‘अहम् पितरं सुवे’ ‘अहं सुवे पितरम्’
ऋग्वेद दशम मण्डल ‘देवी-सूक्त’ में यह स्वयं देवी का वचन है। पितृ तत्व नित्य है। यह कोई अनुपस्थित की क्षणिक उपस्थिति नहीं है। यह अस्तित्व के...
विश्व संवाद केन्द्र अवध, लखनऊ
संवादादात् सौहार्दम्
ऋग्वेद दशम मण्डल ‘देवी-सूक्त’ में यह स्वयं देवी का वचन है। पितृ तत्व नित्य है। यह कोई अनुपस्थित की क्षणिक उपस्थिति नहीं है। यह अस्तित्व के...