परिवर्तनशील समाज में ‘कुटुम्ब व्यवस्था’
भारत एक ऐसा देश है जहाँ परिवार केवल सामाजिक संस्था नहीं, बल्कि जीवन का मूलाधार है। भारतीय समाज की आत्मा कुटुम्ब व्यवस्था है, जो व्यक्ति को...
कुटुम्ब का साथ नहीं मिलता तो ‘संघ’ खड़ा नहीं होता – डॉ. मोहन भागवत जी
गोरखपुर, 16 फरवरी 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गोरखपुर विभाग द्वारा संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में कुटुम्ब स्नेह मिलन का आयोजन किया गया।।...
