Category: सम्‍पादकीय

लिंगराज मंदिर: भुवनेश्वर की आध्यात्मिक धड़कन

इतिहास और स्थापत्य की अद्भुत धरोहर ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में स्थित लिंगराज मंदिर 11वीं शताब्दी का एक भव्य और प्राचीन शिव मंदिर है। यह मंदिर कलिंग स्थापत्य शैली का…

छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्य में जल प्रबंधन

छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्य में जल प्रबंधन

सह्याद्रि के उत्तुंग शिखरों पर आसमान से बातें करने वाला गिरिदुर्ग हो या फिर समुद्री लहरों के बीच मुस्कुराते जलदुर्ग, उनकी व्यवस्थाएं देखकर ध्यान आता है कि हिन्दवी स्वराज्य के…

जब डराने वाले ही डर गए थे

जब डराने वाले ही डर गए थे

1946 के सैन्य विद्रोह से कांप गई ब्रिटिश सत्ता 80 वर्ष पूर्व 1946 में अंग्रेजी शासन के विरुद्ध हुआ सैन्य विद्रोह स्वाधीनता संग्राम का अंतिम युद्ध माना जाता है। सेना…

संघ शताब्दी – राष्ट्रीय संकट के समय दिया एकजुटता का संदेश

संघ शताब्दी – राष्ट्रीय संकट के समय दिया एकजुटता का संदेश

1962 के भारत-चीन युद्ध को हम आज भी भूल नहीं पाते हैं। चीन ने भारत के विश्वास का कत्ल किया था। ‘हिन्दी-चीनी, भाई-भाई’ के नारे को धुंए में उड़ाकर चीन…

भारत भूमि के योद्धा-संन्यासी, महान विचारक : स्वामी विवेकानन्द

भारत भूमि के योद्धा-संन्यासी, महान विचारक : स्वामी विवेकानन्द

भारत, प्राचीन काल से ही सम्पूर्ण विश्व के लिए एक अलौकिक पुण्यभूमि रहा है, जहाँ ऋषि-मुनियों, महापुरुषों, वैज्ञानिकों, विचारकों और समाज सुधारकों ने जन्म लेकर न केवल भारत, बल्कि सम्पूर्ण…

“स्वराज्य की जननी: जीजाबाई”

“स्वराज्य की जननी: जीजाबाई”

“महिलाओं के कारण ही पुरुषों का अस्तित्व एवं उत्थान सम्भव है। जीजाबाई से शिवाजी, कुन्ती से पाण्डव और कौशल्या से राम का अस्तित्व था।“ ये बात 9 नवम्बर 2025 को…

विभाजनकारी ताकतों का नया सियासी पैंतरा

विभाजनकारी ताकतों का नया सियासी पैंतरा

ऐसा बताया गया कि केरल के मुख्यमंत्री कामरेड पी. विजयन ने केरल में आयोजित कटिंग साउथ नाम से आयोजित कार्यक्रम का न केवल आगाज किया, बल्कि उसमें भाषण भी दिया।…

दण्डक्रम करने से समाज को क्या लाभ हुआ ?

दण्डक्रम करने से समाज को क्या लाभ हुआ ?

अथवा पचास दिन वेद पढ़ने से के फ़ायदा हुआ जी , जैसे प्रश्न मुझे भी किया गया । और इसी से मिलती जुलती बकवास वे शक्तियां जो वेदों में अश्रद्धा…

हम सभी श्रद्धापूर्वक मातृभूमि की महिमा का गायन करें

हम सभी श्रद्धापूर्वक मातृभूमि की महिमा का गायन करें

अपनी भूमि हमें मातृभूमि लगनी चाहिए। उसका कण-कण हमें पवित्र लगना चाहिए। हमारी मातृभूमि, कोई मिट्टी का ढेर नहीं, वह जड़ या अचेतन नहीं, ऐसी हमारी भावना चाहिये। इस प्रकार…

सत्य की सदा जय का आश्वासन है कोविदारध्वज

सत्य की सदा जय का आश्वासन है कोविदारध्वज

तीन प्रकार के अन्य ध्वज भी कराते हैं मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु राम के शील, औदार्य और शौर्य का स्मरण…. सत्यनिष्ठा से युक्त प्रतिभाएं पूर्ण होती है. सदुदेश्य से किए गए…