स्वाधीनता के अमृत काल में ‘स्व’ को जगाने की आवश्यकता है – जे. नंदकुमार जी
जयपुर। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के अंतिम दिन चारबाग में पुस्तक परिचर्चा सत्र में प्रज्ञा प्रवाह के अखिल भारतीय संयोजक जे. नंदकुमार जी की पुस्तक ‘नेशनल सेल्फहुड...
निःस्वार्थ बुद्धि और ईमानदारी से देशहित में किया जाने वाला प्रत्येक कार्य संघ का ही कार्य है – डॉ. मोहन भागवत जी
राजकोट, 19 जनवरी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने आज राजकोट के सेवा भारती भवन में सौराष्ट्र-कच्छ की युवा प्रतिभाओं के साथ...
प्रौद्योगिकी का उपयोग समाजहित में होना चाहिए – डॉ. मोहन भागवत जी
छत्रपति संभाजीनगर, 17 जनवरी 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने युवा उद्यमी संवाद में कहा कि प्रौद्योगिकी आज की अपरिहार्य आवश्यकता...
भारत के अच्छे भविष्य के लिए हिन्दू समाज जिम्मेदार है – डॉ. मोहन भागवत जी
गंगापुर, छत्रपति संभाजीनगर (16 जनवरी 2026)। हिन्दू धर्म, परंपरा, संस्कृति और मूल्यों की रक्षा हेतु हिन्दू सम्मेलन समिति, गंगापुर ने भव्य “हिन्दू सम्मेलन” का आयोजन किया।...
ब्रज प्रांत के पुनर्निर्मित कार्यालय ‘माधव भवन’ का भव्य लोकार्पण संपन्न
आगरा, 15 जनवरी 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, ब्रज प्रान्त कार्यालय ‘माधव भवन’ के लोकार्पण कार्यक्रम में शारदा पीठाधीवश्वर जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम जी महाराज ने कहा...
आतंकी मॉड्यूल पर एक्शन; जम्मू कश्मीर में आतंकियों के समर्थक 5 सरकारी कर्मचारी बर्खास्त
जम्मू-कश्मीर। प्रदेश में आतंकवाद के खिलाफ चल रहे अभियान के क्रम में उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक बार फिर सख्त कार्रवाई की है। संदेश दिया गया...
युवा अच्छा सोचें, अच्छा बोलें, अच्छा करें; यही सच्ची देशभक्ति है – रामलाल जी
सागर। डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती सभागार में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जिला सागर द्वारा संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में “युवा-संवाद” कार्यक्रम का आयोजन...
बच्चों को सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभावों से बचाने के लिए उन्हें भारतीय संस्कृति से जोड़ना आवश्यक – दत्तात्रेय होसबाले जी
धर्मजागरण समाज का कार्य है, जिसे समाज को स्वयं करना होगा – सरकार्यवाह जी रांची, 12 जनवरी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी का...
भारत भूमि के योद्धा-संन्यासी, महान विचारक : स्वामी विवेकानन्द
भारत, प्राचीन काल से ही सम्पूर्ण विश्व के लिए एक अलौकिक पुण्यभूमि रहा है, जहाँ ऋषि-मुनियों, महापुरुषों, वैज्ञानिकों, विचारकों और समाज सुधारकों ने जन्म लेकर न...
“स्वराज्य की जननी: जीजाबाई”
“महिलाओं के कारण ही पुरुषों का अस्तित्व एवं उत्थान सम्भव है। जीजाबाई से शिवाजी, कुन्ती से पाण्डव और कौशल्या से राम का अस्तित्व था।“ ये बात...
