हवन-तीर्थ-कीर्तन-दर्शन के चार पहियों पर हिन्दू धर्म की बैलगाड़ी चलती है और चलती रहेगी निरन्तर
यह स्थापना हिन्दी के प्रख्यात ललित निबन्धकार आचार्य कुबेरनाथ राय की भारतीय संस्कृति के प्रति गहरी आस्था और उनकी मौलिक चिन्तन-दृष्टि को प्रकट करती है। भारतीयता, सनातन धर्म, लोकजीवन और विश्वबन्धुत्व जैसे विषयों पर उन्होंने अपने निबन्धों के माध्यम से गम्भीर तथा ललित भाष्य प्रस्तुत किए। हिन्दी साहित्य की आधुनिक विधा ललित निबन्ध को समृद्ध…