युग-ऋषि, महंत अवेद्यनाथ: समरसता के महानाद और सनातन के संबल
काल के अनंत प्रवाह में कुछ महापुरुषों का जीवन किसी एकांत निर्जन में ठहरा हुआ सरोवर नहीं होता, बल्कि वह पर्वतों की छाती चीरकर बहने वाले...
विश्व संवाद केन्द्र अवध, लखनऊ
संवादादात् सौहार्दम्
काल के अनंत प्रवाह में कुछ महापुरुषों का जीवन किसी एकांत निर्जन में ठहरा हुआ सरोवर नहीं होता, बल्कि वह पर्वतों की छाती चीरकर बहने वाले...