साहित्य

राष्ट्रीय एकता के अनथक साधक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी 0

राष्ट्रीय एकता के अनथक साधक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी

भारतीय राजनीति के इतिहास में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का नाम उन नेताओं में लिया जाता है जिन्होंने सत्ता से अधिक सिद्धान्तों को महत्व दिया। वे...

‘कबीर यहु घर प्रेम का, खाला का घर नांहि’ – संत संत कबीरदास 0

‘कबीर यहु घर प्रेम का, खाला का घर नांहि’ – संत संत कबीरदास 

संक्षिप्त परिचय  इससे सिद्ध होता है कि संत कबीरदास  वस्तुतः रामानंद के शिष्य थे और उन्हीं से उन्हें रामनाम का मंत्र मिला था। संत कबीरदास  और...

पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों ने पूरे देश को अचंभित और आनंदित किया है। 0

पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों ने पूरे देश को अचंभित और आनंदित किया है।

दिसंबर 2025 और फरवरी 2026 में मुझे बंगाल जाने का अवसर मिला था। वहाँ अधिकांश लोग परिवर्तन की इच्छा तो रखते थे, किंतु यह परिवर्तन वास्तव...

टेक्नोफ्रेंडली संत... सामने लैपटॉप, जिक्र में इकबाल-अज्ञेय और कहानियां हैरी पॉटर की 0

टेक्नोफ्रेंडली संत… सामने लैपटॉप, जिक्र में इकबाल-अज्ञेय और कहानियां हैरी पॉटर की

आंखन देखी अयोध्या… नौंवी कहानी अयोध्या के टेक्नोफ्रेंडली संत, सामने लैपटॉप, जिक्र में इकबाल-अज्ञेय और कहानियां हैरी पॉटर की आचार्य मिथिलेशनन्दिनी रामलला के 21 युवा पुजारियों...

देवरहा बाबा कौन थे? जानिए उनकी रहस्यमयी आयु, सिद्धियां और चमत्कारों की पूरी कहानी 0

देवरहा बाबा कौन थे? जानिए उनकी रहस्यमयी आयु, सिद्धियां और चमत्कारों की पूरी कहानी

भारतीय हिंदू परंपरा में सदियों से ही ऋषि-मुनियों और साधु-संतों की परंपरा रही है. लेकिन साधु-संतों के चमत्कारों और लीलाओं को समझना आसान नहीं है. सिद्ध...

महाभारत का राजदंड ही है सेंगोल: धर्म, न्याय और सुशासन की हजारों वर्ष पुरानी परंपरा 0

महाभारत का राजदंड ही है सेंगोल: धर्म, न्याय और सुशासन की हजारों वर्ष पुरानी परंपरा

कुछ वर्ष पूर्व संगोल बहुत चर्चा में रहा । इसके सम्बन्ध में कई भ्रांतियाँ भी फैलीं । अधिकतर लोग सेंगोल का ऐतिहासिक महत्त्व बताया किन्तु आपको...

जनसहयोग से पुनर्जीवित हुई नून नदी, जालौन बना जल संरक्षण का मॉडल 0

जनसहयोग से पुनर्जीवित हुई नून नदी, जालौन बना जल संरक्षण का मॉडल

बुन्देलखण्ड के सूखाग्रस्त जालौन जिले में विलुप्त होती नून नदी को जनसहयोग से नया जीवन देने की मिसाल पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई...

युग-ऋषि, महंत अवेद्यनाथ: समरसता के महानाद और सनातन के संबल 0

युग-ऋषि, महंत अवेद्यनाथ: समरसता के महानाद और सनातन के संबल

​काल के अनंत प्रवाह में कुछ महापुरुषों का जीवन किसी एकांत निर्जन में ठहरा हुआ सरोवर नहीं होता, बल्कि वह पर्वतों की छाती चीरकर बहने वाले...