Tag: भारत माता

संघ का ध्येय सज्जन शक्ति से युक्त, संगठित, आत्मनिर्भर एवं राष्ट्रहित में समर्पित समाज का निर्माण करना है – रामलाल जी

संघ का ध्येय सज्जन शक्ति से युक्त, संगठित, आत्मनिर्भर एवं राष्ट्रहित में समर्पित समाज का निर्माण करना है – रामलाल जी

रांची। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के निमित्त प्रमुख जन गोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। गोष्ठी में अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख रामलाल जी मुख्य अतिथि के रूप में…

देश का युवा जागरूक, संस्कारित और संगठित होता है, तो देश वैभव के शिखर पर पहुंचता है – अतुल लिमये जी

देश का युवा जागरूक, संस्कारित और संगठित होता है, तो देश वैभव के शिखर पर पहुंचता है – अतुल लिमये जी

गोरक्ष। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गोरखपुर महानगर दक्षिण भाग ने संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त “राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका” विषय पर युवा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम का…

संघ शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों में समाज से मिल रहा प्रतिसाद प्रेरणादायी – सी. आर. मुकुंद जी, सह सरकार्यवाह

संघ शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों में समाज से मिल रहा प्रतिसाद प्रेरणादायी – सी. आर. मुकुंद जी, सह सरकार्यवाह

समालखा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक प्रारंभ केरल राज्य में हजारों मुस्लिम एवं ईसाई परिवारों में किया गृहसंपर्क- परिवारों ने किया स्वागत-अभिनंदन पट्टीकल्याणा (समालखा),…

भेदभाव मन का विषय, व्यवहार में परिवर्तन से ही भेदभाव मिटेगा – डॉ. मोहन भागवत जी

भेदभाव मन का विषय, व्यवहार में परिवर्तन से ही भेदभाव मिटेगा – डॉ. मोहन भागवत जी

देहरादून, 22 फरवरी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में “100 वर्ष की संघ यात्रा – नए क्षितिज, नए आयाम” विषय पर प्रमुख जन गोष्ठी एवं…

निःस्वार्थ बुद्धि और ईमानदारी से देशहित में किया जाने वाला प्रत्येक कार्य संघ का ही कार्य है – डॉ. मोहन भागवत जी

निःस्वार्थ बुद्धि और ईमानदारी से देशहित में किया जाने वाला प्रत्येक कार्य संघ का ही कार्य है – डॉ. मोहन भागवत जी

राजकोट, 19 जनवरी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने आज राजकोट के सेवा भारती भवन में सौराष्ट्र-कच्छ की युवा प्रतिभाओं के साथ संवाद किया। सरसंघचालक जी…

हम सभी श्रद्धापूर्वक मातृभूमि की महिमा का गायन करें

हम सभी श्रद्धापूर्वक मातृभूमि की महिमा का गायन करें

अपनी भूमि हमें मातृभूमि लगनी चाहिए। उसका कण-कण हमें पवित्र लगना चाहिए। हमारी मातृभूमि, कोई मिट्टी का ढेर नहीं, वह जड़ या अचेतन नहीं, ऐसी हमारी भावना चाहिये। इस प्रकार…

निष्ठावान सच्चरित्र बनें और राष्ट्रभक्ति करें

निष्ठावान सच्चरित्र बनें और राष्ट्रभक्ति करें

मद्रास में विद्यार्थियों का कार्यक्रम था। श्री गुरुजी शिक्षा के विषय में बोल रहे थे। ‘शिक्षा का अर्थ केवल पढ़ना और लिखना इतना ही नहीं होता। शिक्षा प्राप्ति का स्वाभाविक…