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क्या हवन से रोगों में मिल सकता है लाभ? जानिए ‘यज्ञ विज्ञान’ में बताई गई विशेष हवन सामग्री

क्या हवन से रोगों में मिल सकता है लाभ? जानिए ‘यज्ञ विज्ञान’ में बताई गई विशेष हवन सामग्री

अगर, तगर, देवदारु, चन्दन, रक्त चन्दन, गूगुल, जायफल, लौंग, चिरायता, असगन्ध, यह दसों चीजें समान भाग में लेनी चाहिए। इसके साथ में विशेष रोग की विशेष औषधियाँ भी मिला लेनी चाहिए। तैयार औषधियों का दशवाँ भाग शर्करा और दशवाँ भाग घृत मिला लेना चाहिए। विशेष रोगों की विशेष हवन सामग्री- शीत ज्वर – (1) पटोल…

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वामनावतार : शक्ति का संस्कार

वामनावतार : शक्ति का संस्कार

भारतीय सामाजिक, सांस्कृतिक चेतनत्त्व के पटल पर भगवान वामन का स्वरूप केवल दशावतार रूपी परम्परा में एक धार्मिक दृष्टि तक ग्रहण करना उनके व्यक्तित्व की व्यापकता एवं विराटता को सीमित कर देना प्रतीत होता है। वामन अनुकृति के अन्तर्गत भारतीय मनीषियों ने स्व मेधा से सत्ता, सामर्थ्य, विनम्रता, आत्मसंयम एवं लोककल्याण के ऐसे गहनतं जीवन-मूल्यों…

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भारतीय शिल्पकला के प्रणेता भगवान विश्वकर्मा

भारतीय शिल्पकला के प्रणेता भगवान विश्वकर्मा

अ नेक पौराणिक कथाओं में भगवान विश्वकर्मा का उल्लेख प्राप्त होता है जिन्हें उत्कृष्ट वास्तु कला और भवनों का निर्माण करने के लिए जाना जाता है। भारतीय संस्कृति में भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि के प्रथम शिल्पी, दिव्य वास्तुकार तथा निर्माण-कला के अधिष्ठाता देवता के रूप में सम्मान दिया जाता है। वे शिल्प, वास्तुकला, अभियंत्रिकी, धातु-कला,…

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ऐसा मन्दिर जहां भूख से दुबले हो जाते हैं श्रीकृष्ण

यह विश्व का ऐसा अनोखा मन्दिर है जो 24 घंटे में मात्र दो मिनट के लिए बन्द होता है। यहां तक कि ग्रहण काल में भी मन्दिर बन्द नहीं किया जाता है। कारण यह कि यहां विराजमान भगवान कृष्ण को हमेशा तीव्र भूख लगती है। भोग नहीं लगाया जाए तो उनका शरीर सूख जाता है।…

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विश्व हिन्दू परिषद : स्थापना से सेवा, सुरक्षा और संस्कार तक की यात्रा

विश्व हिन्दू परिषद की स्थापना 1964 में हुई। विश्व हिंदू परिषद एक भारतीय दक्षिणपंथी हिंदुत्व संगठन है। VHP की स्थापना 1964 में एमएस गोलवलकर और एसएस आप्टे ने स्वामी चिन्मयानंद के सहयोग से की थी।। पहली बार 21 मई 1964 में मुंबई के संदीपनी साधनाशाला में एक सम्मेलन हुआ। सम्मेलन आरएसएस सरसंघचालक माधव सदाशिव गोलवलकर…

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पाण्डवों को कलियुग पर प्रबोधन

पाण्डवों को कलियुग पर प्रबोधन

श्रीकृष्ण कहते हैं- ’तुम पाँचों भाई वन में जाओ और जो कुछ भी दिखे वह आकर मुझे बताओ। मैं तुम्हें उसका प्रभाव बताऊँगा।’ पाँचों भाई वन में गये। युधिष्ठिर महाराज ने देखा कि किसी हाथी की दो सूँड है। यह देखकर आश्चर्य का पार न रहा। अर्जुन दूसरी दिशा में गये। वहाँ उन्होंने देखा कि…

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इन कारणों से स्मार्ट भाषा है संस्कृत...

इन कारणों से स्मार्ट भाषा है संस्कृत…

हम अपने बचपन के दिनों में संस्कृत के श्लोक कंठस्थ किया करते थे। हमारे शिक्षक अक्सर कहा करते थे कि संस्कृत बोलने से जुबान साफ होती है। वे यह भी बताते थे कि कंप्यूटर संस्कृत भाषा के कमांड को बड़ी आसानी से समझ सकता है। कई बार विदेशियों के शरीर पर संस्कृत के श्लोक गुदे…

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अग्नि अविष्कारक महर्षि भृगु का अवतरण दिवस,

संसार के पहले समाज शास्त्र की रचना की : आग्नेय अस्त्रों का अविष्कार भी किया

जिनमें नारायण ने अपना स्वरूप को देखा उन महर्षि भृगु का अवतरण दिवस वैशाख पूर्णिमा है। वे ब्रह्मा द्वारा प्रथम मन्वंतर में उत्पन्न किये गये आठ प्रचेताओं में प्रथम हैं। ऋग्वेद में उनसे संबंधित अनेक ऋचायें हैं। वे अग्नि और आग्नेय अस्त्रों के अविष्कारक भी हैं। इसीलिए अग्नि का एक नाम “भृगि” भी है। भृगि…

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गुरु गोविन्द सिंह जी के परिवार का बलिदान

गुरु गोविन्द सिंह जी के परिवार का बलिदान

वीर बाल सप्ताह (21 दिसम्बर से 27 दिसम्बर) भारतीय इतिहास में कुछ घटनाएँ ऐसी हैं जो केवल अतीत का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन गयी हैं। देशभर में 21 दिसम्बर से 27 दिसम्बर ‘वीर बाल सप्ताह’ के रूप में मनाया जाता है। इन सात दिनों में ‘दसवें सिख गुरु,…

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Devavrat restored Vedic studies

“देवव्रत ने की वैदिक अध्ययन की पुनर्स्थापना”

‌महाराष्ट्र के 19 वर्षीय देवव्रत महेश ने दुनिया की सबसे प्राचीन आध्यात्मिक धरोहर मानी जाने वाली भारत की वैदिक परम्परा की एक दुर्लभ झलक पेश की‌देवव्रत ने शुक्ल यजुर्वेद की माध्यन्दिन शाखा के 2000 मंत्रों वाले ‘दण्डकर्म पारायणम्’ का 50 दिनों तक अखण्ड और शुद्ध पारायण कर 200 वर्ष बाद वह इतिहास रच दिया।‌पीएम मोदी…

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