Headlines

विशुद्ध हिन्दी के समर्थक राजा लक्ष्मण सिंह

अमित कुमार उन्नीसवीं शताब्दी का उत्तरार्ध हिन्दी भाषा के निर्माण और उसकी पहचान का युग था। इसी काल में कुछ ऐसे साहित्यकार सामने आए, जिन्होंने हिन्दी को केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा माना। राजा लक्ष्मण सिंह ऐसे ही यशस्वी साहित्यकार, अनुवादक और भाषा-चिन्तक थे। उन्होंने उस समय हिन्दी के पक्ष…

Read Full News
संघ को समझना है तो शाखा आइए

संघ को समझना है तो शाखा आइए

राजीव तुली विभिन्न कारणों से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की चर्चा में रखना मित्रों तथा अमित्रों दोनों के लिए लाभप्रद रहता है। अमित्र लिखा है, शत्रु नहीं, क्योंकि संघ किसी को भी अपना शत्रु नहीं मानता है। समाज दो भागों में है—एक जो आज स्वयंसेवक हैं और दूसरे जो भविष्य में संघ से जुड़ेंगे, ऐसी संघ…

Read Full News
क्या महिलाओं को अभी भी संघर्ष करना होगा ?

क्या महिलाओं को अभी भी संघर्ष करना होगा ?

भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में नारी को सदैव शक्ति, सृजन और संस्कार का प्रतीक माना गया है। ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवता’ का आदर्श हमारे समाज की आत्मा में बसता है। फिर भी वास्तविकता यह है कि महिलाओं को आज भी अपने सम्मान और समान सहभागिता के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। नारी…

Read Full News
हैदराबाद की आजादी के लिए लड़ने वाला स्वयंसेवक, जिनसे CM ने मांगी थी सुरक्षा

हैदराबाद की आजादी के लिए लड़ने वाला स्वयंसेवक, जिनसे CM ने मांगी थी सुरक्षा

माधव राव ने कुछ स्वयंसेवकों को मुस्लिम पहचान देकर विभाजित पंजाब के शहरों में मुस्लिम लीग के प्रभाव वाले क्षेत्रों में तैनात कर दिया. ये लोग बताते थे कि कैसे पूरी तैयारी के साथ मुस्लिम लीग के लोग हिंदू बाहुल्य इलाकों की रिपोर्ट तैयार करते हैं, और फिर हमला करते थे. RSS के 100 सालों…

Read Full News
पण्डित दीनदयाल उपाध्याय के दर्शन में चिति का विचार

पण्डित दीनदयाल उपाध्याय के दर्शन में चिति का विचार

पण्डित दीनदयाल उपाध्याय भारत के एक महान विचारक, दार्शनिक और राजनेता थे, जिन्होंने दुनिया को एकात्म मानववाद का एक बेहद अनूठा और गहरा सिद्धांत दिया। उनके इस दर्शन में व्यक्ति, समाज, प्रकृति और ईश्वर को अलग-अलग टुकड़ों में नहीं, बल्कि एक ही श्रृंखला के अभिन्न हिस्से के रूप में देखा गया है। उनके इसी चिंतन…

Read Full News
किताब पढ़ने से तनाव घटता है, दूसरों को समझने की क्षमता बेहतर होती है; फायदेमंद हॉर्मोन बनते हैं जो सेहत दुरुस्त रखने में मददगार

किताब पढ़ने से तनाव घटता है, दूसरों को समझने की क्षमता बेहतर होती है; फायदेमंद हॉर्मोन बनते हैं जो सेहत दुरुस्त रखने में मददगार

मोबाइल स्क्रीन के युग में दुनिया भर में लोगों का किताबों से यह रिश्ता कमजोर हो रहा है। लेकिन साइकोलॉजिकल मेडिसिन में प्रकाशित एक नई रिसर्च से पता चलता है कि मनोरंजन के लिए मनपसंद किताब पढ़ने से आपके दिमाग और सेहत पर फायदेमंद असर होते हैं। जब हम अपनी पसंद की कहानी में पूरी…

Read Full News

पाषाण को छूते ही निकलती है मधुर धुन… उज्जैन में सरंक्षित 11वीं सदी की अद्भुत प्रतिमा आज भी गा रही कृष्णवंश की वैभव गाथा

उज्जैन की मिट्टी में श्रीकृष्ण की कथा केवल सांदीपनि आश्रम तक सीमित नहीं है। हजारों वर्षों से चली आ रही कृष्ण-स्मृति यहां के मंदिर, तीर्थ और पुरातात्विक अवशेषों में अलग-अलग रूपों में दिखाई देती है। कृष्ण की कुल परंपरा का एक ऐसा ही अद्भुत अध्याय गढ़कालिका मंदिर के समीप स्थित श्री विष्णु चतुष्टिका में एक…

Read Full News
जब 'फिरन में छिपाए तिरंगा' की विवशता पर बोले थे अटल जी

जब ‘फिरन में छिपाए तिरंगा’ की विवशता पर बोले थे अटल जी

1995 ई. में जब यह कल्पना ही नहीं की जा सकती थी कि जम्मू-कश्मीर जैसे आतंकवादग्रस्त क्षेत्र में एक दिन भारतीय संविधान पूरी तरह से लागू होगा, राष्ट्रीय एकता में बाधक अस्थायी धारा-370 का लोप हो जाएगा, 35-ए का अस्तित्व ही कहीं नहीं रहेगा और राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा कश्मीर में सम्मान और गौरव के साथ…

Read Full News

कई समस्याओं का समाधान है गो पालन

पिछले दिनों इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक मामले में महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि गोमांस खाना किसी का मौलिक अधिकार नहीं है। बूढ़ी बीमार गाय भी कृषि के लिए उपयोगी है। यह कृषि की रीढ़ है। गाय का मल एवं मूत्र असाध्य रोगों में लाभकारी है। इसकी हत्या की इजाजत देना ठीक नहीं। हाई…

Read Full News

डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार: सार्वजनिक कार्य का अनुभव

उस समय कलकत्ता क्रान्तिकारी आन्दोलन का केन्द्र था। केशवराव हेडगेवार का नागपुर में ही क्रान्तिकारियों से सम्पर्क हो गया था। वह क्रान्तिकारियों के विश्वस्त मण्डल के सदस्य थे। कलकत्ता में क्रान्तिकारियों की संस्था ‘अनुशीलन समिति’ नाम से सुविख्यात थी। केशव हेडगेवार के कलकत्ता पहुंचने पर स्वाभाविक रूप से अनुशीलन समिति में उनका प्रवेश हुआ। केशव…

Read Full News