अग्नि अविष्कारक महर्षि भृगु का अवतरण दिवस,

संसार के पहले समाज शास्त्र की रचना की : आग्नेय अस्त्रों का अविष्कार भी किया

जिनमें नारायण ने अपना स्वरूप को देखा उन महर्षि भृगु का अवतरण दिवस वैशाख पूर्णिमा है। वे ब्रह्मा द्वारा प्रथम मन्वंतर में उत्पन्न किये गये आठ प्रचेताओं में प्रथम हैं।…

हिन्दू समाज में समाप्त हो भेदभाव : नरेन्द्र ठाकुर जी

हिन्दू समाज में समाप्त हो भेदभाव : नरेन्द्र ठाकुर जी

लखनऊ हिंदू समाज में जाति, भाषा, प्रांत आदि के आधार पर भेदभाव समाप्त होना चाहिए। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण के कार्य में लगा है। इसके लिए…

… और आदि शंकर ने उस अनूठे व्यक्ति को अपना गुरु बना लिया

शंकराचार्य नित्य-प्रति गंगा में स्नान करके तर्पण किया करते थे। सूर्योदय से पूर्व उनकी संध्या-पूजा पूर्ण हो जाती। एक दिन सूर्योदय होते-होते वे पूजा समाप्त करके विश्वनाथ मंदिर जा रहे…

श्रीगुरुजी को संन्यासी जीवन से वापस खींच लाया संघ कार्य

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक माधव सदाशिवराव गोलवलकर उपाख्य ‘श्रीगुरुजी’ के जीवन का एक दौर ऐसा भी है, जब वे दुनियादारी छोड़कर अध्यात्म के मार्ग पर संन्यासी हो गए।…

कोई देश भारत का उद्धार नहीं करेगा, भारत सारी दुनिया का उद्धार करेगा – डॉ. मोहन भागवत जी

नागपुर, 27 अप्रैल 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि डॉ. हेडगेवार स्मारक समिति ने श्री क्षेत्र अवधपुरी में प्रभु श्रीरामचंद्र जी के जन्म…

डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार: सार्वजनिक कार्य का अनुभव

उस समय कलकत्ता क्रान्तिकारी आन्दोलन का केन्द्र था। केशवराव हेडगेवार का नागपुर में ही क्रान्तिकारियों से सम्पर्क हो गया था। वह क्रान्तिकारियों के विश्वस्त मण्डल के सदस्य थे। कलकत्ता में…

पुस्तक पढ़ने की प्रवृत्ति कम होना चिन्ताजनक: मनोजकांत जी

लखनऊ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह क्षेत्र प्रचार प्रमुख मनोजकांत जी ने विद्यार्थियों में पुस्तकें पढ़ने की प्रवृत्ति कम होने पर चिन्ता व्यक्त की है। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया…

भगवान हनुमान और लक्ष्मण की पावन नगरी लखनऊ के बड़े मंगल भंडारों को ‘हरित और स्वच्छ’ बनाने का संकल्प

लखनऊभगवान हनुमान और लक्ष्मण की इस ऐतिहासिक नगरी में जेठ माह के प्रत्येक मंगलवार (बडे मंगल) को होने वाले भंडारों की परंपरा अनूठी और अटूट है। इस वर्ष जेठ मास…

माता सीता की संकल्पशीलता, दायित्व बोध और मर्यादा का पालन आज भी प्रासंगिक

माता सीता के जीवन और उनके जीवन में घटी घटनाओं को हजारों वर्ष बीत गये हैं। लेकिन स्मृति में वे आज भी जीवन्त हैं। उनका व्यक्तिगत जीवन त्याग, तपस्यामय, संकल्पशीलता,…