ताड़मेटला नरसंहार – माओवादी आतंक की क्रूरता; इतिहास नहीं भूलेगा वीरों का बलिदान
06 अप्रैल, 2010 का दिन एक गहरे जख्म की तरह अंकित है। सुकमा जिले के घने जंगलों में ताड़मेटला के पास नक्सलियों ने ऐसा खूनी खेल खेला, जिसने पूरे देश…
विश्व संवाद केन्द्र अवध, लखनऊ
संवादादात् सौहार्दम्
06 अप्रैल, 2010 का दिन एक गहरे जख्म की तरह अंकित है। सुकमा जिले के घने जंगलों में ताड़मेटला के पास नक्सलियों ने ऐसा खूनी खेल खेला, जिसने पूरे देश…