“स्वराज्य की जननी: जीजाबाई”
“महिलाओं के कारण ही पुरुषों का अस्तित्व एवं उत्थान सम्भव है। जीजाबाई से शिवाजी, कुन्ती से पाण्डव और कौशल्या से राम का अस्तित्व था।“ ये बात...
विभाजनकारी ताकतों का नया सियासी पैंतरा
ऐसा बताया गया कि केरल के मुख्यमंत्री कामरेड पी. विजयन ने केरल में आयोजित कटिंग साउथ नाम से आयोजित कार्यक्रम का न केवल आगाज किया, बल्कि...
दण्डक्रम करने से समाज को क्या लाभ हुआ ?
अथवा पचास दिन वेद पढ़ने से के फ़ायदा हुआ जी , जैसे प्रश्न मुझे भी किया गया । और इसी से मिलती जुलती बकवास वे शक्तियां...
हम सभी श्रद्धापूर्वक मातृभूमि की महिमा का गायन करें
अपनी भूमि हमें मातृभूमि लगनी चाहिए। उसका कण-कण हमें पवित्र लगना चाहिए। हमारी मातृभूमि, कोई मिट्टी का ढेर नहीं, वह जड़ या अचेतन नहीं, ऐसी हमारी...
सत्य की सदा जय का आश्वासन है कोविदारध्वज
तीन प्रकार के अन्य ध्वज भी कराते हैं मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु राम के शील, औदार्य और शौर्य का स्मरण…. सत्यनिष्ठा से युक्त प्रतिभाएं पूर्ण होती है....
ध्वजारोहण – त्याग, प्रेरणा, अस्मिता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक
ध्वजारोहण (झंडा फहराना) केवल एक औपचारिक या राष्ट्रीय अनुष्ठान नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरा आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक महत्व भी जुड़ा है। इसके धार्मिक और...
श्री राम जन्मभूमि मंदिर ध्वजारोहण समारोह प्रथम दिवस पूजन
अयोध्या, 21 नवम्बर। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में होने वाले ऐतिहासिक ध्वजारोहण कार्यक्रम के लिए विधिविधान से पूजन अर्चन शुरू हुआ। इस अवसर पर पूर्ण वैदिक...
वीरता की धनी वीरांगना झलकारी बाई
भारत की धरती ने ऐसे असंख्य राष्ट्रभक्त वीरों को जन्म दिया है जिनके अमर बलिदानों के कारण आज हम एक स्वत्रंत और स्वाधीन राष्ट्र हैं। इन्हीं...
रानी लक्ष्मीबाई: 1857 की वो वीरांगना जिन्होंने अंग्रेजों को चटाई थी धूल, शव को भी नहीं छू पाए अंग्रेज
‘बुंदेले हरबोलों के मुंह हमने सुनी कहानी थी, खूब लड़ी मर्दानी वो तो झांसी वाली रानी थी’ कवियत्री सुभद्रा कुमारी चौहान की कविता की ये लाइनें...
धरती आबा बिरसा मुंडा के 150वें जन्म वर्ष पर सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी का वक्तव्य
भारत के गौरवशाली स्वाधीनता संग्राम में जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों व योद्धाओं की एक दीर्घ परंपरा रही है और उनका योगदान अविस्मरणीय रहा है। भगवान बिरसा मुंडा...
