Devavrat restored Vedic studies


‌महाराष्ट्र के 19 वर्षीय देवव्रत महेश ने दुनिया की सबसे प्राचीन आध्यात्मिक धरोहर मानी जाने वाली भारत की वैदिक परम्परा की एक दुर्लभ झलक पेश की

देवव्रत ने शुक्ल यजुर्वेद की माध्यन्दिन शाखा के 2000 मंत्रों वाले ‘दण्डकर्म पारायणम्’ का 50 दिनों तक अखण्ड और शुद्ध पारायण कर 200 वर्ष बाद वह इतिहास रच दिया।

पीएम मोदी ने इस उपलब्धि को “आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक”, वहीं यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसे “प्रेरणा का प्रकाश-स्तंभ” बताया।

मंत्रों का उच्चारण सिर्फ याद करने का कार्य नहीं है। इसमें उच्चारण की शुद्धता, मन की एकाग्रता, और अनुशासन अत्यन्त आवश्यक माना जाता है।

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