विश्‍व संवाद केन्‍द्र अवध, लखनऊ

प्रिय केलकर जी’ अभिवाचन कार्यक्रम में जीवंत हुआ संगठन शिल्पी प्रा. यशवंतराव केलकर का व्यक्तित्व 0

प्रा. केलकर जी से विद्यार्थी परिषद में जीवन दृष्टि मिली, संघ में वह विकसित हुई – दत्तात्रेय होसबाले जी

नई दिल्ली, 10 मई, 2026 अभाविप के संगठन शिल्पी एवं पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रा. यशवंतराव केलकर जी के जन्मशती वर्ष के उपलक्ष्य में ‘प्रिय केलकर जी’...

अजेय अस्मिता का अंगार: झुकती दुनिया में 'प्रताप' होने का अर्थ 0

अजेय अस्मिता का अंगार: झुकती दुनिया में ‘प्रताप’ होने का अर्थ

जब स्वाधीनता ने स्वयं को मानवीय स्वरूप में प्रकट करना चाहा, जब समता और समन्वय ने ‘योद्धा’ के रूप में खुद को ढालने की आरजू की,...

विदेशियों के लिए धर्म-विज्ञान की प्रयोगशाला रही काशी 0

विदेशियों के लिए धर्म-विज्ञान की प्रयोगशाला रही काशी

25 साल पहले तक काशी विदेशियों के लिए में धर्म-विज्ञान की एक प्रयोगशाला रही। यहां के शास्त्र, मंदिर, कथाएं, किस्से और किवदंतियां सब कुछ वैज्ञानिक जांच...

कार्पोरेट जिहाद: कई कम्पनियों में चल रहा धर्मान्तरण का खेल 0

कार्पोरेट जिहाद: कई कम्पनियों में चल रहा धर्मान्तरण का खेल

गर आपको लगता है कि आपके बगल में बैठा अब्दुल सेक्युलर है। सभी धर्म को समान रूप से देखा है। उसके सोशल मीडिया पोस्ट भी यही...

महाभारत के संवाद लेखन का अर्धसत्य 0

महाभारत के संवाद लेखन का अर्धसत्य

कोरोना के कारण लॉकडाउन में लोगों के सामने बेहतरीन धारावाहिक प्रस्तुत करने के दूरदर्शन के प्रयासों के चलते ‘रामायण’ और ‘महाभारत’ के अलावा कई पुराने और...

अग्नि अविष्कारक महर्षि भृगु का अवतरण दिवस, 0

संसार के पहले समाज शास्त्र की रचना की : आग्नेय अस्त्रों का अविष्कार भी किया

जिनमें नारायण ने अपना स्वरूप को देखा उन महर्षि भृगु का अवतरण दिवस वैशाख पूर्णिमा है। वे ब्रह्मा द्वारा प्रथम मन्वंतर में उत्पन्न किये गये आठ...

हिन्दू समाज में समाप्त हो भेदभाव : नरेन्द्र ठाकुर जी 0

हिन्दू समाज में समाप्त हो भेदभाव : नरेन्द्र ठाकुर जी

लखनऊ हिंदू समाज में जाति, भाषा, प्रांत आदि के आधार पर भेदभाव समाप्त होना चाहिए। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण के कार्य में...

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… और आदि शंकर ने उस अनूठे व्यक्ति को अपना गुरु बना लिया

शंकराचार्य नित्य-प्रति गंगा में स्नान करके तर्पण किया करते थे। सूर्योदय से पूर्व उनकी संध्या-पूजा पूर्ण हो जाती। एक दिन सूर्योदय होते-होते वे पूजा समाप्त करके...