हवन-तीर्थ-कीर्तन-दर्शन के चार पहियों पर हिन्दू धर्म की बैलगाड़ी चलती है और चलती रहेगी निरन्तर
यह स्थापना हिन्दी के प्रख्यात ललित निबन्धकार आचार्य कुबेरनाथ राय की भारतीय संस्कृति के प्रति गहरी आस्था और उनकी मौलिक चिन्तन-दृष्टि को प्रकट करती है। भारतीयता,...
साढ़े तीन की चाय पर चर्चा…
चाय के बारे में बात करें तो परमपूजनीय डॉ. हेडगेवार तो चाय को ‘संघ का अधिकृत पेय’ कहते थे। महाल स्थित डॉ. हेडगेवार भवन के रसोईघर...
राष्ट्रीय विचारों के प्रखर लेखक एच.वी. शेषाद्रि जी
इतिहास में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जो केवल संगठन का नेतृत्व नहीं करते बल्कि अपने विचार, लेखनी और जीवन-साधना से पीढ़ियों को दिशा देते हैं।...
रक्षाबंधन पर विशेष – उन दो पतले धागों की महिमा
अपने देश के उत्तरी भागों में ‘राखी’ का संकेत बहुत ही सुंदर है। किसी भी अनजाने पुरुष को कोई भी स्त्री जाकर उसके हाथ में राखी...
सामाजिक समरसता के लिए सेवा
सामाजिक समरसता के संदर्भ में सेवाकार्य का योगदान अनन्य साधारण है। समाज में कई प्रकार के सेवा के कार्य चलते रहते हैं। उनकी प्रेरणा भी भिन्न-भिन्न...
श्री गुरुजी का सामाजिक दर्शन – अस्पृश्यता का उपचार
अस्पृश्यता रोग की जड़ जन सामान्य के इस विश्वास में निहित है कि यह धर्म का अंग है और इसका उल्लंघन महापाप होगा। यह विकृत धारणा...
श्री गुरुजी का आर्थिक चिंतन : पश्चिमी राष्ट्रों का लक्ष्य केवल भौतिक सुख
मनुष्य जीवन का लक्ष्य क्या है? अथवा मनुष्य अपने सामने जीवन का लक्ष्य कौन सा रखे? इस बारे में लगभग सभी लोगों का मत है कि...
प्रकृति के साथ शाश्वत जीवन का मार्ग भारत के पास है – डॉ. मोहन भागवत जी
लोनावला स्थित स्वामी कुवल्यानंद द्वारा स्थापित कैवल्यधाम योग अनुसंधान संस्था के 101वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ....
सम्पूर्ण हिन्दू समाज का संगठित स्वरूप ही भारत की एकता, एकात्मता, विकास व सुरक्षा की गारंटी है – डॉ. मोहन भागवत जी
नागपुर, 2 अक्तूबर 2025। रेशीमबाग मैदान में आयोजित शताब्दी वर्ष विजयादशमी उत्सव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि सम्पूर्ण...
श्री गुरुजी – जिनके एक आह्वान पर युवाओं ने जीवन राष्ट्र को समर्पित कर दिया
डॉ. शुचि चौहान वर्ष 1942, दिनांक 17 मार्च, अवसर था वर्ष प्रतिपदा का। एक कृश काय सन्यासी लोगों को सम्बोधित कर रहा था – “हमारा अहोभाग्य...
