Tagged: बेंगलुरु

निष्ठावान कार्यकर्ता हो. वे. शेषाद्रि 0

निष्ठावान कार्यकर्ता हो. वे. शेषाद्रि

आज तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का साहित्य हर भाषा में प्रचुर मात्रा में निर्माण हो रहा है; पर इस कार्य के प्रारम्भ में जिन कार्यकर्ताओं की...

राष्ट्रीय विचारों के प्रखर लेखक एच.वी. शेषाद्रि जी 0

राष्ट्रीय विचारों के प्रखर लेखक एच.वी. शेषाद्रि जी

इतिहास में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जो केवल संगठन का नेतृत्व नहीं करते बल्कि अपने विचार, लेखनी और जीवन-साधना से पीढ़ियों को दिशा देते हैं।...

गुणों का सागर थे अशोकराव मोडक – दत्तात्रेस होसबाले जी 0

गुणों का सागर थे अशोकराव मोडक – दत्तात्रेस होसबाले जी

मुंबई, 21 जनवरी 2026। प्राचार्य बी. एन. वैद्य सभागार, दादर पूर्व में तत्वचिंतक और संगठक, अभाविप के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा पूर्व विधायक श्रद्धेय स्व. डॉ....