रानी लक्ष्मीबाई: 1857 की वो वीरांगना जिन्होंने अंग्रेजों को चटाई थी धूल, शव को भी नहीं छू पाए अंग्रेज
‘बुंदेले हरबोलों के मुंह हमने सुनी कहानी थी, खूब लड़ी मर्दानी वो तो झांसी वाली रानी थी’ कवियत्री सुभद्रा कुमारी चौहान की कविता की ये लाइनें...
विश्व संवाद केन्द्र अवध, लखनऊ
संवादादात् सौहार्दम्
‘बुंदेले हरबोलों के मुंह हमने सुनी कहानी थी, खूब लड़ी मर्दानी वो तो झांसी वाली रानी थी’ कवियत्री सुभद्रा कुमारी चौहान की कविता की ये लाइनें...