लखनऊ, 21 अप्रैल (हि.स.)

खेतों की पगडंडियों से उठकर आईआईटी के सपनों तक पहुंचने की यह कहानी केवल सफलता की नहीं, बल्कि संघर्ष, संकल्प और सही मार्गदर्शन की ताकत का जीवंत उदाहरण है। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद अर्जुनगंज स्थित महामना शिक्षण संस्थान के छात्रों ने जेईई मेन्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए यह साबित कर दिया कि प्रतिभा हालातों की मोहताज नहीं होती। इस बार 16 में से 15 छात्रों ने पहले ही प्रयास में सफलता हासिल कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

गोरखपुर के पियूष राम त्रिपाठी, चंदौली के शशि प्रकाश कुशवाहा, प्रतापगढ़ के अंशुमान पाण्डेय और रायबरेली के अथर्व श्रीवास्तव जैसे नाम आज उन हजारों सपनों की आवाज बन गए हैं, जो संसाधनों के अभाव में अक्सर पीछे छूट जाते हैं। किसी के पिता किसान हैं तो कोई मजदूरी कर परिवार चलाता है, लेकिन इन बच्चों ने यह साबित कर दिया कि काबिलियत पैसों की मोहताज नहीं होती, बल्कि अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर वह नई ऊंचाइयों को छू सकती है।

भाऊराव देवरस सेवा न्यास के इस प्रकल्प ने इन छात्रों को केवल शिक्षा ही नहीं दी, बल्कि उनके सपनों को साकार करने का मंच भी दिया वह भी पूरी तरह निःशुल्क। 11वीं-12वीं की पढ़ाई, जेईई की तैयारी और रहने-खाने की संपूर्ण व्यवस्था एक ही परिसर में उपलब्ध कराई जाती है। यह मॉडल उन प्रतिभाओं को नई दिशा दे रहा है, जो आर्थिक अभाव के कारण पीछे रह जाती हैं।

सेवा से सफलता का मॉडल बना पहचान
संस्थान के सचिव रंजीव तिवारी (आईआईटी-बीएचयू के पूर्व छात्र) के अनुसार, इस बार 4 छात्रों ने 90 पर्सेन्टाइल से अधिक अंक प्राप्त कर यह दिखाया है कि सही मार्गदर्शन मिलने पर प्रतिभा हर मंच पर चमक सकती है। विशेष रूप से बालिका प्रकल्प की तीन छात्राओं ने भी पहली ही कोशिश में सफलता हासिल कर यह संदेश दिया कि अब बेटियां भी किसी से कम नहीं हैं और हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं।

बदलते भारत की तस्वीर
वर्ष 2019 में शुरू हुआ यह संस्थान आज उन बच्चों के लिए उम्मीद का केंद्र बन चुका है, जिनके सपने अक्सर आर्थिक अभाव में दम तोड़ देते हैं। अब तक यहां से निकले 60 से अधिक छात्र देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में बीटेक और एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। आईआईटी (बीएचयू) के पूर्व छात्र ई. आदित्य कुमार और उनकी टीम यहां निःशुल्क शिक्षण कार्य कर रही है, जबकि सफल पूर्व छात्र और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी लगातार छात्रों का मार्गदर्शन कर रहे हैं। जब समाज साथ खड़ा होता है, तो असंभव भी संभव हो जाता है।

अब अगली उड़ान की तैयारी
महामना शिक्षण संस्थान ने सत्र 2026-27 के लिए 1 मई से प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। यह उन सपनों का चयन है जो आगे चलकर देश की दिशा तय कर सकते हैं। बता दें कि आवेदन वही छात्र कर सकेंगे, जिन्होंने हाईस्कूल 2026 में 80 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हों और जिनके परिवार की वार्षिक आय 3.5 लाख रुपये से कम हो। चयन प्रक्रिया लिखित परीक्षा, साक्षात्कार और सत्यापन के आधार पर पूरी की जाएगी।

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