Tag: श्री गुरुजी

सामाजिक समरसता के लिए सेवा

सामाजिक समरसता के लिए सेवा

सामाजिक समरसता के संदर्भ में सेवाकार्य का योगदान अनन्य साधारण है। समाज में कई प्रकार के सेवा के कार्य चलते रहते हैं। उनकी प्रेरणा भी भिन्न-भिन्न प्रकार की रहती है।…

श्री गुरुजी का सामाजिक दर्शन – अस्पृश्यता का उपचार

श्री गुरुजी का सामाजिक दर्शन – अस्पृश्यता का उपचार

अस्पृश्यता रोग की जड़ जन सामान्य के इस विश्वास में निहित है कि यह धर्म का अंग है और इसका उल्लंघन महापाप होगा। यह विकृत धारणा ही वह मूल कारण…

श्री गुरुजी का आर्थिक चिंतन : पश्चिमी राष्ट्रों का लक्ष्य केवल भौतिक सुख

श्री गुरुजी का आर्थिक चिंतन : पश्चिमी राष्ट्रों का लक्ष्य केवल भौतिक सुख

मनुष्य जीवन का लक्ष्य क्या है? अथवा मनुष्य अपने सामने जीवन का लक्ष्य कौन सा रखे? इस बारे में लगभग सभी लोगों का मत है कि सुख ही मनुष्य जीवन…

दादा लाड और भारतभूषण दास जी महाराज को मिलेगा ‘पूजनीय श्री गुरुजी पुरस्कार’

दादा लाड और भारतभूषण दास जी महाराज को मिलेगा ‘पूजनीय श्री गुरुजी पुरस्कार’

पुणे, 4 फरवरी 2026। कृषिभूषण श्रीरंग देवबा लाड (दादा) और वाराणसी के आचार्य श्री महंत भारतभूषण दास जी महाराज को इस वर्ष का ‘पूजनीय श्री गुरुजी पुरस्कार’ प्रदान किया जाएगा।…

हम सभी श्रद्धापूर्वक मातृभूमि की महिमा का गायन करें

हम सभी श्रद्धापूर्वक मातृभूमि की महिमा का गायन करें

अपनी भूमि हमें मातृभूमि लगनी चाहिए। उसका कण-कण हमें पवित्र लगना चाहिए। हमारी मातृभूमि, कोई मिट्टी का ढेर नहीं, वह जड़ या अचेतन नहीं, ऐसी हमारी भावना चाहिये। इस प्रकार…

निष्ठावान सच्चरित्र बनें और राष्ट्रभक्ति करें

निष्ठावान सच्चरित्र बनें और राष्ट्रभक्ति करें

मद्रास में विद्यार्थियों का कार्यक्रम था। श्री गुरुजी शिक्षा के विषय में बोल रहे थे। ‘शिक्षा का अर्थ केवल पढ़ना और लिखना इतना ही नहीं होता। शिक्षा प्राप्ति का स्वाभाविक…

जीवन और कार्य की एकरूपता

जीवन और कार्य की एकरूपता

सन 1949 के दिन थे। संघ से प्रतिबंध हटने के पश्चात् श्री गुरुजी देशभर में आयोजित स्वागत कार्यक्रमों को संपन्न करके कुछ दिनों के लिए काशी में रहे थे। काशी…