Category: सम्‍पादकीय

भारतीय कृषि पद्धति और देशी गोवंश पालन से आत्मनिर्भरता हासिल होगी – डॉ. मोहन भागवत जी

भारतीय कृषि पद्धति और देशी गोवंश पालन से आत्मनिर्भरता हासिल होगी – डॉ. मोहन भागवत जी

छत्रपति संभाजीनगर, 23 अगस्त 2025। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि भारतीय खेती में आधुनिक तकनीक का उचित उपयोग करने के साथ ही पशुपालन…

Operation Sindoor : पाकिस्तान का कबूलनामा और राहुल का दर्द

Operation Sindoor : ऑपरेशन सिंदूर को लेकर पाकिस्तान से नित नये खुलासे हो रहे हैं। पहली बार पाकिस्तान स्वयं सबूतों के साथ क़ुबूल कर रहा है कि भारत की सेना…

हिन्दू साम्राज्य दिवस : हिंदू पद पादशाही की स्थापना का उत्सव

हिन्दू साम्राज्य दिवस : हिन्दू साम्राज्य दिवसोत्सव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा मनाया जाने वाला एक विशिष्ट उत्सव है।

Operation Sindoor : ऑपरेशन सिन्दूर से आतंक का सफाया या नास्तिकता का प्रतीक है आतंकवाद

Operation Sindoor : पाकिस्तान, हिन्दुस्तानियों से भविष्य में भय खाएगा और कोई भी घटना को अंजाम देने से पहले अपनी मौत को दावत देगा।

Jatigat Janganana : ऐतिहासिक निर्णय है जातिगत जनगणना

पहलगाम आतंकी हमले के पश्चात प्रधानमंत्री जी ने कड़ा रुख अपनाया है और कहा है, हम आतंकवादियों तथा उनके पीछे छुपे लोगों का धरती के अंत तक पीछा करेंगे और…

Sita Navami : धरती की कोख से प्रकटी सर्वलक्षणलक्षिता कन्या ने अपनी कांति से धरती पर वैकुंठ उतारा

Sita Navami : धर्मशील, ज्ञानी और गुणीजनों के इस नगर में, विदेहों की परम्परा में, जीवनमुक्तों की सरणि में, जनकों के वंश में कभी शीरध्वज नाम के राजा हुए। उन्होंने…

राजस्‍थान : शौर्य एवं साहित्‍य

पराक्रम और शौर्य सिर्फ युद्ध कौशल का अंग नहीं है वरन् मीलों चलकर अपने सर पर घड़ों में पानी लाती स्त्री का यह कार्य भी शौर्य की कोटि में आता…

Shri Ramanujacharya Jayanti : समरसता के दार्शनिक श्रीरामानुजाचार्य

चौदहवीं शताब्दी से उत्तर भारत में प्रकट हुई भक्ति की पवित्र मन्दाकिनी का स्रोत रामानुजाचार्य और उनके विशिष्टाद्वैतवाद का दर्शन है।

Shankracharya Jyanti : श्रीमदाद्यशंकराचार्य ने समरस समाज बनाने का लिया था अखिल संकल्‍प

Shankracharya Jyanti : नारियल सुपारी आम्र और कदली के वृक्षों से सुशोभित केरल के कालड़ी ग्राम में नम्बूदरी ब्राह्मण चूड़ामणि शिवगुरु व विशिष्टा देवी के यहाँ ईसा पूर्व 508 वैराख…