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क्या महिलाओं को अभी भी संघर्ष करना होगा ?

क्या महिलाओं को अभी भी संघर्ष करना होगा ?

भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में नारी को सदैव शक्ति, सृजन और संस्कार का प्रतीक माना गया है। ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवता’ का आदर्श हमारे समाज की आत्मा में बसता है। फिर भी वास्तविकता यह है कि महिलाओं को आज भी अपने सम्मान और समान सहभागिता के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। नारी…

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सदैव प्रेरित करने वाले विराट व्यक्तित्व

सदैव प्रेरित करने वाले विराट व्यक्तित्व

नरेन्द्र मोदी अशोक सिंहल जी ने हर थण इस महान राष्ट्र के उत्कर्ष का ही स्वप्न देखा था। हम उनके सपनों को साकार करने के संकल्प को फिर दोहराएं एक बहुत सुंदर सुभाषित है, ‘वृक्ष कबहुँ नहिं फल भखै, नदी न *संचै नौर। परमारध के कारने, साधुन धरा शरीर।’ इसका मतलब है कि पेड़ कभी…

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हैदराबाद की आजादी के लिए लड़ने वाला स्वयंसेवक, जिनसे CM ने मांगी थी सुरक्षा

हैदराबाद की आजादी के लिए लड़ने वाला स्वयंसेवक, जिनसे CM ने मांगी थी सुरक्षा

माधव राव ने कुछ स्वयंसेवकों को मुस्लिम पहचान देकर विभाजित पंजाब के शहरों में मुस्लिम लीग के प्रभाव वाले क्षेत्रों में तैनात कर दिया. ये लोग बताते थे कि कैसे पूरी तैयारी के साथ मुस्लिम लीग के लोग हिंदू बाहुल्य इलाकों की रिपोर्ट तैयार करते हैं, और फिर हमला करते थे. RSS के 100 सालों…

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पण्डित दीनदयाल उपाध्याय के दर्शन में चिति का विचार

पण्डित दीनदयाल उपाध्याय के दर्शन में चिति का विचार

पण्डित दीनदयाल उपाध्याय भारत के एक महान विचारक, दार्शनिक और राजनेता थे, जिन्होंने दुनिया को एकात्म मानववाद का एक बेहद अनूठा और गहरा सिद्धांत दिया। उनके इस दर्शन में व्यक्ति, समाज, प्रकृति और ईश्वर को अलग-अलग टुकड़ों में नहीं, बल्कि एक ही श्रृंखला के अभिन्न हिस्से के रूप में देखा गया है। उनके इसी चिंतन…

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55 एकड़ में केले की खेती से हर साल 1.65 करोड़ कमा रहे रामशरण

55 एकड़ में केले की खेती से हर साल 1.65 करोड़ कमा रहे रामशरण

10वीं में फेल होने पर जिस शख्स ने पढ़ाई छोड़ी। पारंपरिक खेती से सिर्फ 15-20 हजार रुपए बचा पाता था। आज वही किसान करोड़ों का टर्नओवर कर रहा है। बात हो रही है बाराबंकी के ‘केला किंग’ और पद्मश्री से सम्मानित रामशरण वर्मा की। यूपी में ‘टिशू कल्चर’ केले को बढ़ावा देने वाले रामशरण ने…

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किताब पढ़ने से तनाव घटता है, दूसरों को समझने की क्षमता बेहतर होती है; फायदेमंद हॉर्मोन बनते हैं जो सेहत दुरुस्त रखने में मददगार

किताब पढ़ने से तनाव घटता है, दूसरों को समझने की क्षमता बेहतर होती है; फायदेमंद हॉर्मोन बनते हैं जो सेहत दुरुस्त रखने में मददगार

मोबाइल स्क्रीन के युग में दुनिया भर में लोगों का किताबों से यह रिश्ता कमजोर हो रहा है। लेकिन साइकोलॉजिकल मेडिसिन में प्रकाशित एक नई रिसर्च से पता चलता है कि मनोरंजन के लिए मनपसंद किताब पढ़ने से आपके दिमाग और सेहत पर फायदेमंद असर होते हैं। जब हम अपनी पसंद की कहानी में पूरी…

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पाषाण को छूते ही निकलती है मधुर धुन… उज्जैन में सरंक्षित 11वीं सदी की अद्भुत प्रतिमा आज भी गा रही कृष्णवंश की वैभव गाथा

उज्जैन की मिट्टी में श्रीकृष्ण की कथा केवल सांदीपनि आश्रम तक सीमित नहीं है। हजारों वर्षों से चली आ रही कृष्ण-स्मृति यहां के मंदिर, तीर्थ और पुरातात्विक अवशेषों में अलग-अलग रूपों में दिखाई देती है। कृष्ण की कुल परंपरा का एक ऐसा ही अद्भुत अध्याय गढ़कालिका मंदिर के समीप स्थित श्री विष्णु चतुष्टिका में एक…

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विनोबा भावे का राष्ट्र चिन्तन

विनोबा भावे का राष्ट्र चिन्तन

आचार्य विनोबा भावे भारतीय नवजागरण उन प्रमुख चिन्तकों में से हैं, जिनके विचारों में आध्यात्मिकता, नैतिकता, सामाजिक न्याय और राष्ट्र-निर्माण का अद्भुत समन्वय दिखायी देता है। उनका राष्ट्र चिन्तन संकीर्ण राजनीतिक राष्ट्रवाद से आगे बढ़कर एक ऐसे मानवतावादी और समग्र राष्ट्र की कल्पना प्रस्तुत करता है, जो मनुष्य की बाह्य स्वतंत्रता के साथ-साथ उसकी आन्तरिक…

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जब 'फिरन में छिपाए तिरंगा' की विवशता पर बोले थे अटल जी

जब ‘फिरन में छिपाए तिरंगा’ की विवशता पर बोले थे अटल जी

1995 ई. में जब यह कल्पना ही नहीं की जा सकती थी कि जम्मू-कश्मीर जैसे आतंकवादग्रस्त क्षेत्र में एक दिन भारतीय संविधान पूरी तरह से लागू होगा, राष्ट्रीय एकता में बाधक अस्थायी धारा-370 का लोप हो जाएगा, 35-ए का अस्तित्व ही कहीं नहीं रहेगा और राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा कश्मीर में सम्मान और गौरव के साथ…

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कई समस्याओं का समाधान है गो पालन

पिछले दिनों इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक मामले में महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि गोमांस खाना किसी का मौलिक अधिकार नहीं है। बूढ़ी बीमार गाय भी कृषि के लिए उपयोगी है। यह कृषि की रीढ़ है। गाय का मल एवं मूत्र असाध्य रोगों में लाभकारी है। इसकी हत्या की इजाजत देना ठीक नहीं। हाई…

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