भारत में धर्म और समाज की रक्षा के लिए बलिदान की लंबी परंपरा रही है – दत्तात्रेय होसबाले जी
गुरु तेगबहादुर, स्वामी श्रद्धानंद से लेकर स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती तक अनेक महापुरुषों ने धर्म और समाज के लिए अपना जीवन समर्पित किया। भुवनेश्वर, 28 जुलाई 2026।...
चतुरी: इतिहास का अनसुना नाम
“एक रोटी की शिकायत… और देखते ही देखते पूरी नैनी सेंट्रल जेल रणभूमि बन गई। आखिर 20 जनवरी 1928 को ऐसा क्या हुआ था कि गोलियाँ...
भारत में गुरुपूर्णिमा का पर्व केवल एक तिथि नहीं, बल्कि एक जीवंत परंपरा है
भारत में गुरुपूर्णिमा का पर्व केवल एक तिथि नहीं, बल्कि एक जीवंत परंपरा है – जो प्राचीन काल से हमारे जीवन और चिंतन का अभिन्न अंग...
भगवान बुद्ध ने रामनगरी में किया था चातुर्मास
चातुर्मास का धार्मिक महत्व केवल सनातन परंपरा तक सीमित नहीं है, बल्कि बौद्ध परंपरा में भी इसका विशेष स्थान रहा है। इतिहासकारों और प्राचीन ग्रंथों के...
मातृत्व सभ्यता की नींव है – डॉ. मोहन भागवत जी
भाग्यनगर, तेलंगाना। विश्वमंगल्या सभा ने 25-26 जुलाई को NI-MSME, यूसुफगुडा, हैदराबाद में दो दिन की प्रबोधन मीटिंग ऑर्गनाइज़ की। इस प्रोग्राम के तहत, रविवार को हैदराबाद...
डॉ. कलाम की 11वीं पुण्यतिथि : विज़न से यथार्थ तक भारत की यात्रा
27 जुलाई भारत के लिए एक ऐसी तारीख है, जब पूरा देश मिसाइलमैन और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को स्मरण करता है। एक तमिलभाषी,...
डिजिटल चुनौती के बीच कैसे जिएं अखबार
प्रो. संजय द्विवेदी हां, सामने मीडिया की पढ़ाई करने की चाह रखने वाले विद्यार्थी ही थे, उम्मीद की जानी चाहिए कि वे कोई अखबार, मैगजीन या...
सृष्टि का सृजन, संवर्धन, पोषण, बिना मातृत्व के संभव नहीं है – डॉ. मोहन भागवत जी
“युगानुकूल मातृत्व” पर विश्वमांगल्य सभा की प्रबोधन बैठक संपन्न नई दिल्ली, 24 जुलाई 2026। विश्वमांगल्य सभा की “युगानुकूल मातृत्व” विषय पर आयोजित प्रबोधन बैठक के समापन...
श्रीराम मंदिर प्रकरण पर दुष्प्रचार के खिलाफ संत समाज एकजुट, अयोध्या में संत मंडल संगोष्ठी आयोजित
अयोध्या, 23 जुलाई। अयोध्या धाम स्थित श्री राम सत्संग भवन, धर्म मंडपम (मणिरामदास छावनी) में गुरुवार को आयोजित संत मंडल संगोष्ठी में श्रीराम मंदिर से जुड़े...
भाऊराव देवरस: सजीव अस्तित्वरूप
भाऊराव देवरस लखनऊ आए थे। पुराने कुछ सहयोगी उनसे बात कर रहे थे। अचानक वे बोल पड़े, ‘सुनो! डॉ. हेडगेवार की पीढ़ी के लोग एक-एक कर...
