लखनऊ
King George’s Medical University (KGMU)

लखनऊ स्थित King George’s Medical University (KGMU) में एक सनसनीखेज मामला सामने आया, जहां एक फर्जी डॉक्टर को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया है। आरोप है कि वह मेडिकोज को प्रेम जाल में फंसाकर धर्मांतरण की साजिश रच रहा था, साथ ही All India Institute of Medical Sciences Delhi (एम्स दिल्ली) में अमेरिका के डॉक्टरों से मिलवाने के नाम पर छात्राओं को बाहर ले जाने की योजना बना रहा था।

KGMU के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह के अनुसार, कुछ दिन पहले पैथोलॉजी विभाग में सामने आए रमीज मलिक प्रकरण के बाद कुलपति के निर्देश पर एक जांच टीम गठित की गई थी, जिसकी जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई थी। इसी दौरान टीम संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी।

जांच के दौरान सूचना मिली कि कुछ लोग KGMU की छात्राओं को बहला-फुसलाकर बाहर ले जाने की फिराक में हैं। निगरानी बढ़ाने पर पता चला कि एम्स दिल्ली में अमेरिका के डॉक्टरों से मिलवाने के नाम पर छात्राओं को लखनऊ से बाहर ले जाने की साजिश रची जा रही थी।

प्रवक्ता के मुताबिक, आरोपी की पहचान हसम अहमद के रूप में हुई है। वह लखनऊ में मेडिकल कैंप लगाकर खुद को डॉक्टर बताता था। 20 अप्रैल को ऐसे ही एक कैंप में जांच के दौरान करीब 20 KGMU छात्र-छात्राएं मौजूद मिले। हालात संदिग्ध लगने पर टीम ने जाल बिछाया और मंगलवार को सर्जरी विभाग के पास उसे पकड़ लिया। इसके बाद ब्राउन हॉल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोपी को मीडिया के सामने पेश किया गया और पुलिस को सौंप दिया गया।

बताया गया कि आरोपी हमेशा डॉक्टर की ड्रेस में रहता था और उसके संपर्क में 20 से अधिक छात्र-छात्राएं थे। वह विभिन्न विभागों में अपनी पहुंच होने का दावा करता था, हालांकि उसके संपर्कों की पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने KGMU के नाम से फर्जी लेटरहेड तैयार किया था और छात्राओं को दिए गए पत्रों पर फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे। प्रशासन ने इसे एक बड़ी साजिश मानते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह 12वीं पास है और लखनऊ के शिया इंटर कॉलेज से पढ़ाई की है। उसने समाज सेवा के नाम पर एक संस्था बनाई थी, जिसके जरिए वह मेडिकल कैंप आयोजित करता था।

आरोपी ने दावा किया कि उसके साथ चार डॉक्टर जुड़े हैं और वह जल्द ही एक अस्पताल खोलने की योजना बना रहा था। उसने अपनी संस्था से जुड़े कुछ लोगों के नाम भी बताए, जिनमें एरा मेडिकल कॉलेज और इंटीग्रल यूनिवर्सिटी से जुड़े कुछ डॉक्टरों का जिक्र किया गया है। संस्था का मुख्य संचालक फैक अहमद मंसूरी बताया गया है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। KGMU प्रशासन ने इसे गंभीर साजिश मानते हुए विस्तृत और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

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