Category: आपके लेख

पौधशालाओं के लिए वरदान होंगी बायोडिग्रेडेबल कप

पौधशालाओं के लिए वरदान होंगी बायोडिग्रेडेबल कप

प्लास्टिक प्रदूषण आज केवल शहरों तक सीमित समस्या नहीं रह गया है, बल्कि इसका प्रभाव कृषि क्षेत्र पर भी गंभीर रूप से देखने को मिल रहा है। विशेष रूप से…

राष्ट्र-धर्म’ का सजग प्रहरी – वीरव्रती खालसा पंथ

राष्ट्र-धर्म’ का सजग प्रहरी – वीरव्रती खालसा पंथ

नरेन्द्र सहगल वैशाखी पर्व भारत के उन राष्ट्रीय पर्वों में से एक है, जिनका सम्बन्ध राष्ट्र की सुरक्षा और स्वतंत्रता के साथ है. नई फसल के स्वागत के साथ ग्रीष्म…

संविधान सभा में संस्कृत : राज-भाषा अथवा राष्ट्र भाषा के रूप में स्वीकार करने के पक्ष में

संविधान सभा में संस्कृत : राज-भाषा अथवा राष्ट्र भाषा के रूप में स्वीकार करने के पक्ष में

संविधान निर्माण की प्रक्रिया के दौरान संविधान सभा में ‘भाषा’ के विषय पर 12-14 सितम्बर, 1949 को वाद-विवाद हुआ था. इस प्रस्ताव पर सभा में दो पक्ष थे – पहला…

बौद्ध दर्शन की भाषा संस्कृत को राष्ट्रभाषा बनाने के डॉ.आंबेडकर के प्रस्ताव पर अचरज कैसा?

बौद्ध दर्शन की भाषा संस्कृत को राष्ट्रभाषा बनाने के डॉ.आंबेडकर के प्रस्ताव पर अचरज कैसा?

ऐसी है संस्कृत की समृद्ध परंपरा. किसी एक धर्म या दर्शन का इस पर अधिकार नहीं रहा. ब्राह्मण दर्शन है, तो बौद्ध दर्शन भी है. नास्तिक दर्शन भी है. वेदों…

प्रेम के उपासक महर्षि रमण

प्रेम के उपासक महर्षि रमण

महर्षि रमण एक ऐसी विभूति थे जो बाल्यावस्था में ही प्रभु भक्ति को समर्पित हो गये थे। बालक वेंकट रमण बहुत ही सुन्दर और – स्वस्थ थे किन्तु उनकी सामान्य…

डॉ. आम्बेडकर की दृष्टि में 'हिन्दुत्व'

डॉ. आम्बेडकर की दृष्टि में ‘हिन्दुत्व’….

भारत रत के प्रथम कानून मंत्री एवं संविधान सभा के अध्यक्ष बाबा साहब डॉ. भीमराव आम्बेडकर के नाम पर इन दिनों हिन्दुओं और उनके सनातन धर्म को निशाने पर लिया…

महान सन्त श्री वल्लभाचार्य..

महान सन्त श्री वल्लभाचार्य..

जगद्‌गुरु आचार्य पुष्टिमार्ग वल्लभ सम्प्रदाय, भक्ति परम्परा तथा वेदान्त दर्शन के संस्थापक श्री वल्लभाचार्य जी वेदव्यास विष्णु स्वामी सम्प्रदाय के जगद्‌गुरु आचार्य तथा पारम्परिक वैष्णव सम्प्रदायों में से एक रुद्र…

8 अप्रैल 1857 सुप्रसिद्ध क्राँतिकारी मंगल पाण्डेय का बलिदान

8 अप्रैल 1857 सुप्रसिद्ध क्राँतिकारी मंगल पाण्डेय का बलिदान

इन्ही के स्वाभिमान की चिंगारी क्राँति का दावानल बनी रमेश शर्मा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में 1857 की क्रान्ति को सब जानते हैं। यह एक ऐसा सशस्त्र संघर्ष था जो पूरे…

शंख क्यों बजाया जाता है ?

अर्थववेद में लिखा है “शंखेन हत्वा राक्षसि”। अर्थात् “शंख से सब राक्षसों का नाश होता है।” यजुर्वेद में लिखा है- “अवरस्पराय शंखध्वम्” । अर्थात् “युद्ध में शत्रुओं का हृदय दहलाने…

गुरु मत्स्येंद्रनाथ: नाथ संप्रदाय के प्रणेता

गुरु मत्स्येंद्रनाथ: नाथ संप्रदाय के प्रणेता

“अलख निरंजन” का उद्घोष करने वाले और योग विद्या को जन-जन तक पहुँचाने वाले महान सिद्ध योगी, गुरु मत्स्येंद्रनाथ की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। प्रमुख जीवन दर्शन और योगदान-…