नागपुर में कार्यकर्ता विकास वर्ग द्वितीय का शुभारम्भ
नागपुर, 11 मई 2026 ‘हम सब एक हैं’, यह एकत्व की अनुभूति वर्ग में प्राप्त होती है – अतुल लिमये जी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता विकास वर्ग-द्वितीय आज रेशीमबाग…
समाज का प्रबोधन करना ही सच्ची पत्रकारिता — सुभाष जी
प्रयागराज। आद्य पत्रकार देवर्षि नारद जयंती के उपलक्ष्य में रविवार को हिंदुस्तानी अकादमी में विश्व संवाद केंद्र प्रयागराज काशी प्रांत के द्वारा ‘सामाजिक परिवर्तन में मीडिया की भूमिका’ विषयक गोष्टी…
पोखरण परमाणु परीक्षण: भारत की वैज्ञानिक शक्ति और आत्मसम्मान का ऐतिहासिक क्षण
भारत के इतिहास में 11 मई और 13 मई 1998 की तिथियाँ स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हैं। इन्हीं दिनों राजस्थान के जैसलमेर जिले स्थित पोखरण परीक्षण स्थल में भारत ने…
प्रा. केलकर जी से विद्यार्थी परिषद में जीवन दृष्टि मिली, संघ में वह विकसित हुई – दत्तात्रेय होसबाले जी
नई दिल्ली, 10 मई, 2026 अभाविप के संगठन शिल्पी एवं पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रा. यशवंतराव केलकर जी के जन्मशती वर्ष के उपलक्ष्य में ‘प्रिय केलकर जी’ विशेष अभिवाचन कार्यक्रम का…
अजेय अस्मिता का अंगार: झुकती दुनिया में ‘प्रताप’ होने का अर्थ
जब स्वाधीनता ने स्वयं को मानवीय स्वरूप में प्रकट करना चाहा, जब समता और समन्वय ने ‘योद्धा’ के रूप में खुद को ढालने की आरजू की, जब ‘वीरता और वैराग्य’…
विदेशियों के लिए धर्म-विज्ञान की प्रयोगशाला रही काशी
25 साल पहले तक काशी विदेशियों के लिए में धर्म-विज्ञान की एक प्रयोगशाला रही। यहां के शास्त्र, मंदिर, कथाएं, किस्से और किवदंतियां सब कुछ वैज्ञानिक जांच का हिस्सा हुआ करते…
कार्पोरेट जिहाद: कई कम्पनियों में चल रहा धर्मान्तरण का खेल
गर आपको लगता है कि आपके बगल में बैठा अब्दुल सेक्युलर है। सभी धर्म को समान रूप से देखा है। उसके सोशल मीडिया पोस्ट भी यही कहते हैं, तो यह…
हिंदुस्तानियों के हित के हेत
आज की भाषा में जिसे नैरेटिव सेट करना कहते हैं, भारत में छपे हिंदी के पहले अखबार के श्रद्धेय पितृपुरुष ने पहले ही अंक के मुख्य पृष्ठ पर पहली ही…
महाभारत के संवाद लेखन का अर्धसत्य
कोरोना के कारण लॉकडाउन में लोगों के सामने बेहतरीन धारावाहिक प्रस्तुत करने के दूरदर्शन के प्रयासों के चलते ‘रामायण’ और ‘महाभारत’ के अलावा कई पुराने और लोकप्रिय रहे धारावाहिक फिर…
संसार के पहले समाज शास्त्र की रचना की : आग्नेय अस्त्रों का अविष्कार भी किया
जिनमें नारायण ने अपना स्वरूप को देखा उन महर्षि भृगु का अवतरण दिवस वैशाख पूर्णिमा है। वे ब्रह्मा द्वारा प्रथम मन्वंतर में उत्पन्न किये गये आठ प्रचेताओं में प्रथम हैं।…









