कौसानी है भारत का शांत स्विट्‌जरलैंडकौसानी है भारत का शांत स्विट्‌जरलैंड

उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में समुद्र तल से लगभग 1890 मीटर की ऊँचाई पर बसा में #कौसानी भारत के सबसे खूबसूरत और शांत हिल स्टेशनों में से एक है। इसे महात्मा गांधी ने #स्विट्जरलैंड_ऑफ_इंडिया कहा था, क्योंकि यहाँ से हिमालय की बर्फीली चोटियाँ इतनी निकट और स्पष्ट दिखाई देती कि लगता है जैसे हाथ बढ़ाकर छू ली जाएँ। त्रिशूल, नंदा देवी, पंचचूली और नंदा कोट जैसी प्रमुख चोटियाँ सूर्योदय और सूर्यास्त के समय सुनहरे-गुलाबी रंगों नहा जाती हैं, जो देखने वाले को मंत्रमुग्ध कर देती हैं।

कौसानी की सबसे बड़ी खासियत इसकी प्राकृतिक शांति और कम भीड़ है। यहाँ कोई शोरगुल नहीं, कोई ट्रैफिक जाम नहीं बस हल्की ठंडी हवा, चीड़-देवदार के जंगल और दूर-दूर तक फैला हिमालय का पैनोरमिक दृश्य। गांधीजी ने 1929 में अनासक्ति आश्रम में कुछ समय बिताया था और यहीं से अपनी प्रसिद्ध पुस्तक अनासक्ति योग की रचना की। आज भी अनासक्ति आश्रम पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण है, जहाँ गांधीजी के कमरे को संग्रहालय के रूप में संरक्षित किया गया है।

कौसानी में घूमने लायक कई जगहें हैं। अनासक्ति आश्रम के अलावा लक्ष्मी आश्रम (कस्तूरबा गांधी द्वारा स्थापित, जहाँ ग्रामीण लड़कियों को प्रशिक्षण दिया जाता है), पंत संग्रहालय (कवि सुमित्रानंदन पंत का जन्मस्थान और उनका स्मृति संग्रह), कौसानी चाय बागान (जहाँ आप ताजी चाय के साथ हिमालय व्यू का मजा ले सकते हैं), और स्टारगेट वेधशाला (रात्रि में तारों को देखने के लिए) प्रमुख हैं। आसपास कोट ब्रह्मरी देवी मंदिर, बैजनाथ मंदिर (प्राचीन शिव मंदिर) और रुद्रनाथ जैसे धार्मिक स्थल भी हैं, जो ट्रेकिंग प्रेमियों को आकर्षित करते हैं।

मौसम की बात करें तो कौसानी साल भर सुंदर रहता है, लेकिन अक्टूबर से फरवरी तक का समय सबसे खास माना जाता है। इस दौरान आसमान पूरी तरह साफ रहता है, हिमालय की चोटियाँ बिलकुल करीब लगती हैं और दिसंबर-जनवरी-फरवरी में हल्की से मध्यम बर्फबारी भी होती है, जो पूरे इलाके को सफेद चादर ओढ़ा देती है। सर्दियों में तापमान 2 से 15 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है, जो ठंडक के साथ सुकून देता है।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *