कार्पोरेट जिहाद: कई कम्पनियों में चल रहा धर्मान्तरण का खेलकार्पोरेट जिहाद: कई कम्पनियों में चल रहा धर्मान्तरण का खेल

गर आपको लगता है कि आपके बगल में बैठा अब्दुल सेक्युलर है। सभी धर्म को समान रूप से देखा है। उसके सोशल मीडिया पोस्ट भी यही कहते हैं, तो यह आँखों का धोखा हो सकता है। हाल ही में नासिक टीसीएस की घटना ने झकझोड़कर रख दिया।

इसके बाद अन्य कम्पनियों के भी हिन्दुओं के प्रति भेदभाव की परत खुलने लगी जिनमे, लेसकार्ट, एयर इण्डिया और एमक्योर फार्मास्यूटिकल्स कम्पनी के इण्डिया बिजनेस की निदेशक नमिता बापर के विरुद्ध बयान और ड्रेस कोड सामने आये। यहाँ बिजनेस नहीं बल्कि धर्म परिवर्तन का खेल चल रहा था। जहाँ लड़कियों को इस आधार शोषण कर धर्म-परिवर्तन किया जाये।

नासिक महाराष्ट्र स्थित टाटा कंसलटेंसी का मामला सामने आने पर एक महिला ने अपने सीनियर मुस्लिम पर संगठित रूप से जबरन नमाज पढ़ने, धर्मान्तरण और यौन शोषण, नॉनवेज खिलाने और शादी का झांसा देकर रेप का आरोप लगाया।

पीड़िता ने बताया कि दानिश दानिश शेख उसका क्लासमेट है। दोनों एक ही कॉलेज में पड़ायी कर रहे थे। वहीं पर उससे मुलाकात हुई थी। दानिश सीनियर था। वह पासआउट होने के बाद टीसीएस जॉइन किया और हमें भी कम्पनी में जॉब करने का ऑफर दिया।

इसके बाद बातचीत का सिलसिला आगे बढ़ता है। पीड़िता ने बताया कि एक मुलाकात के दौरान दानिश ने उसे जबरदस्ती खींचकर किस किया और शादी करने का दबाव पाने बनाने लगा। इस दौरान पीड़िता ने नौकरी के लिये स्पष्ट जवाब नहीं दिया। बात चलती रही और उसकी नौकरी पक्की हो जाती है।

नौकरी लगने के बाद दानिश शेख के साथ में दो अन्य लोगों तौसीफ अख्तर और निदा खान से भी मुलाकात होती है। इन लोगों से बातचीत के दौरान बात धर्म की ओर मुड़ा और पीड़िता पर यह तीनों मिलकर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने लगे।

पीड़िता ने आगे बताया कि अगस्त, 2024 दानिश उसे झूठ बोलकर एक होटल ले गया जहाँ उसने जबरदस्ती शारीरिक सम्बन्ध बनाये। इसकी जानकारी जब तौसीफ को हुई तो उसने इस बात का फायदा उठाया और पीड़िता को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। उसने कहा कि अगर वह उसकी सभी बातें नहीं मानेगी तो वह यह सारी बातें उसके परिवार से बता देगा।

पीड़िता के अनुसार तौसीफ ने कई बार उसके साथ छेड़छाड़ और मारपीट की। दोनों आरोपी बार-बार धर्म-परिवर्तन का दबाव बनाते थे। ऐसा न करने पर धमकी दी जाती थी कि उसके प्राइवेट पिक्चर्स सोशल मीडिया पर वायरल कर दिये जायेंगे।

यह कहानी चल ही रही थी कि एक महिला ने फरवरी, 2026 में पीड़िता को कॉल करके खुद दानिश की बीवी बतायी।

पीड़िता को इसके पता चला कि दानिश पहले से ही शादीशुदा है। उसके दो बच्चे भी हैं। जब उसने दानिश से को बाद इस बारे में पूछा तो उसने इस बात से इनकार कर दिया। पीड़िता ने बताया कि दानिश ने अपनी शादी छुपा कर कई बार उससे शारीरिक सम्बन्ध बनाये।

कलमा पढ़ने के लिये किया मजबूर

एक पुरुष कर्मचारी ने भी आरोप लगाया है कि 2022 में कम्पनी ज्वाइन की थी उस समय लीडर तौसीफ अख्तार थे। वो अक्सर टीम टीम दानिस का काम मुझे दे दिया करते थे, क्योंकि यो के मेरे टीम लीडर थे इस लिये मैं बिना शिक्षक सारे काम कर दिया करता था। मैं धार्मिक व्यक्ति हूँ। रुद्राक्ष पहनता हूँ, कलावा बाँधता हूँ। इस बात को लेकर अक्सर तौसीफ इसके बारे में अभद्र टिप्पणी करते थे।

उनका कहना था कि सिर्फ अल्ला ही सब कुछ है। हिन्दू देवी-देवताओं के बारे में टिप्पणी करते थे। कहते थे कि सिर्फ अल्लाह ही है। हिन्दू देवी-देवताओं की मान्यताएँ गलत है। इसके बारे में अपमानजनक बाते करते थे। कई बार होटल ले गये जहाँ जबरदस्ती नॉनवेज खिलाने के लिये दबाव बनाये।

न खाने पर देवी-देवताओं के बारे में अपमानजनक बाते की। अपने धर्म की प्रशंसा करते रहे। धर्म परिवर्तन के दबाव जैसा था वो। दूसरे कर्मचारियों के साथ भी यही करता था। 2023 रमजान ईद ( के मौके पर तौसीफ अपने घर ले गया।

मेरी इच्छा के बगैर मुझे टोपी पहनवायी, नवाज पढ़ने के लिये मजबूर किया गया। मेरी फोटो ली गयी, जो किसी ग्रुप में शेयर की गयी। मानसिक कष्ट यह जानते हुए भी की मैं सदूरू की बैठक में जाता हूँ, शाकाहारी जीवन शौली अपनाता हूँ, तौसीफ ने कार्य स्थल पर कई बार कलमा पढ़वाया।

तौसिफ और दानिस देर रात एक होटल ले गये था। जबरदस्ती मांसाहार खिलाने का दबाव बनाया। न खाने पर बुरा परिणाम भुगतने की धमकी दी।

मार्च 2023 में पिता जी को पैरालिसिस का अटैक पड़ा। परिवार कठिनाइ‌यों से गुजर रहा शाहरुख, दानिस, तौसिफ और रजा मेनन ने यह कहते हुए कनवर्जन की सलाह दी कि इससे स्थिति बेहतर हो जायेगी। जब मैंने उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया तो उन्होंने मेरी निगेटिव रिपोर्ट हेड ऑफिस भेज दी। कार्यस्थल पर आये दिन प्रताड़ित किया गया। विरोध करने पर धर्म के बारे में अनुचित टिप्पणी की गयी। उनका बहार मेरे प्रति शत्रुतापूर्ण हो गया। व्यवहार

मामले में 7 कर्मचारियों (तौसीफ अख्तर, दानिश शेख, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, आसिफ आफताब अंसारी और निदा खान) के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गयी है। इनमें से निदा खान फरार है जबकि अन्य कर्मचारी गिरफ्तार हो चुके हैं। ऑपरेशन मैनेजर अश्विनी चानना भी रिमाण्ड पर लेकर जेल भेजा जा चुका है। पूरे मामले में टीसीएस के वरिष्ठ प्रबन्धन की भूमिका भी संदिग्ध रही है।

सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आरोपी कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। पहले टीसीएस कम्पनी ने कहा था कि उनकी शुरुआती आन्तरिक जाँच में आधिकारिक रिपोर्टिंग सिस्टम (POSH) के जरिये ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली थी।

आतंकी कनेक्शन

निदा खान जैश-ए-मोहममद की आतंकी और दिल्ली बम धमाके के पीछे मुख्य भूमिका निभाने वाली डॉ. शाहीन सईद से भी ये कई बार मिल चुकी है। जहाँ अधिक से अधिक लोगों को कंवर्जन का खेल चल रहा था। निदा पर आरोप है कि वह विशेष रूप से महिला कर्मियों को निशाना बनाती थी। उन्हें हिन्दू धर्म के खिलाफ भड़काती और उन पर इस्लामिक रीति रिवाजों को अपनाने का दबाव बनाती थी। वह पीड़ितों को कलमा पढ़ने के लिये मजबूर करती थी। महाराष्ट्र पुलिस ने इस मामले की जाँच के लिये स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का गठन किया है। इस मामले में एक एनजीओ का नाम भी सामने आया है, जिस पर गम्भीर आरोप हैं। इन्टेलिजेंस एजेंसियों ने एनजीओ के फण्डिंग और लिंक की जाँच शुरू कर दी है। इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी कम्पनी के वरिष्ठ प्रबन्धन और पुलिस से जवाब माँगा है।

लेंसकार्ट में धर्मांतरण का खेल

टीसीएस कम्पनी में लव जिहाद और धमांतरण खुलासे के बाद मुम्बई के अन्धेरी वेस्ट से सकार्ट के शोरूम से बढ़ा विवाद सामने आया है। लेसकार्ट में काम करने वाले एक कर्मचारी ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि कम्पनी के प्रशिक्षणा के दौरान उनके तिलक लगाने और कलावा पहनने पर प्रतिबन्ध लगाया गया है। इतना ही नहीं विवाहित महिलाओं को मंगल सूत्र पहनने की अनुमति नहीं है। इस बीच लेसकार्ट कम्पनी की कर्मचारी ग्रूमिंग नीति का एक दस्तावेज इंटरनेट मीडिया में वायरल हो गया। जिससे कम्पनी की उस नीति का प्रमाण भी मिल गया, जो हिन्दू कर्मचारियों को अपने सांस्कृतिक प्रतीकों को धारण करने से वंचित कर रही थी। इतना ही नहीं यहाँ टोपी और बुर्के पर कोई आपत्ति नहीं थी। ये कम्पनी के दोहरे रवैये को साफ दर्शाता है।

हिन्दुओं के साथ भेदभाव क्यों?

बड़ा सवाल उठता है कि आखिर पीयूष बंसल की कम्पनी ने हिन्दू विश्वसों को ही दबाने के लिये इस तरह की नियमावली क्यो बनायेंगे, क्योंकि उन्हें तो सिर्फ बिजनेस से मतलब है लेकिन इसके पीछे बड़ी वजह है। अगर इनके इन्वेस्टर में देखे तो सबसे बड़ा इन्वेस्टर एडीआईए यानी अबू धाबी निवेश प्राधिकरण का 10-12 प्रतिशत का टेक है। अब जो फण्ड देगा वो अपनी पॉलिसी तो लागू करवायेगा ही। क्या भारत में इन्वेस्टरों की कमी पड़ गयी थी कि आबूधाबी गर्वमेन्ट से इन्वेस्टमेंट करवाना पड़ा। अभी आप लेंसकार्ट का जो सामान खरीदते हैं उसका 10-12 प्रतिशत आबूधाबी गर्वमेंट को जा रहा है। इससे साफ है हमारे ही पैसे से हमारे आस्था को चोट पहुँचाया जा रहा है।

एयर इण्डिया में बिन्दी सिन्दूर कलावा पर रोक

एयर इण्डिया में भी नौकरी कर रहे हिन्दुओं को की भावनाओं को दबाने का प्रयास किया गया। हाल ही में सोशल मीडिया पर वायर हो रहे एयर इण्डिया के ड्रेस पॉलिसी में साफ तौर पर बिन्दी, सिन्दूर, रक्षा और कलावा जैसे हिन्दू धर्म के चिन्हों पर रोक लगायी गयी। भारत जहाँ हिन्दू बहुसंख्यक है यहाँ कम्पनियों द्वारा हिन्दू मान्यताओं को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

सोचने की बात है कि अगर हिन्दू अल्पसंख्यक हो गये तो क्या होगा? हालांकि एयर इण्डिया ने सफायी देते हुए बताया कि वायरल हो रहा दस्तावेज पुराना था। वर्तमान में एयर इण्डिया में बिन्दी, कलावा, सिन्दूर पर कोई रोक नहीं है। लेकिन इसके बाद भी एयर इण्डिया के मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मान्यताओं को लेकर इस तरह के नियम बनाने के पीछे क्या वजह हो सकती है।

नमिता थापर पर भी सवाल

‘शार्क टैंक इण्डिया’ की जज और एमक्योर फार्मास्यूटिकल्स कम्पनी के इण्डिया बिजनेस की निदेशक नमिता थापर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से हो रहा है, जिसमें उन्होंने साड़ी पहनने और संस्कार को लेकर टिप्पणी की थी।

जिसमें उन्होंने कहा कि लोग सोचते हैं कि साड़ी पहनकर पूजा करने वाले संस्कारी होते हैं। यह सच नहीं है। मैं इसे नहीं मानती। इसके बाद एक दूसरा वीडियो वायरल हो रहा जिसमें उन्होंने अपने एक मुस्लिम दोस्त के साथ नमाज पढ़कर आने के बाद उसके फायदे गिनाती नजर आ रही हैं।

जब कम्पनी की हेड को ही हिन्दुओं की पहनावे और पूजा पाठ से नफरत है। उन्हें नमाज में लाभ नजर आ रहा है, तो कम्पनी के अन्दर के माहौल के

बारे में आप समझ सकते हैं।

अनन्त ‘यात्री’

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