Headlines
शोधार्थियों और विश्वविद्यालयों का समाज से सीधा संवाद होना चाहिए – डॉ. मोहन भागवत जी

शोधार्थियों और विश्वविद्यालयों का समाज से सीधा संवाद होना चाहिए – डॉ. मोहन भागवत जी

जयपुर, 16 नवंबर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि समाज किन बातों से लाभान्वित होता है, यह समझने के लिए शोधार्थियों और विश्वविद्यालयों को समाज से सीधा संवाद बढ़ाना होगा। कुछ विषय केवल ज्ञान के होते हैं, जबकि कई विषय समाज के उपयोग और उत्थान से जुड़े होते हैं।…

Read Full News
सद्भावना भारत का स्वभाव है – डॉ. मोहन भागवत जी

सद्भावना भारत का स्वभाव है – डॉ. मोहन भागवत जी

जयपुर, 14 नवम्बर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि सद्भावना भारत का स्वभाव है। नियम और तर्क के आधार पर समस्याएं ठीक नहीं हो सकती, इसके लिए सद्भावना चाहिए और हमें यही काम करना है। उन्होंने कहा कि स्वार्थ भावना यह दुनिया का स्वभाव है। स्वार्थ भावना के आधार…

Read Full News
“राष्ट्रभक्ति के दो ध्रुव: नेताजी सुभाष चंद्र बोस और डॉ. हेडगेवार — दो राहें, एक लक्ष्य”

“राष्ट्रभक्ति के दो ध्रुव: नेताजी सुभाष चंद्र बोस और डॉ. हेडगेवार — दो राहें, एक लक्ष्य”

दो महान विद्वान-सह-एक्टिविस्ट, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार समकालीन थे; लेकिन वे क्षेत्र और करियर के मामले में अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे थे, फिर भी उनमें भक्ति का एक ही भाव था। उनकी समानताओं को देखते हुए, एक नज़र इस तरह डाली जा सकती है – दोनों ने रामकृष्ण,…

Read Full News
दुनिया को दिखाना होगा कि सहयोग, नैतिकता और सबको साथ लेकर चलने वाले सिस्टम से भी तरक्की सम्भव- डॉ. मोहन भागवत जी, RSS सरसंघचालक

दुनिया को दिखाना होगा कि सहयोग, नैतिकता और सबको साथ लेकर चलने वाले सिस्टम से भी तरक्की सम्भव- डॉ. मोहन भागवत जी, RSS सरसंघचालक

RSS सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने बेंगलुरु इंटरनेशनल एग्जीबिशन सेंटर (BIEC), बेंगलुरु में IMS फाउंडेशन के सहयोग से लघु उद्योग भारती कर्नाटक द्वारा आयोजित इंडिया मैन्युफैक्चरिंग शो – IMS2025 के 7वें एडिशन में दौरा किया और संबोधित किया।RSS सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी कहा कि, वैश्विक आर्थिक उतार-चढ़ाव का अक्सर भारत पर सीमित असर…

Read Full News
दुनिया संकट में है, अब वह भारत की तरफ देख रही है : डॉ. मोहन भागवत 

दुनिया संकट में है, अब वह भारत की तरफ देख रही है : डॉ. मोहन भागवत 

जबलपुर। बोचासनवासी अक्षर पुरूषोत्तम स्वामीनारायण (BAPS) श्री स्वामिनारायण संस्था द्वारा आयोजित पाँच दिवसीय “जीवन उत्कर्ष महोत्सव” का भव्य शुभारंभ आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के परम् पूज्यनीय सरसंघचालक डॉ. मोहन जी भागवत ने होटल विजन महल, जबलपुर में भक्तिभाव, संस्कार और उत्साहपूर्ण वातावरण में किया।  वर्तमान परिदृश्य में पूरी दुनिया संकट में है और भारत की तरफ…

Read Full News
राष्ट्रगीत वंदेमातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर दत्तात्रेय होसबाले जी का वक्तव्य

राष्ट्रगीत वंदेमातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर दत्तात्रेय होसबाले जी का वक्तव्य

राष्ट्रगीत वंदेमातरम् के 150 वर्ष मातृभूमि की आराधना और संपूर्ण राष्ट्र जीवन में चेतना का संचार करने वाले अद्भुत मन्त्र “वंदेमातरम्” की रचना के 150 वर्ष पूर्ण होने के शुभ अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राष्ट्रगीत के रचयिता श्रद्धेय बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय को कृतज्ञतापूर्वक स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करता है। 1875 में रचित…

Read Full News
राष्ट्रगीत वंदेमातरम् के 150 वर्ष पर माननीय सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबाले जी का वक्तव्य

राष्ट्रगीत वंदेमातरम् के 150 वर्ष पर माननीय सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबाले जी का वक्तव्य

राष्ट्रगीत वंदेमातरम् के 150 वर्ष मातृभूमि की आराधना और संपूर्ण राष्ट्र जीवन में चेतना का संचार करने वाले अद्भुत मन्त्र “वंदेमातरम्” की रचना के 150 वर्ष पूर्ण होने के शुभ अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राष्ट्रगीत के रचयिता श्रद्धेय बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय को कृतज्ञतापूर्वक स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करता है। 1875 में रचित…

Read Full News
धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा का 150 वाँ जन्म वर्ष...माननीय सरकार्यवाह जी का वक्तव्य

धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा का 150 वाँ जन्म वर्ष…माननीय सरकार्यवाह जी का वक्तव्य

 माननीय सरकार्यवाह जी का वक्तव्य धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा का 150 वाँ जन्म वर्ष भारत के गौरवशाली स्वाधीनता संग्राम में जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों व योद्धाओं की एक दीर्घ परंपरा रही है और उनका योगदान अविस्मरणीय रहा है। भगवान बिरसा मुंडा का इस स्वतंत्रता संग्राम के श्रेष्ठतम नायकों, योद्धाओं में विशेष स्थान है। 15 नवंबर 1875…

Read Full News
श्री गुरुतेगबहादुर जी - भारतीय परंपरा के दैदीप्यमान नक्षत्र

श्री गुरुतेगबहादुर जी – भारतीय परंपरा के दैदीप्यमान नक्षत्र

माननीय सरकार्यवाह जी का वक्तव्य सिख परम्परा के नवम गुरु, श्री गुरुतेगबहादुर जी की शहादत के 350 वें प्रेरणादायी दिवस पर इस वर्ष विभिन्न धार्मिक-सामाजिक संस्थाओं सहित भारत के सम्पूर्ण समाज द्वारा श्रद्धा एवं सम्मान के साथ अनेकानेक कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है। संघर्ष के उस कालखंड में भारत का अधिकांश भू-भाग विदेशी शासक औरंगजेब के…

Read Full News
जीवन और कार्य की एकरूपता

जीवन और कार्य की एकरूपता

सन 1949 के दिन थे। संघ से प्रतिबंध हटने के पश्चात् श्री गुरुजी देशभर में आयोजित स्वागत कार्यक्रमों को संपन्न करके कुछ दिनों के लिए काशी में रहे थे। काशी में सदा की तरह उनके ठहरने की व्यवस्था श्री दत्तराज कालिया (काले) के निवास पर हुई थी। काशी में उनका पूर्ण विश्राम हो, यह ध्यान…

Read Full News