‘कबीर यहु घर प्रेम का, खाला का घर नांहि’ – संत संत कबीरदास
संक्षिप्त परिचय इससे सिद्ध होता है कि संत कबीरदास वस्तुतः रामानंद के शिष्य थे और उन्हीं से उन्हें रामनाम का मंत्र मिला था। संत कबीरदास और...
हवन-तीर्थ-कीर्तन-दर्शन के चार पहियों पर हिन्दू धर्म की बैलगाड़ी चलती है और चलती रहेगी निरन्तर
यह स्थापना हिन्दी के प्रख्यात ललित निबन्धकार आचार्य कुबेरनाथ राय की भारतीय संस्कृति के प्रति गहरी आस्था और उनकी मौलिक चिन्तन-दृष्टि को प्रकट करती है। भारतीयता,...
आत्मशुद्धि का भारतीय पर्व गंगा दशहरा
भारत की सांस्कृतिक चेतना में गंगा दशहरा केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, प्रकृति-सम्मान और नैतिक जीवन का संदेश देने वाला महापर्व है। भारतीय संस्कृति...
