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विवेकानन्द केन्द्र के अध्यक्ष श्री ए. बालकृष्ण जी को विनम्र श्रद्धांजलि

विवेकानन्द केन्द्र के अध्यक्ष श्री ए. बालकृष्ण जी कर्मयोग की साक्षात् प्रतिमूर्ति थे, जिन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन स्वामी विवेकानन्द जी के विश्वबंधुत्व एवं सहिष्णुता के संदेश के प्रसार तथा राष्ट्र एवं समाज की सेवा में समर्पित कर दिया। बालकृष्ण जी का सरल जीवन, निःस्वार्थ सेवा, त्याग एवं हिन्दुत्व के प्रति उनकी अटूट निष्ठा भारतवासियों के…

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गुरुजी गोलवलकर : एक असाधारण व्यक्तित्व

गुरुजी गोलवलकर : एक असाधारण व्यक्तित्व

आज से ठीक 6 वर्ष पूर्व एक वर्षा-आँधी वाली रात मेरे एक सहयोगी ने मुझे फोन किया और पूछा कि क्या श्री गुरुजी गोलवलकर जी की डॉक्टरी परीक्षा करने का समय दे सकता हूँ। अगले प्रातः मैं उन्हें देखने चल दिया। कार की गति के साथ अनेक विचार भी मेरे मस्तिष्क में दौड़ रहे थे।…

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उपासना पद्धति अलग हो सकती है, लेकिन हमारे पूर्वज और मूल एक ही हैं – दत्तात्रेय होसबाले जी

उपासना पद्धति अलग हो सकती है, लेकिन हमारे पूर्वज और मूल एक ही हैं – दत्तात्रेय होसबाले जी

संतकबीरनगर। हिन्दू समाज की एकता, सामाजिक समरसता एवं सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मंगलवार को जनपद में हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी रहे। उन्होंने सामाजिक एकता, राष्ट्रहित और संगठनात्मक चेतना पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम की अध्यक्षता संत कबीर मठ…

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संघ की अखिल भारतीय समन्वय बैठक, जोधपुर, राजस्थान, में सितंबर 5-7, 2025 को होगी।

संघ की अखिल भारतीय समन्वय बैठक, जोधपुर, राजस्थान, में सितंबर 5-7, 2025 को आयोजित होगी। इस वर्ष अखिल भारतीय समन्वय बैठक (राष्ट्रीय स्तर की समन्वय बैठक) का आयोजन जोधपुर, राजस्थान में विक्रम संवत 2082, भाद्रपद शुक्ल त्रयोदशी, चतुर्दशी और पूर्णिमा यानी 5, 6 और 7 सितंबर 2025 को किया जा रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ…

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भारत की राष्ट्रीय चेतना आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आधार पर निर्मित है – दत्तात्रेय होसबाले जी

भारत की राष्ट्रीय चेतना आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आधार पर निर्मित है – दत्तात्रेय होसबाले जी

भरतपुर, 22 फरवरी। संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त रविवार को भरतपुर में आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने कहा कि भारत की राष्ट्रीय चेतना आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आधार पर निर्मित है तथा विविध अभिव्यक्तियों के बावजूद उसकी सांस्कृतिक आत्मा एक है। इस एकत्व की भावना को ही…

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रामनवमी के मौके पर हुआ रामलला का सूर्य तिलक, जानिए क्या होता है सूर्य तिलक, कैसे सूरज की किरणें करती हैं प्रभु राम का अभिषेक

रामनवमी पर हुआ रामलला का सूर्य तिलक, जानिए क्या होता है सूर्य तिलक, कैसे सूरज की किरणें करती हैं प्रभु राम का अभिषेक

Surya Tilak on Ram Navami: रामनवमी के सबसे खास अवसर पर दोपहर ठीक 12 बजे रामलला का सूर्य तिलक किया गया, जिसने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया. यह दिव्य दृश्य करीब 4 मिनट तक रहा, जिसे देखकर सभी भक्त मंत्र मुग्ध हो गए. कैसे होता है सूर्य तिलक? What is Surya Tilak: आज रामनवमी के पावन…

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देश में राष्ट्र प्रथम का भाव एवं पंच परिवर्तन का स्वभाव बने: प्रांत संघचालक सरदार स्वर्ण सिंह

देश में राष्ट्र प्रथम का भाव एवं पंच परिवर्तन का स्वभाव बने: प्रांत संघचालक सरदार स्वर्ण सिंह

लखनऊ : अवध प्रान्त के प्रांत संघचालक सरदार स्वर्ण सिंह एवं सह प्रांत कार्यवाह संजय सिंह ने समालखा हरियाणा में आयोजित अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के संदर्भ में मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मीडिया सेंटर विश्व संवाद केन्द्र जियामऊ लखनऊ में आयोजित प्रेसवार्ता में बैठक में संगठन कार्य के विस्तार, राष्ट्र हित में समाज…

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संघ की दृष्टि पूर्णतया भारतीय चिंतन पर आधारित है – डॉ. मोहन भागवत जी

संघ की दृष्टि पूर्णतया भारतीय चिंतन पर आधारित है – डॉ. मोहन भागवत जी

गोरखपुर, 15 फरवरी 2026। संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गोरक्ष प्रांत की ओर से तारामंडल स्थित बाबा गम्भीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि संघ की दृष्टि पूर्णतया भारतीय चिंतन पद्धति से ही विकसित हुई है। आज समाज में…

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'अहम् पितरं सुवे' 'अहं सुवे पितरम्'

‘अहम् पितरं सुवे’ ‘अहं सुवे पितरम्’

ऋग्वेद दशम मण्डल ‘देवी-सूक्त’ में यह स्वयं देवी का वचन है। पितृ तत्व नित्य है। यह कोई अनुपस्थित की क्षणिक उपस्थिति नहीं है। यह अस्तित्व के बाद का काव्यात्मक या भावात्मक नैरन्तर्य नहीं यह नित्य उपास्य प्राण का ही स्वरूप है। भारतीय उत्सवजीविता उत्सवधर्मिता, इसको जरा डूब कर देखें। पितृपक्ष हो या सर्वपितृ अमावस्या यह…

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