भारत में गुरुपूर्णिमा का पर्व केवल एक तिथि नहीं, बल्कि एक जीवंत परंपरा है
भारत में गुरुपूर्णिमा का पर्व केवल एक तिथि नहीं, बल्कि एक जीवंत परंपरा है – जो प्राचीन काल से हमारे जीवन और चिंतन का अभिन्न अंग...
आस्था को लांछित करने का कुचक्र
आचार्य मिथिलेशनन्दिनीशरण पीठाधीश्वर, सिद्धपीठ श्रीहनुमन्निवास, अयोध्याrasikopasna@gmail.com संस्कृतियाँ स्मृतियों से अपना परिष्कार करती हैं। ये स्मृतियाँ अनुभवों के साथ चलती हैं। संकल्प के-सिद्धि के, संघर्ष के-सफलता...
कृष्ण की लीला और भीष्म का आशीर्वाद: द्रौपदी की रक्षा का अद्भुत प्रसंग
महाभारतका युद्ध प्रारम्भ हो गया था। सहसा एक रात्रिको धर्मराजके चरोंने समाचार दिया कि दुर्योधनके द्वारा उत्तेजित किये जानेपर भीष्मपितामहने प्रतिज्ञा की है कि कल वे...
महर्षि पराशर
आप प्राचीन भारत के एक अत्यन्त प्रतिष्ठित ऋषि, महान दार्शनिक और ज्योतिष शास्त्र के स्तम्भ माने जाते हैं। वे सप्तऋषियों की परम्परा से जुड़े हैं और...
पंच परिवर्तन को अपने जीवन में अपनाएं- मिथिलेश नारायण जी
लखनऊ : दीनदयाल बस्ती सरस्वती शिशु मंदिर अर्जुन गंज में आयोजित हिंदू सम्मेलन का शुभारंभ मिथिलेश नारायण जी क्षेत्र बौद्धिक शिक्षण प्रमुख राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एवं...
संगठित और संयमित समाज ही राष्ट्र को परम वैभव की ओर ले जा सकता है – प्रदीप जोशी जी
हिन्दू समाज का जागरण एवं संगठन ही संघ का उद्देश्य जौनपुर। तिलकधारी महाविद्यालय के प्रांगण में आयोजित विराट हिन्दू सम्मेलन में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ...
तिहत्तर की आयु में प्रभु श्रीराम के लिए चालीस दिन में 1300 किमी पैदल चलकर अयोध्या पहुंचे बुजुर्ग
आडवाणी की सोमनाथ-अयोध्या रथ यात्रा में लिया था संकल्प… प्रभु श्रीराम लला के प्रति समर्पण व संकल्प पूर्ति के लिए 73 वर्षीय युवा-वृद्ध 1338 किलोमीटर की...
दक्षिण में पहुँची उत्तर से उठी लहर
विजय मनोहर तिवारी “युवा धर्म संसद’ की सार्थक पहल अपनी स्मृतियों पर समय के साथ सदा ही चढ़ती रहने वाली धूल की परत को झाड़ने का...
“हिन्दुत्व ही संविधान का रक्षक”
प्रशांत कुमार भारत में “संविधान, संवैधानिक मूल्य, संवैधानिक संस्थाएँ और तथाकथित पंथ निरपेक्षता” यह सब तभी तक सुरक्षित है जब तक भारत का हिन्दुत्व सुरक्षित है।...
द्रौपदी के पुत्रों के जन्म एवं उनके गुणों का वर्णन, आइये जानते है पुत्रों के बारे
द्रौपदी के पुत्रों को लेकर : ऐसा नहीं था कि उनका उल्लेख ग्रंथों में नहीं है, या वह वीर नहीं थे. बस वह विमर्श में नहीं...
