सेवा कार्य में समाज को भी सक्रिय सहभागी होना चाहिए – डॉ. मोहन भागवत जी

पुणे, १६ अप्रैल २०२६।नांदोशी में ‘लता-आशा मंगेशकर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस’ के भूमि पूजन समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि निःस्वार्थ बुद्धि…

पौधशालाओं के लिए वरदान होंगी बायोडिग्रेडेबल कप

पौधशालाओं के लिए वरदान होंगी बायोडिग्रेडेबल कप

प्लास्टिक प्रदूषण आज केवल शहरों तक सीमित समस्या नहीं रह गया है, बल्कि इसका प्रभाव कृषि क्षेत्र पर भी गंभीर रूप से देखने को मिल रहा है। विशेष रूप से…

अस्सी घाट की गंगा आरती भी कराएगा विश्वनाथ मंदिर प्रशासन

अस्सी घाट की गंगा आरती भी कराएगा विश्वनाथ मंदिर प्रशासन

गंगा आरती की समितियों ने कहा-लिखित में कोई प्रस्ताव नहीं, पीएम मोदी तक भी उठाएंगे ये मुद्दा वाराणसी। अस्सी घाट की गंगा आरती की भी जिम्मेदारी श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन…

राष्ट्र-धर्म’ का सजग प्रहरी – वीरव्रती खालसा पंथ

राष्ट्र-धर्म’ का सजग प्रहरी – वीरव्रती खालसा पंथ

नरेन्द्र सहगल वैशाखी पर्व भारत के उन राष्ट्रीय पर्वों में से एक है, जिनका सम्बन्ध राष्ट्र की सुरक्षा और स्वतंत्रता के साथ है. नई फसल के स्वागत के साथ ग्रीष्म…

संविधान सभा में संस्कृत : राज-भाषा अथवा राष्ट्र भाषा के रूप में स्वीकार करने के पक्ष में

संविधान सभा में संस्कृत : राज-भाषा अथवा राष्ट्र भाषा के रूप में स्वीकार करने के पक्ष में

संविधान निर्माण की प्रक्रिया के दौरान संविधान सभा में ‘भाषा’ के विषय पर 12-14 सितम्बर, 1949 को वाद-विवाद हुआ था. इस प्रस्ताव पर सभा में दो पक्ष थे – पहला…

बौद्ध दर्शन की भाषा संस्कृत को राष्ट्रभाषा बनाने के डॉ.आंबेडकर के प्रस्ताव पर अचरज कैसा?

बौद्ध दर्शन की भाषा संस्कृत को राष्ट्रभाषा बनाने के डॉ.आंबेडकर के प्रस्ताव पर अचरज कैसा?

ऐसी है संस्कृत की समृद्ध परंपरा. किसी एक धर्म या दर्शन का इस पर अधिकार नहीं रहा. ब्राह्मण दर्शन है, तो बौद्ध दर्शन भी है. नास्तिक दर्शन भी है. वेदों…

प्रेम के उपासक महर्षि रमण

प्रेम के उपासक महर्षि रमण

महर्षि रमण एक ऐसी विभूति थे जो बाल्यावस्था में ही प्रभु भक्ति को समर्पित हो गये थे। बालक वेंकट रमण बहुत ही सुन्दर और – स्वस्थ थे किन्तु उनकी सामान्य…

डॉ. आम्बेडकर की दृष्टि में 'हिन्दुत्व'

डॉ. आम्बेडकर की दृष्टि में ‘हिन्दुत्व’….

भारत रत के प्रथम कानून मंत्री एवं संविधान सभा के अध्यक्ष बाबा साहब डॉ. भीमराव आम्बेडकर के नाम पर इन दिनों हिन्दुओं और उनके सनातन धर्म को निशाने पर लिया…

संघ का ध्येय सज्जन शक्ति से युक्त, संगठित, आत्मनिर्भर एवं राष्ट्रहित में समर्पित समाज का निर्माण करना है – रामलाल जी

संघ का ध्येय सज्जन शक्ति से युक्त, संगठित, आत्मनिर्भर एवं राष्ट्रहित में समर्पित समाज का निर्माण करना है – रामलाल जी

रांची। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के निमित्त प्रमुख जन गोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। गोष्ठी में अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख रामलाल जी मुख्य अतिथि के रूप में…