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विजयादशमी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ : संगठन, शक्ति और साधना

डॉ. भूपेन्द्र कुमार सुल्लेरे भारतीय परंपरा में विजयादशमी का पर्व केवल राम की रावण पर विजय का स्मरण नहीं है, बल्कि यह सत्य पर असत्य की, धर्म पर अधर्म की और संगठन पर बिखरी हुई शक्ति की विजय का प्रतीक है। श्रीगुरुजी (माधव सदाशिव गोलवलकर) इस पर्व को संघ के लिए विशेष महत्त्व का मानते…

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क्या है ये राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ?

क्या है ये राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ?

डॉ प्रवीण गुनानी आ सिंधु-सिंधु पर्यन्ता, यस्य भारत भूमिका.पितृभू-पुण्यभू भुश्चेव सा वै हिंदू रीति स्मृता. इस श्लोक के अनुसार “भारत के वह सभी लोग हिंदू हैं जो इस देश को पितृभूमि-पुण्यभूमि मानते हैं”वीर दामोदर सावरकर के इस दर्शन को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का मूलाधार बनाकर संघ का संगठन, संस्थापना करने वाले डा. केशव बलिराम हेडगेवार जी…

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भारतरत्न चंडिकादास अमृतराव देशमुख 'नानाजी'

भारतरत्न चंडिकादास अमृतराव देशमुख ‘नानाजी’

नानाजी देशमुख एक प्रख्यात समाज सुधारक थे जिन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता दिया। नानाजी का जन्म 11 अक्टूबर 1916 को शरद पूर्णिमा के दिन महाराष्ट्र के कडोली नामक ग्राम में एक मराठीभाषी देशस्थ ब्राह्मण परिवार में में हुआ था। आर्थिक अभाव मे बचपन में नानाजी ने अपनी स्कूली शिक्षा का खर्च उठाने…

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हैदराबाद की आजादी के लिए लड़ने वाला स्वयंसेवक, जिनसे CM ने मांगी थी सुरक्षा

हैदराबाद की आजादी के लिए लड़ने वाला स्वयंसेवक, जिनसे CM ने मांगी थी सुरक्षा

माधव राव ने कुछ स्वयंसेवकों को मुस्लिम पहचान देकर विभाजित पंजाब के शहरों में मुस्लिम लीग के प्रभाव वाले क्षेत्रों में तैनात कर दिया. ये लोग बताते थे कि कैसे पूरी तैयारी के साथ मुस्लिम लीग के लोग हिंदू बाहुल्य इलाकों की रिपोर्ट तैयार करते हैं, और फिर हमला करते थे. RSS के 100 सालों…

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जैविक खेती को बढ़ावा दें, गांवों को आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाएं – आलोक कुमार जी

बसेरा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ चित्तौड़ प्रांत के बसेरा में आयोजित “प्रभात ग्राम” विषयक तीन दिवसीय प्रांत स्तरीय कार्यशाला का समापन हुआ। समापन सत्र में सह सरकार्यवाह आलोक कुमार जी ने कहा कि नई पीढ़ी की रुचि और प्रकृति के अनुरूप कार्यों का नियोजन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अच्छे कार्य को प्रारंभ में…

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रूस में हिंदी का बढ़ता दायरा, भारत-रूस संबंधों को मिल रहा सांस्कृतिक आधार

मॉस्को: भारत और रूस के बीच संबंधों की पहचान लंबे समय से रणनीतिक साझेदारी, राजनीतिक विश्वास और आर्थिक सहयोग से होती रही है। अब इस रिश्ते का एक नया आयाम भाषा और शिक्षा के क्षेत्र में उभर रहा है। रूस के विश्वविद्यालयों में हिंदी के प्रति बढ़ती रुचि यह संकेत दे रही है कि भारत…

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विवेकानन्द केन्द्र के अध्यक्ष श्री ए. बालकृष्ण जी को विनम्र श्रद्धांजलि

विवेकानन्द केन्द्र के अध्यक्ष श्री ए. बालकृष्ण जी कर्मयोग की साक्षात् प्रतिमूर्ति थे, जिन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन स्वामी विवेकानन्द जी के विश्वबंधुत्व एवं सहिष्णुता के संदेश के प्रसार तथा राष्ट्र एवं समाज की सेवा में समर्पित कर दिया। बालकृष्ण जी का सरल जीवन, निःस्वार्थ सेवा, त्याग एवं हिन्दुत्व के प्रति उनकी अटूट निष्ठा भारतवासियों के…

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अटल बिहारी वाजपेयी : एक संक्षिप्त लेकिन प्रभावी जीवनी...

अटल बिहारी वाजपेयी : एक संक्षिप्त लेकिन प्रभावी जीवनी…

अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसम्बर 1924 को ग्वालियर में एक साधारण लेकिन संस्कारवान ब्राह्मण परिवार में हुआ। उनके पिता कृष्ण बिहारी वाजपेयी संस्कृत के विद्वान थे और माता कृष्णा देवी गृहिणी थीं। बचपन से ही अटल जी में गहरी संवेदनशीलता, स्पष्टवादिता और राष्ट्रभक्ति के संस्कार पनप रहे थे। विद्यार्थी जीवन में उन्होंने ग्वालियर…

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विभाजन विभीषिका दिवस

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस/अखंड भारत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना 1925 में हुई। 1930 में मुस्लिम लीग का अधिवेशन हुआ जहां पाकिस्तान की मांग की गई। पंजाब और सिंध के इलाकों में मुस्लिम लीग की गतिविधियां बढ़ती जा रही थी तो डॉक्टर हेडगेवार ने वहां संघ के कार्यों को प्रारंभ किया। इस नाते 1940 तक उन्होंने कई प्रवास किये और…

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भाऊराव देवरस: सजीव अस्तित्वरूप

भाऊराव देवरस: सजीव अस्तित्वरूप

भाऊराव देवरस लखनऊ आए थे। पुराने कुछ सहयोगी उनसे बात कर रहे थे। अचानक वे बोल पड़े, ‘सुनो! डॉ. हेडगेवार की पीढ़ी के लोग एक-एक कर चले गए। दो-चार बचे हैं। मेरा नंबर तो पहले है।’ यह बात है, 9 मार्च, 1992 की। कुछ दिनों बाद ही पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्मस्थली नगला चंद्रभान में…

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