Tagged: स्वयंसेवक जीवन

जब केशवराव पहुँचे क्रांति की भूमि कलकत्ता 0

जब केशवराव पहुँचे क्रांति की भूमि कलकत्ता

प्रसन्नचित्त से केशवराव कलकत्ता पहुँचे। कलकत्ता उनकी दृष्टि में केवल महानगरी नहीं थी। वह आत्मबलिदान की वेदी थी। वहाँ के युवक मातृभूमि को विदेशी शासन से...

“बताया हुआ काम करना चाहिए पर उसका ढोल पीटने की आवश्यकता नहीं" 0

“बताया हुआ काम करना चाहिए पर उसका ढोल पीटने की आवश्यकता नहीं”

डॉक्टर जी अपनी बैठक में यह बार-बार बताते थे कि “बताया हुआ काम करना चाहिए पर उसका ढोल पीटने की आवश्यकता नहीं” तथा “यह कभी नहीं...

नागपुर में कार्यकर्ता विकास वर्ग द्वितीय का शुभारम्भ 0

नागपुर में कार्यकर्ता विकास वर्ग द्वितीय का शुभारम्भ

नागपुर, 11 मई 2026 ‘हम सब एक हैं’, यह एकत्व की अनुभूति वर्ग में प्राप्त होती है – अतुल लिमये जी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता...