही शर्तों पर हुआ है। विश्व के इतिहास में पहली बार किसी देश ने किसी परमाणु शक्ति सम्‍पन्‍न राष्ट्र के अंदर घुसकर आतंकी कैम्पों पर इस तरह की कार्यवाही की है इसकी तुलना अमेरिका द्वारा एबटाबाद पर हमला करके बिन लादेन से नहीं की जा सकती है। सम्‍पूर्ण कार्रवाई के दौरान भारत के कूटनीतिक प्रयास भी उत्कृष्ट रहे। चीन, तुर्किंए और अजरबैजान को छोड़कर दुनिया का कोई भी देश पाकिस्तान के साथ खुलकर खड़ा होने का साहस नही कर पाया। ईरान ने अवश्य कुछ प्रयास किया किन्तु वह भी सफल नहीं हुआ। भारत सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब अगर पाकिस्तान एक भी गोली चलायेगा तो फिर भारत गोला ही दागेगा। अपनी रणनीति को बदलते हुए भारत ने तय किया है कि अब पाक प्रायोजित किसी भी आतंकवादी घटना का इसी प्रकार जवाब दिया जायेगा और किसी भी आतंकी घटना को युद्ध के समान ही माना जायेगा।

ऑपरेशन सिंदूर के अंतर्गत आधुनिक रक्षा प्रणालियों का उपयोग करते हुए पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर निर्दिष्ट हमले करकर न केवल आतंकी ठिकानों को समाप्त किया गया वरन सौ से अधिक आतंकवादियों को भी मिटटी में मिला दिया गया। सेना द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार नौ प्रमुख आतंकी ठिकानों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया है। बहावलपुर स्थित मरकज सुभानअल्लाह जो आतंकियों का सबसे बड़ा मुख्यालय तथा प्रशिक्षण केंद्र था, मुरिदके स्थित मरकज तैयबा और मुजफ्फराबाद स्थित मरकज सैयादानी बिलाल पूरी तरह से तबाह हो गये हैं। इन तीनों ठिकानों की शुरुआत अफगानिस्तान में सोवियत संघ की सेना के खिलाफ युद्ध करने वाले कट्टरपंथियों के जरिये पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई ने करी थी। इन्हें पाक पुलिस व स्थानीय सेना उसी तरह से संरक्षण दे रही थी जिस तरह वह कई वर्षों तक ऐबटाबाद में ओसामा बिन लादेन को पोषित करती रही थी । सियालकोट में हिजबुल मुजाहिदीन के सरजल और मेहमूना जोया आतंकी कैप को भी बर्बाद कर दिया गया। इसके अलावा पांच आतंकी ठिकाने पीओके में थे जिसमें मुजफ्फाराबाद में लश्कर का सवाईलाना कैंप और जैश का सैयदना बिलाल केपपूरी तरह से तबाह कर दिया गया। इसके अलावा भिंबर में भी बरनाला आतंकी कैंप भी तबाह कर दिया गया है।

आतंक के खिलाफ इस कार्यवाही में 100 से अधिक आतंकी मारे गये हैं। मारे गये ये सभी आतंकी किसी न किसी बड़ी आतंकी घटना में शामिल रहे थे। इनमें कंधार विमान अपहरण कांड का मुख्य आरोपी, पुलवामा घटना को अंजाम देने वाला मुख्य आरोपी तथा पांच प्रमुख आतंकवादी सरगना मारे गये हैं। इससे आतंकी संगठनों का तंत्र पूरी तरह से हिला हुआ है। भारत द्वारा आतंक के खिलाफ छेड़े गए इस युद्ध को पाकिस्तान ने अपने ऊपर ले लिया और भारत पर हमला बोल दिया।

पाकिस्तानी हमले के बाद भारत के पलटवार से पाकिस्तान के 11 एयसरबेस को भारी नुकसान पहुंचा है। नूरखान एयरबेस तबाह होना पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ा झटका है क्योंकि पकिस्तानी वायुसेना यहीं से अपने विमानों में ईंधन भरती है। भारत ने इस एयरबेस पर इतना भयानक हमला किया कि यह एयरबेस पूरी तरह से तबाह हो या इधर भारत के एयर डिफेंस सिस्टम ने पाकिस्तानी ड्रोन विमान व मिसाइल को अंदर नहीं घुसने दिया। भारत के पास आज इतनी अच्छी तकनीक है कि यदि कोई मिसाइल, ड्रोन या लड़ाकू विमान इसकी सीमा के अंदर घुसता है तो उसका मार गिराया जाना सुनिश्चित है। यह स्ट्राइक इतनी सटीक थी कि सभी इसकी प्रशंसा कर रहे हैं। भारत ने अब सिद्ध कर दिया है कि उसने आतंक से लड़ने के निमय बदल दिये हैं। अब भारत की सेना दुश्मन के ठिकानों को उनके घर में घुसकर ठोक रही है। आतंकियों को पाताल से भी खोजकर सजा दी जा रही है। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ आतंक का बीज बोकर भारतवासियों को बार-बार दु:ख पहुँचाया है, अब बहुत हुआ।

ऑपरेशन सिंदूर की गहराई को अगर देखा जाये तो पता चलता है कि इस ऑपरेशन की जद में आज तक हुई सभी प्रमुख आतंकी घटनाओं के गुनाहगार आ गए। वे आतंकी या तो मारे गये हैं या बंकर में छुपे हुए मौत का इंतज़ार कर रहे हैं। भारत ने अपनी रणनीति, संकल्प, संयम सभी की नई परिभाषा गढ़ी है। भारत ने किसी सैन्य बेस को तब तक निशाना नहीं बनाया, जब तक पाकिस्तान ने हमला नहीं किया। ऑपरेशन सिंदूर ने एक ऐसी लक्ष्मण रेखा खींच दी है जिसे कोई भी आतंकी अब नजरअंदाज नहीं कर सकता। चीन और तुर्किये के हथियार आत्मनिर्भर भारत के स्वदेशी हथियारों के समक्ष कमजोर साबित हुए हैं। आकाश ब्रह्मोस ने ही पाकिस्तान को घुटने पर ला दिया।

उधर, पाकिस्तानी और भारत के लेफ्ट लिबरल मीडिया ने भारत के विरुद्ध दुष्प्रचार के युद्ध का मोर्चा खोला हुआ था, किन्तु भारतीय सेना उनके एक- एक झूठ को प्रमाण के साथ बेनकाब कर रही थी। भारतीय सेना ने स्‍पष्‍ट सन्देश देते हुये कहा, ‘अब हम अपने लोगों की सुरक्षा के लिए जब चाहें, जहां चाहें घुसकर वार कर सकते हैं। हम पूरी तरह से तैयार व तत्पर हैं। हमने अगले मिशन के लिए तैयारी पूरी कर ली है। हमारे पास आज एक से बढ़कर एक अति आधुनिक तकनीक है। आतंक के खिलाफ लड़ाई अभी समाप्त नहीं हुई है…अगर पाकिस्तान व आतंकी नहीं सुधरे तो रण बहुत भीषण होगा।’

By Mrityunjay Dikshit

लेखक राष्‍ट्रवादी चिंतन वाले लेख लिखने के लिये जाने जाते हैं। आपने पत्रकारिता में उचित मानदण्‍डों के साथ काम करने के साथ ही लेखन जगत में अपनी विशिष्‍ट पहचान बनाई है।

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