आरएसएस और कम्युनिस्ट विचार : भारत की आत्मा और आयातित सोच का संघर्ष
के के उपाध्याय भारत के वैचारिक परिदृश्य में एक संघर्ष लंबे समय से जारी है — एक ओर वह संगठन है जिसने राष्ट्रवाद को भारतीय जीवन...
‘अहम् पितरं सुवे’ ‘अहं सुवे पितरम्’
ऋग्वेद दशम मण्डल ‘देवी-सूक्त’ में यह स्वयं देवी का वचन है। पितृ तत्व नित्य है। यह कोई अनुपस्थित की क्षणिक उपस्थिति नहीं है। यह अस्तित्व के...
जीवनज्योत संघ ज्योति में एकरूप करने वाले ‘मधु भाई’
रमेश पतंगे मधु भाई ने एक दीप की आराधना की, वह दीप यानि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ। युवावस्था में आकर्षित करने वाली असंख्य विचारधाराएं थीं, परंतु मधु...
