आदि शंकराचार्य: सनातन धर्म के पुनर्जागरण के दिव्य प्रकाश स्तंभ
‘शंकरो शंकर: साक्षात्’। एक संन्यासी बालक, जिसकी आयु मात्र 7 वर्ष थी, गुरुगृह के नियमानुसार एक ब्राह्मण के घर भिक्षा माँगने पहुँचा। उस ब्राह्मण के घर में भिक्षा देने के…
विश्व संवाद केन्द्र अवध, लखनऊ
संवादादात् सौहार्दम्
‘शंकरो शंकर: साक्षात्’। एक संन्यासी बालक, जिसकी आयु मात्र 7 वर्ष थी, गुरुगृह के नियमानुसार एक ब्राह्मण के घर भिक्षा माँगने पहुँचा। उस ब्राह्मण के घर में भिक्षा देने के…