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गांव की प्रतिभाओं को मिली पहचान, खेत-खलिहान से भरी आईआईटी की उड़ान

लखनऊ, 21 अप्रैल (हि.स.) खेतों की पगडंडियों से उठकर आईआईटी के सपनों तक पहुंचने की यह कहानी केवल सफलता की नहीं, बल्कि संघर्ष, संकल्प और सही मार्गदर्शन की ताकत का जीवंत उदाहरण है। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद अर्जुनगंज स्थित महामना शिक्षण संस्थान के छात्रों ने जेईई मेन्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते…

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आदि शंकराचार्य: अद्वैत दर्शन और वैदिक धर्म के पुनर्जागरण के महान प्रवर्तक

शंकराचार्य के जीवन का प्रधान लक्ष्य वैदिक धर्म की प्रतिष्ठा तथा प्रचार था। उन्होंने अपने प्रखर व्यक्तित्व के बल पर इन समस्त अवैदिक अथवा अर्धवैदिक तथा नास्तिक सिद्धान्तों को जन सामान्य में अलोकप्रिय बना दिया और उनकी निःसारता प्रमाणित कर दी तथा वेद-प्रतिपाद्य अद्वैतमत का विपुल सृजन कर वैदिक धर्म को लोकप्रिय बना दिया। यही…

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ईश्वर का साक्षात् अनुभव करने वाले सूरदास

यह कथा केवल एक महान कवि की नहीं, बल्कि एक ऐसे संत की भी है, जिनकी वाणी आज भी हर भक्त के हृदय में गूंजती है। माना जाता है कि सूरदास का जन्म 1478 ईस्वी में रुणकता या सीही गाँव में सारस्वत ब्राह्मण परिवार में हुआ था। सूरदास जन्म से नेत्रहीन थे। सूरदास के पिता…

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संस्कृत भारत का प्राण है और वैश्विक धरोहर : डॉ. मोहन भागवत जी

नई दिल्ली। दिल्ली स्थित दीनदयाल मार्ग पर संस्कृत भारती के नव निर्मित कार्यालय का उद्घाटन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने किया। उपस्थित जनजमूह को सम्बोधित करते हुए सरसंघचालक जी ने कहा कि, अक्षय तृतीया जैसे शुभ मुहूर्त पर ‘प्रणव’ कार्यालय का लोकार्पण अत्यन्त आनन्ददायक और शुभ संकेत है। यह सत्य…

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थ्राइव सम्मेलन 2026: माननीय सरकार्यवाह जी के विज्ञान, ज्ञान-प्रणालियाँ और सभ्यतागत नेतृत्व पर विचार

कैलिफ़ोर्नियाराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने थ्राइव सम्मेलन 2026 में “विज्ञान, ज्ञान-प्रणालियाँ एवं सभ्यतागत नेतृत्व” विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। यह सम्मेलन स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय, अमेरिका में आयोजित हुआ, जहाँ वैश्विक स्तर पर होसबाले जी और नवाचार से जुड़े विशेषज्ञ एकत्र हुए। अपने संबोधन की शुरुआत में उन्होंने ग्लोबल साइंस एंड इनोवेशन…

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बाबा साहब अंबेडकर और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ: सामाजिक समरसता का आधार

सामाजिक समरसता के अग्रदूत बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को लेकर अपनत्व की भावना रखते थे और विश्वास करते थे कि यह संगठन सामाजिक परिवर्तन का आंदोलन बनेगा। उन्हें विश्वास था कि संघ हिन्दू समाज में एकजुटता और सामाजिक समरसता लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। बाबा साहब डॉ. अंबेडकर संघ…

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संघ समाज को जोड़ने वाला 100 वर्षों का सशक्त अभियान – राम माधव जी

जबलपुर। संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त नर्मदा भाग में प्रमुख जन गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी का शुभारम्भ भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन से हुआ। तत्पश्चात राष्ट्रगीत “वंदे मातरम्” का सामूहिक गायन हुआ। मुख्य वक्ता राम माधव जी ने कहा कि संघ विश्व का एकमात्र ऐसा संगठन है जो…

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रामनगरी होगी बैरियर मुक्त, आवागमन होगा निर्बाध

आम लोगों का दैनिक जीवन नगर के 52 वैरिकेडिंग से लगातार हो रहा था बाधित, वाहन से निकलना था कठिन| अयोध्या रामनगरी बैरियर मुक्त होगी और आवागमन निर्बाध होगा। नगरी की सुरक्षा व्यवस्था विभिन्न नाका-नुक्कड़ों पर स्थापित 52 बैरियरों और चार वाच टावरों से संचालित है। यद्यपि यह नगरी की सुरक्षा संबंधी संवेदनशीलता एवं सुरक्षा…

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महर्षि पराशर

आप प्राचीन भारत के एक अत्यन्त प्रतिष्ठित ऋषि, महान दार्शनिक और ज्योतिष शास्त्र के स्तम्भ माने जाते हैं। वे सप्तऋषियों की परम्परा से जुड़े हैं और वेदव्यास के पिता थे। उनकी विद्वत्ता और आध्यात्मिक शक्ति के कारण उन्हें ‘महर्षि’ की उपाधि प्राप्त है। ​महर्षि पराशर का योगदान केवल आध्यात्म तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने…

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सेवा कार्य में समाज को भी सक्रिय सहभागी होना चाहिए – डॉ. मोहन भागवत जी

पुणे, १६ अप्रैल २०२६।नांदोशी में ‘लता-आशा मंगेशकर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस’ के भूमि पूजन समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि निःस्वार्थ बुद्धि और प्रामाणिकता हो, तभी सेवाकार्य सफल होते हैं। सच्ची सेवा अपनेपन के भाव से ही पैदा होती है और इसी अपनेपन के कारण समाज में…

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