विशुद्ध हिन्दी के समर्थक राजा लक्ष्मण सिंह
अमित कुमार उन्नीसवीं शताब्दी का उत्तरार्ध हिन्दी भाषा के निर्माण और उसकी पहचान का युग था। इसी काल में कुछ ऐसे साहित्यकार सामने आए, जिन्होंने हिन्दी को केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा माना। राजा लक्ष्मण सिंह ऐसे ही यशस्वी साहित्यकार, अनुवादक और भाषा-चिन्तक थे। उन्होंने उस समय हिन्दी के पक्ष…