सेवा भारती अवध प्रांत का “किशोरी विकास प्रशिक्षण वर्ग 2026” सफलतापूर्वक सम्पन्न
लखनऊ, 14 जून 2026।
सेवा भारती अवध प्रांत द्वारा आयोजित आठ दिवसीय “किशोरी विकास प्रशिक्षण वर्ग 2026” का सफल एवं प्रेरणादायी समापन लखनऊ स्थित महामना सरस्वती शिशु मंदिर, अर्जुनगंज में सम्पन्न हुआ। वर्ग में अवध प्रांत के विभिन्न जनपदों से आई 88 प्रतिभागी बहनों ने सहभागिता करते हुए व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व, संस्कार, आत्मनिर्भरता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व से संबंधित विविध विषयों का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
प्रथम दिवस (07 जून 2026)
वैदिक विधि से हुआ शुभारंभ, किशोरियों के सर्वांगीण विकास पर बल
वर्ग का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार, पूजन एवं हवन के साथ हुआ। उद्घाटन सत्र में डॉ. मंजुला उपाध्याय, प्राचार्या, नवयुग कन्या महाविद्यालय ने “किशोरियों का सर्वांगीण विकास एवं परिचय” विषय पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि किशोरावस्था जीवन का अत्यंत महत्वपूर्ण चरण है, जिसमें प्राप्त संस्कार, शिक्षा एवं अनुशासन भविष्य के व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं। उन्होंने प्रतिभागी बहनों को आत्मविश्वासी, स्वावलंबी एवं समाज के प्रति उत्तरदायी बनने का संदेश दिया।
द्वितीय दिवस (08 जून 2026)
भारतीय संस्कृति, सोलह श्रृंगार एवं मेहंदी कला का प्रशिक्षण
द्वितीय दिवस सुरभि दीदी (राष्ट्रीय सेवा भारती की केंद्रीय टोली की सदस्य) ने “भारतीय संस्कृति हमारी पहचान एवं जीवन का आधार” विषय पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति जीवन को मूल्य, संस्कार एवं कर्तव्यबोध प्रदान करती है।
संवाद सत्र में आदरणीय शारदा दीदी (संयुक्त पूर्णकालिक संयोजिका, पूर्वी एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश क्षेत्र) ने “सोलह श्रृंगार” विषय पर भारतीय परंपरा में नारी के महत्व एवं सांस्कृतिक स्वरूप को विस्तार से समझाया।
अपराह्न में आयोजित कार्यशाला में मेहंदी कला का प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिसमें प्रतिभागी बहनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का परिचय दिया।
तृतीय दिवस (09 जून 2026)
संगठन परिचय, पंचकोशीय विकास एवं राखी निर्माण का प्रशिक्षण
माननीय नवल जी भाईसाहब (अखिल भारतीय सह गो-सेवा प्रमुख, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) ने “संगठन का परिचय एवं किशोरी विकास की आवश्यकता” विषय पर मार्गदर्शन देते हुए संगठित शक्ति एवं सेवा कार्यों के महत्व को रेखांकित किया।
संवाद सत्र में डॉ. शालू बहन जी ने “पंचकोशीय विकास” विषय पर चर्चा करते हुए व्यक्तित्व के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक, भावनात्मक एवं आध्यात्मिक आयामों को समझाया।
कार्यशाला सत्र में राखी निर्माण का प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें बहनों ने स्वनिर्मित राखियां बनाकर आत्मनिर्भरता एवं सृजनशीलता का परिचय दिया।
चतुर्थ दिवस (10 जून 2026)
अनुशासन, पंच परिवर्तन एवं रक्तदान जागरूकता पर विशेष सत्र
चतुर्थ दिवस का शुभारंभ आदरणीय युद्धवीर जी (क्षेत्र सेवा प्रमुख, पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) एवं अभिषेक जी (प्रांत प्रचार प्रमुख, सेवा भारती अवध प्रांत) द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
बौद्धिक सत्र में युधवीर जी ने “जीवन में अनुशासन का महत्व एवं पंच परिवर्तन” विषय पर मार्गदर्शन देते हुए अनुशासन को सफलता एवं समाज परिवर्तन का आधार बताया।
संवाद सत्र में डॉ. संदीप तिवारी जी (विभागाध्यक्ष, ट्रॉमा सेंटर, केजीएमयू, लखनऊ) ने “रुग्ण मित्र” विषय पर चर्चा करते हुए रक्तदान के महत्व एवं मानव सेवा में उसकी भूमिका पर प्रकाश डाला।
कार्यशाला सत्र में हल्दी एवं मेहंदी से पारंपरिक आभूषण निर्माण का प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें प्रतिभागी बहनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
पंचम दिवस (11 जून 2026)
महिलाओं की भूमिका, आपदा प्रबंधन एवं तनाव प्रबंधन पर मार्गदर्शन
पंचम दिवस के बौद्धिक सत्र में डॉ. जया यादव दीदी (प्रांत कार्यकारिणी सदस्य, सेवा भारती अवध प्रांत) ने “परिवार एवं समाज में महिलाओं की भूमिका तथा योगदान” विषय पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि महिला परिवार एवं समाज की आधारशिला है तथा उसके संस्कार, नेतृत्व एवं संवेदनशीलता से समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव होता है।
संवाद सत्र में सूर्य प्रकाश तिवारी (प्रांत आपदा प्रबंधन प्रमुख, सेवा भारती अवध प्रांत) ने “आपदा प्रबंधन” विषय पर प्रशिक्षण देते हुए प्राकृतिक एवं मानवीय आपदाओं के समय सतर्कता, तत्परता, प्राथमिक उपचार तथा सेवा कार्यों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
कार्यशाला सत्र में प्रतिभागी बहनों को “संघर्ष एवं तनाव प्रबंधन” विषय पर मार्गदर्शन दिया गया। साथ ही “बेस्ट फ्रॉम वेस्ट” गतिविधि के माध्यम से अनुपयोगी वस्तुओं को उपयोगी सामग्री में परिवर्तित करने का प्रशिक्षण दिया गया। इस गतिविधि में बहनों ने अपनी रचनात्मकता एवं नवाचार क्षमता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
षष्ठम दिवस (12 जून 2026)
महिला सशक्तिकरण एवं किशोरावस्था की चुनौतियों पर हुआ संवाद
षष्ठम दिवस के बौद्धिक सत्र में माननीय देवेंद्र अवस्थाना जी (प्रांत सेवा प्रमुख, सेवा विभाग अवध प्रांत) ने “महिलाओं के लिए अवसर एवं चुनौतियां” विषय पर मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं के लिए अनेक अवसर उपलब्ध हैं, किन्तु उन्हें आत्मविश्वास, शिक्षा, कौशल विकास एवं दृढ़ संकल्प के माध्यम से चुनौतियों का सामना करते हुए आगे बढ़ना होगा।
संवाद सत्र में डॉ. प्रगति शुक्ला (सहायक प्रोफेसर, मानविकी विभाग, आईईटी कॉलेज, लखनऊ) ने “किशोरावस्था में चुनौतियां” विषय पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने किशोरावस्था के दौरान होने वाले मानसिक, भावनात्मक, सामाजिक एवं शारीरिक परिवर्तनों को समझाते हुए सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का संदेश दिया।
अपराह्न में आयोजित कार्यशाला में विभा तिवारी बहन जी द्वारा स्क्रंची निर्माण का प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागी बहनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए सुंदर एवं उपयोगी वस्तुओं का निर्माण किया तथा आत्मनिर्भरता एवं स्वरोजगार की संभावनाओं को समझा।
सप्तम दिवस (13 जून 2026)
मातृत्व, नेतृत्व एवं बालिका सुरक्षा विषयों पर विशेष मार्गदर्शन
सप्तम दिवस के बौद्धिक सत्र में माननीय मनोज जी भाईसाहब (क्षेत्र संपर्क प्रमुख, पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) ने “मातृत्व, नेतृत्व एवं कर्तृत्व” विषय पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि मातृत्व केवल परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज निर्माण एवं राष्ट्र निर्माण का भी महत्वपूर्ण आधार है। नेतृत्व एवं कर्तृत्व के माध्यम से महिलाएं समाज को नई दिशा प्रदान कर सकती हैं।
संवाद सत्र में रश्मि जी, अधिवक्ता (राष्ट्रीय सेवा भारती) ने “पॉक्सो अधिनियम” विषय पर जानकारी देते हुए बालिकाओं की सुरक्षा, उनके कानूनी अधिकारों तथा आत्मरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर बल दिया। उन्होंने बालिकाओं को किसी भी प्रकार के शोषण अथवा अपराध के विरुद्ध सजग एवं मुखर रहने का संदेश दिया।
अष्टम दिवस (14 जून 2026)
किशोरी विकास प्रशिक्षण वर्ग का भव्य समापन समारोह
सेवा भारती अवध प्रांत द्वारा आयोजित आठ दिवसीय “किशोरी विकास प्रशिक्षण वर्ग 2026” का समापन समारोह गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ।
समारोह के मुख्य वक्ता माननीय ओमपाल जी, प्रचारक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने कहा कि वर्ग में प्राप्त संस्कार, ज्ञान, कौशल एवं अनुभव को जीवन में उतारना ही प्रशिक्षण की वास्तविक सफलता है। उन्होंने प्रतिभागी बहनों का आह्वान किया कि वे अपने परिवार, समाज एवं राष्ट्र के प्रति दायित्वों का निर्वहन करते हुए सेवा, संस्कार एवं नेतृत्व के आदर्श स्थापित करें।
विशिष्ट अतिथि माननीय पवन सिंह चौहान जी, विधान परिषद सदस्य, उत्तर प्रदेश ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण वर्ग बालिकाओं एवं किशोरियों में आत्मविश्वास, राष्ट्रभावना, सामाजिक चेतना एवं नेतृत्व क्षमता विकसित करने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने सेवा भारती द्वारा संचालित विभिन्न सेवा कार्यों की सराहना करते हुए प्रतिभागी बहनों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
वर्गाधिकारी मंजू दीदी (मंत्री, दक्षिण भाग, लखनऊ) ने वर्ग का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए आठ दिनों की गतिविधियों, प्रशिक्षण सत्रों एवं उपलब्धियों की जानकारी दी।
समारोह में प्रतिभागी बहनों द्वारा देशभक्ति गीत, समूह गान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां एवं प्रेरक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिन्हें उपस्थित अतिथियों एवं दर्शकों ने सराहा।
अंत में सेवा भारती अवध प्रांत के अध्यक्ष रवीन्द्र सिंह गंगवार जी ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, प्रशिक्षकों, कार्यकर्ताओं, सहयोगियों एवं प्रतिभागी बहनों के प्रति आभार व्यक्त किया।
दीक्षांत एवं प्रमाण-पत्र वितरण
समापन समारोह के अंतर्गत आयोजित दीक्षांत सत्र में सभी 88 प्रतिभागी बहनों को प्रशिक्षण पूर्ण करने पर प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने बहनों को जीवन में प्राप्त प्रशिक्षण का सदुपयोग करते हुए समाज एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
समापन समारोह में प्रमुख उपस्थिति
समापन समारोह में देवेंद्र अवस्थाना जी (प्रांत सेवा प्रमुख, सेवा विभाग अवध प्रांत), मनोरमा दीदी (प्रांत उपाध्यक्ष, सेवा भारती अवध प्रांत), एम.बी.एस. रजावत जी (प्रांत कोषाध्यक्ष, सेवा भारती अवध प्रांत), अभिषेक जी (प्रांत प्रचार प्रमुख, सेवा भारती अवध प्रांत), सूर्य प्रकाश तिवारी जी (प्रांत आपदा प्रबंधन प्रमुख, सेवा भारती अवध प्रांत), जया दीदी (प्रांत सदस्य, सेवा भारती अवध प्रांत), कविता दीदी (प्रांत किशोरी विकास प्रमुख, सेवा भारती अवध प्रांत), मोहित जी (प्रांत सदस्य, सेवा भारती अवध प्रांत) तथा स्नेहलता जी (प्रांत सदस्य, सेवा भारती अवध प्रांत) सहित अनेक प्रांतीय पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त अवध प्रांत के विभिन्न विभागों एवं जिलों से विभाग सेवा प्रमुख,विभाग अध्यक्ष, विभाग महामंत्री,विभाग संगठन मंत्री, जिला सेवा प्रमुख,जिला अध्यक्ष, जिला महामंत्री, कार्यकारिणी सदस्य एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में समारोह में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में रोजगार भारती की उपाध्यक्ष श्रीमती संयुक्ता सिंह चौहान जी तथा निखिल गंगवार जी की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।
वर्ग की सफलता में सभी का महत्वपूर्ण योगदान
आठ दिवसीय किशोरी विकास प्रशिक्षण वर्ग के सफल आयोजन एवं संचालन में शारदा दीदी (संयुक्त पूर्णकालिक संयोजिका, पूर्वी एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश क्षेत्र) का विशेष योगदान रहा। उनके सतत प्रवास, मार्गदर्शन, प्रशिक्षण एवं संगठनात्मक समन्वय ने सम्पूर्ण वर्ग को दिशा प्रदान की। वर्ग की योजना से लेकर समापन तक उन्होंने प्रत्येक व्यवस्था पर निरंतर ध्यान देते हुए प्रतिभागी बहनों के सर्वांगीण विकास हेतु महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वर्ग के दौरान सेवा भारती अवध प्रांत के अध्यक्ष रवीन्द्र सिंह गंगवार जी तथा प्रांतीय महामंत्री रजनीश कुमार गुप्ता जी का समय-समय पर मार्गदर्शन प्राप्त होता रहा। उनके अनुभवपूर्ण सुझावों एवं दिशा-निर्देशों ने वर्ग के संचालन को अधिक व्यवस्थित, प्रभावी एवं उद्देश्यपूर्ण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मनोरमा दीदी (प्रांत उपाध्यक्ष, सेवा भारती अवध प्रांत) ने वर्ग के संचालन एवं मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण योगदान देते हुए समय-समय पर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। वहीं जया दीदी (प्रांत सदस्य, सेवा भारती अवध प्रांत) ने आत्मीय संवाद, संगठनात्मक सहयोग एवं प्रतिभागी बहनों के मार्गदर्शन के माध्यम से वर्ग को सशक्त एवं प्रेरणादायी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कविता दीदी (प्रांत किशोरी विकास प्रमुख, सेवा भारती अवध प्रांत) ने वर्ग की संपूर्ण योजना, प्रशिक्षण व्यवस्था, सत्रों के समन्वय एवं व्यवस्थाओं का दायित्व निभाते हुए वर्ग की सफलता में विशेष योगदान दिया।
वर्गाधिकारी मंजू दीदी (मंत्री, दक्षिण भाग, लखनऊ) ने वर्ग के दैनिक संचालन, अनुशासन, व्यवस्थाओं एवं गतिविधियों का कुशल नेतृत्व किया। वहीं मनीषा दीदी (सेवा भारती लखनऊ विभाग) ने प्रशिक्षण गतिविधियों, व्यवस्थाओं एवं प्रतिभागी बहनों के सतत मार्गदर्शन में सक्रिय भूमिका निभाई।
प्रचार-प्रसार एवं व्यवस्थाओं में विशेष सहयोग
वर्ग के सफल संचालन एवं व्यवस्थाओं में एम.बी.एस. रजावत जी (प्रांत कोषाध्यक्ष, सेवा भारती अवध प्रांत), अभिषेक जी (प्रांत प्रचार प्रमुख, सेवा भारती अवध प्रांत), अंशु दीदी (प्रांत मातृ प्रमुख,सेवा भारती अवध प्रांत), आलोक जी (महामंत्री, लखनऊ विभाग), आकाश जी (प्रचार प्रमुख, लखनऊ विभाग) तथा लखनऊ विभाग के समस्त संस्कारकर्ताओं एवं कार्यकर्ताओं का सराहनीय सहयोग प्राप्त हुआ।
वर्ग के प्रभावी प्रचार-प्रसार, मीडिया समन्वय एवं समाचार संकलन में अभिषेक जी (प्रांत प्रचार प्रमुख), जया दीदी (प्रांत सदस्य), ओमकर गौतम जी (प्रांत कार्यालय प्रमुख),आलोक जी (महामंत्री, लखनऊ विभाग) तथा आकाश जी (प्रचार प्रमुख, लखनऊ विभाग) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इनके सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप वर्ग की गतिविधियों, उपलब्धियों एवं उद्देश्यों का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार संभव हो सका।
वर्ग के सफल आयोजन में सुरेंद्र जी (महामना सरस्वती शिशु मंदिर, अर्जुनगंज एवं सेवा भारती लखनऊ विभाग सदस्य) का विशेष सहयोग एवं मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। आवास, भोजन, परिसर व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के सुचारु संचालन में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा, जिसके लिए सेवा भारती अवध प्रांत परिवार उनके प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता है।
राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल
आठ दिवसीय किशोरी विकास प्रशिक्षण वर्ग ने प्रतिभागी बहनों को केवल ज्ञान एवं कौशल ही नहीं प्रदान किया, बल्कि उनमें राष्ट्रभक्ति, सेवा भावना, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति आस्था को भी सुदृढ़ किया।
वर्ग के समापन अवसर पर सभी प्रतिभागी बहनों ने अपने जीवन में प्राप्त प्रशिक्षण को व्यवहार में उतारने, समाज के वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों के प्रति संवेदनशील रहने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।
सभी के सामूहिक प्रयास, संगठनात्मक समर्पण, सेवा भावना एवं सतत परिश्रम से यह “किशोरी विकास प्रशिक्षण वर्ग 2026” अत्यंत सफल, प्रेरणादायी एवं प्रभावी रूप से सम्पन्न हुआ।
सेवा भारती अवध प्रांत परिवार इस आयोजन से जुड़े सभी अतिथियों, वक्ताओं, प्रशिक्षकों, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, सहयोगियों एवं प्रतिभागी बहनों के प्रति अपनी हार्दिक कृतज्ञता एवं धन्यवाद ज्ञापित करता है।
“संस्कार, सेवा, स्वावलंबन एवं नेतृत्व के माध्यम से सशक्त किशोरी, सशक्त समाज और सशक्त राष्ट्र का निर्माण।”
वंदे मातरम्।

