Tag: पंच परिवर्तन

वंचित को सशक्त करना हो समाज का उद्देश्य – डॉ. मोहन भागवत जी

वंचित को सशक्त करना हो समाज का उद्देश्य – डॉ. मोहन भागवत जी

सामाजिक सद्भाव से अनेक चुनौतियों का समाधान संभव; संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त सद्भाव बैठक का आयोजन रायपुर, 01 जनवरी 2026। संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त आज स्थानीय श्री राम…

“पंच परिवर्तन से राष्ट्र उन्नति का मार्ग प्रशस्त होगा” – डॉ. मोहन भागवत जी

“पंच परिवर्तन से राष्ट्र उन्नति का मार्ग प्रशस्त होगा” – डॉ. मोहन भागवत जी

हिन्दू धर्म सभी पंथों का मूल है, बँटने का नहीं संगठित होने का समय – श्री असंग देव जी रायपुर, 31 दिसम्बर 2025। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के…

संगठित और संयमित समाज ही राष्ट्र को परम वैभव की ओर ले जा सकता है - प्रदीप जोशी जी

संगठित और संयमित समाज ही राष्ट्र को परम वैभव की ओर ले जा सकता है – प्रदीप जोशी जी

हिन्दू समाज का जागरण एवं संगठन ही संघ का उद्देश्य जौनपुर। तिलकधारी महाविद्यालय के प्रांगण में आयोजित विराट हिन्दू सम्मेलन में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह…

संघ किसी को विरोधी नहीं मानता, बल्कि सबको साथ लेकर चलने वाला संगठन है – दत्तात्रेय होसबाले जी

संघ किसी को विरोधी नहीं मानता, बल्कि सबको साथ लेकर चलने वाला संगठन है – दत्तात्रेय होसबाले जी

गोरखपुर, 17 दिसंबर 2025। संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गोरखपुर द्वारा आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी “संघ की 100 वर्ष की यात्रा एवं भविष्य की दिशा” में मुख्य…

Only an organized society can lead a nation to ultimate glory – Dattatreya Hosabale

संगठित समाज ही राष्ट्र को परम वैभव पर ले जा सकता है – दत्तात्रेय होसबाले जी

जोधपुर, 14 दिसंबर 2025। संघ शताब्दी वर्ष (संघ@शताब्दी) के उपलक्ष्य में जोधपुर महानगर के भाग क्रमांक-2 में आयोजित ‘प्रमुख जन गोष्ठी’ में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय…

Youth should play an active role in nation-building – Dattatreya Hosbale Ji

राष्ट्र निर्माण में युवा सक्रिय भूमिका निभाएं – दत्तात्रेय होसबाले जी

ऊधमपुर, 07 दिसम्बर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में रविवार को रिवायत हॉल में ”100 वर्ष की यात्रा और भविष्य की दिशा” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन…

“हिन्दुत्व, भारत की आत्मा है” – दत्तात्रेय होसबाले जी

“हिन्दुत्व, भारत की आत्मा है” – दत्तात्रेय होसबाले जी

इंदौर, 30 नवम्बर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने कहा कि पुराणों और दुनिया के विभिन्न विद्वानों ने हिन्दू और हिन्दुस्तान को अलग-अलग कालखंडों में परिभाषित किया।…

सद्भावना भारत का स्वभाव है – डॉ. मोहन भागवत जी

सद्भावना भारत का स्वभाव है – डॉ. मोहन भागवत जी

जयपुर, 14 नवम्बर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि सद्भावना भारत का स्वभाव है। नियम और तर्क के आधार पर समस्याएं ठीक नहीं हो…