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बस्ती की 2500 महिलाओं ने गाया रामजी का सोहर, गिनीज बुक में दर्ज हुआ रिकॉर्ड

बस्ती की 2500 महिलाओं ने गाया रामजी का सोहर, गिनीज बुक में दर्ज हुआ रिकॉर्ड

भगवान वशिष्ठ की नगरी सोमवार की शाम सांस्कृतिक गरिमा और उत्साह का अद्भुत क्षण रहा। 2500 महिलाओं ने एक साथ रामजी का सोहर गाकर न सिर्फ इतिहास रचा बल्कि उसे गिनीज बुक में रिकॉर्ड दर्ज करा दिया। पारंपरिक परिधान में बहू-बेटियों व माताओं ने जब राजा दशरथ के घरवा आजु भईलें ललनवा…सोहर सुनाया तो पूरा प्रेक्षागृह भारतीय संस्कृति, लोक-संगीत और मातृशक्ति के गौरव से गूंज उठा।

पहल संस्था का यह कार्यक्रम नक्सलवाद के विरुद्ध चलाए गए निर्णायक प्रयासों और देश को हिंसा मुक्त देश में आगे बढ़ने के संकल्प के प्रति भी इस आयोजन में सांस्कृतिक समर्थन और लोक आशीर्वाद की भावना व्यक्त की गई। शुभारंभ श्रीराम चन्द्र कृपालु भजमन के गायन से हुआ।

गिनीज वर्ड रिकॉर्ड के लिए संस्था के प्रतिनिधि ऋषि नाथ ने तीन चरण में रामजी के सोहर को रिकॉर्ड कराया, उसके बाद इसकी घोषणा की। गायिका प्रतिमा यादव ने विविध सोहर गीत प्रस्तुत किया, सोने के खड़ऊंवा राजा दशरथ चलें खटर खटर.. ए मालिन आदि साेहर को महिलाओं ने एक साथ गाया।

महिलाओं ने बैठकर, नृत्य कर और ताली बजाकर लोक संस्कृति और संस्कारों को जीवंत किया। मंच और पंडाल में बहनों के बीच मनीष मिश्र ने राजा दशरथ के रूप में मौजूद रहकर खुद भी सोहर गाया ओर नृत्य किया। दशरथ की तीनों रानियों ने भी नृत्य कर खुशी मनाई।

पहल के संस्थापक मनीष मिश्र ने कहा कि बस्ती की मातृ शक्ति अपने पैरों पर खड़ी होकर रहेंगी। रामजी का पेड़ा और रामजी का झोला बनाकर यहां की महिलाओं ने बस्ती का नाम पूरे विश्व स्थापित किया है। बस्ती के विकास का ताला तोड़ने का कार्य किया है।
यह मातृशक्ति, लोक परंपरा और स्वावलंबन का उत्सव है। इस कार्यक्रम से पूरी दुनियां में यह संदेश गया है कि भारतीय संस्कृति आज भी गांव-गांव और घर-घर में जीवंत है।

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