विश्व संवाद केन्द्र अवध, लखनऊ
संवादादात् सौहार्दम्
"धर्माचरण द्वारा हल्के बने हुए पुरुष संसार सागर में जल में पड़ी नौका के समान तैरते रहते हैं, किन्तु पाप से भारी हो चुके व्यक्ति पानी में फेंके गये शस्त्र की भॉंति डूब जाते हैं।"-महर्षि वेद व्यास