Tag: संघ शाखा

समाज संगठित और गुणवान बनेगा, तभी देश में परिवर्तन होगा – डॉ. मोहन भागवत जी

समाज संगठित और गुणवान बनेगा, तभी देश में परिवर्तन होगा – डॉ. मोहन भागवत जी

मुंबई, 07 फरवरी 2026। संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त आयोजित व्याख्यानमाला में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि संघ समाजरूप संगठन खड़ा करना चाहता…

संघ का मूल उद्देश्य समाज को संगठित कर राष्ट्र को परम वैभव पर पहुँचाना है – डॉ. कृष्ण गोपाल जी

संघ का मूल उद्देश्य समाज को संगठित कर राष्ट्र को परम वैभव पर पहुँचाना है – डॉ. कृष्ण गोपाल जी

सिद्धार्थनगर (गोरक्ष), 08 फरवरी 2026। संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल जी ने कहा कि भारत वह…

समाज संघ की ओर सकारात्मक व विश्वास की दृष्टि से देखता है – डॉ. मोहन भगवत जी

समाज संघ की ओर सकारात्मक व विश्वास की दृष्टि से देखता है – डॉ. मोहन भगवत जी

पुणे, 2 फरवरी 2026। मोतीबाग कार्यालय में ‘समर्थ भारत’ की अद्यतन वेबसाइट के उद्घाटन कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि समाज राष्ट्रीय…

स्वावलम्बन व संवेदना का संगम महामानव रज्जू भैया

स्वावलम्बन व संवेदना का संगम महामानव रज्जू भैया

प्रो फेसर राजेन्द्र सिंह, जिन्हें दुनिया आदर से ‘रज्जू भैया’ कहती है, का जीवन इस बात का ज्वलन्त प्रमाण है कि सच्बा बड़प्पन पद या प्रतिष्ठा में नहीं, बल्कि स्वभाव…

देशहित किसी का एकाधिकार नहीं, हम सबका सामूहिक उत्तरदायित्व है – डॉ. मोहन भागवत जी

देशहित किसी का एकाधिकार नहीं, हम सबका सामूहिक उत्तरदायित्व है – डॉ. मोहन भागवत जी

राजकोट, 20 जनवरी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने आज संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त राजकोट में आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी में सौराष्ट्र-कच्छ के प्रबुद्ध नागरिकों…

निःस्वार्थ बुद्धि और ईमानदारी से देशहित में किया जाने वाला प्रत्येक कार्य संघ का ही कार्य है – डॉ. मोहन भागवत जी

निःस्वार्थ बुद्धि और ईमानदारी से देशहित में किया जाने वाला प्रत्येक कार्य संघ का ही कार्य है – डॉ. मोहन भागवत जी

राजकोट, 19 जनवरी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने आज राजकोट के सेवा भारती भवन में सौराष्ट्र-कच्छ की युवा प्रतिभाओं के साथ संवाद किया। सरसंघचालक जी…

भारत की विकास की अवधारणा आत्मकेंद्रित नहीं, बल्कि समाज केंद्रित रही है - डॉ. कृष्णगोपाल जी

भारत की विकास की अवधारणा आत्मकेंद्रित नहीं, बल्कि समाज केंद्रित रही है – डॉ. कृष्णगोपाल जी

जयपुर, 02 जनवरी 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्णगोपाल जी ने कहा कि विकास का अर्थ केवल आर्थिक समृद्धि नहीं है। वास्तविक विकास वही है, जिसमें मनुष्य,…

अपने धर्म-संस्कृति का संरक्षण कर, भारत को परम वैभव पर ले जाने का लक्ष्य लेकर कार्य कर रहा – डॉ. मोहन भागवत जी

अपने धर्म-संस्कृति का संरक्षण कर, भारत को परम वैभव पर ले जाने का लक्ष्य लेकर कार्य कर रहा – डॉ. मोहन भागवत जी

भोपाल, 02 जनवरी 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के प्रसंग पर सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी का देशभर में प्रवास हो रहा है। इसी श्रृंखला में दो दिवसीय…

धर्म का अर्थ पूजा-पद्धति नहीं; धर्म सबको साथ लेकर चलता है, सबका उत्थान करता है – डॉ. मोहन भागवत जी

धर्म का अर्थ पूजा-पद्धति नहीं; धर्म सबको साथ लेकर चलता है, सबका उत्थान करता है – डॉ. मोहन भागवत जी

हिन्दू पहचान हम सबको जोड़ती है; हिन्दू धार्मिक पहचान से बढ़कर, स्वभाव और प्रकृति है भोपाल। संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त भोपाल में आयोजित ‘प्रमुख जन गोष्ठी’ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक…

भेदभाव छोड़िए, सबको अपना मानिए- डाॅ. मोहन भागवत जी

भेदभाव छोड़िए, सबको अपना मानिए- डाॅ. मोहन भागवत जी

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित हिंदू सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत जी ने समाज, राष्ट्र और परिवार से जुड़े कई अहम मुद्दों पर अपने…