अयोध्या धाम – ध्वजारोहण समारोह की तैयारियां
अयोध्या धाम – ध्वजारोहण समारोह की तैयारियां अयोध्या,11 नवम्बर। श्री राम जन्मभूमि मन्दिर पर विवाह पंचमी के दिन 25 नवम्बर को ध्वजारोहण के लिए आमंत्रित अतिथियों...
एक विराट संगठन का छठा महा अभियान
नरेन्द्र भदौरिया राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने 100 वर्षों की यात्रा में कई घुमावदार अवरोधों को बड़े कौशल से पार किया है। इस यात्रा में पाँच बड़े...
जीवनज्योत संघ ज्योति में एकरूप करने वाले ‘मधु भाई’
रमेश पतंगे मधु भाई ने एक दीप की आराधना की, वह दीप यानि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ। युवावस्था में आकर्षित करने वाली असंख्य विचारधाराएं थीं, परंतु मधु...
बंगाल फाइल्स से तिलमिलाई ममता
‘बंगाल फाइल्स’ पर ममता की कठोरता विवेक अग्निहोत्री ने ‘बंगाल फाइल्स’ के ट्रेलर लांच के लिए जो दिन चुना था, वो ममता दीदी को कैसे पचता...
भारतीय कृषि पद्धति और देशी गोवंश पालन से आत्मनिर्भरता हासिल होगी – डॉ. मोहन भागवत जी
छत्रपति संभाजीनगर, 23 अगस्त 2025। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि भारतीय खेती में आधुनिक तकनीक का उचित उपयोग करने...
सनातन परंपराओं के उत्थान से होगा भारत का उत्थान : क्षेत्र प्रचारक अनिल जी
सनातन परम्परा में सर्व हिन्दू समाज नीहित है,जिसमें सम्पूर्ण समाज को साथ में एकात्म भाव से लेकर चलता है। सनातन परंपराओं के उत्थान से ही भारत...
राष्ट्र की सेवा के लिए सदैव तैयार हैं स्वयंसेवक : अनिल जी
गोण्डा। पूरे देश में 105 स्थानों पर 60 हजार स्वयंसेवक प्रशिक्षण ले रहे हैं। संघ कार्य एक साधना है। यहां कठिन परिश्रम के साथ प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
‘धर्म, संस्कृति और समाज का संरक्षण कर राष्ट्र की सर्वांगीण उन्नति’ का लक्ष्य
ऑर्गनाइजर के संपादक प्रफुल्ल केतकर, पांचजन्य संपादक हितेश शंकर, मराठी साप्ताहिक विवेक की संपादक अश्विनी मयेकर और मलयालम दैनिक जन्मभूमि के सह संपादक एम. बालाकृष्णन ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत से विस्तृत बातचीत की।
Braveheart-Savarkar : शूरवीर सावरकर
बौद्धिक जांच और सत्य की खोज के लिए समर्पित यह पुस्तक लेखक द्वारा सावरकर के प्रति दिए गए बौद्धिक ऋण का आंशिक भुगतान है।
आर्य-द्रविड़ संघर्ष की झूठी कहानी अंग्रेजों ने रची : स्वांत रंजन जी
अंग्रेजों ने भारतीय समाज को भ्रमित करने के लिए एक नई परिभाषा गढ़ दी कि, आर्य बाहर से आए। भारत में द्रविड़ लोग रहते थे। आर्यों ने द्रविड़ों को परास्त कर दक्षिण में भेज दिया और अपना आधिपत्य जमा लिया।
