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संघ ने 100 वर्षों में समाज को सकारात्मक दिशा दी : स्वान्तरंजन जी

संघ ने 100 वर्षों में समाज को सकारात्मक दिशा दी : स्वान्तरंजन जी

• संघ की गौरवशाली 100 वर्षों की विचार यात्रा पर अभाविप ने भव्य प्रदर्शनी का किया उद्घाटन लखनऊ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ध्येय यात्रा के गौरवशाली 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, अवध प्रांत द्वारा आज लखनऊ के कैसरबाग स्थित अभाविप क्षेत्रीय कार्यालय में भव्य प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया।…

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मराठी से संस्कृत भाषा में संघ-प्रार्थना के बदलने की कहानी

मराठी से संस्कृत भाषा में संघ-प्रार्थना के बदलने की कहानी

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जी ने साथियों के साथ मिलकर संघ की नियमित शाखाओं में जन्मभूमि को नमन करती हुई एक प्रार्थना तैयार की क्योंकि, उन दिनों नागपुर में मराठी और हिन्दी भाषा मिश्रित रुप से बोली जाती थी। इसलिए संघ की प्रार्थना भी हिन्दी के कुछ शब्दों के साथ…

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जबलपुर में होगी अखिल भारतीय कार्यकारी मण्डल की बैठक

जबलपुर में होगी अखिल भारतीय कार्यकारी मण्डल की बैठक

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघअखिल भारतीय कार्यकारी मण्डल बैठकजबलपुर, महाकौशल प्रांत30-31 अक्तूबर एवं 1 नवम्बर 2025दिनांक – 14 अक्तूबर 2025 राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रतिवर्ष होने वाली ‘अखिल भारतीय कार्यकारी मण्डल’ बैठक इस संघ शताब्दी वर्ष में मध्य प्रदेश के महाकौशल प्रांत में, जबलपुर शहर में युगाब्द 5127, विक्रमी संवत 2082, कार्तिक शुक्ल अष्टमी, नवमी एवं दशमी अर्थात…

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संघ शताब्दी वर्ष – संघ की स्थापना एक दैवीय संयोग

संघ एक ऐसा संगठन है जो विशुद्ध भारत, भारतीयता, और भारतीयों के लिए कार्य करता है और राष्ट्र निर्माण और राष्ट्र प्रथम के अतिरिक्त इसके केंद्र बिंदु में और कोई भी विचार नहीं है। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं से सम्पर्क के बाद मेरे जीवन को एक नई सकारात्मक दिशा मिली है। यह एक दैवीय प्रवृत्ति है कि…

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महिला समन्वय की अखिल भारतीय बैठक 12 अक्तूबर से बेंगलुरु में

महिला समन्वय की अखिल भारतीय बैठक 12 अक्तूबर से बेंगलुरु में

बेंगलुरु। महिला समन्वय की अखिल भारतीय बैठक और अभ्यास वर्ग जनसेवा विद्या केंद्र, चन्नेनहल्ली, बेंगलुरू में 12, 13, 14 अक्तूबर 2025 को आयोजित किया जा रहा है। इस प्रकार की बैठक प्रतिवर्ष आयोजित की जाती है। इस वर्ष बैठक में संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन जी भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी तथा अखिल भारतीय कार्यकारिणी…

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राष्ट्र चेतना का अवतार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

राष्ट्र चेतना का अवतार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

राष्ट्र चेतना का अवतार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघः राष्ट्र आराधना के 100 वर्षध्येय साधना पर अटलः राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ -सर्वेश कुमार सिंह- यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत।अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्।।परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम।धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे युगे।।भगवान श्रीकृष्ण के अर्जन से कहे गए ये वचन शास्वत, सनातन और चिरंतन भारतीय संस्कृति की जीवनी शक्ति…

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सम्पूर्ण हिन्दू समाज का संगठित स्वरूप ही भारत की एकता, एकात्मता, विकास व सुरक्षा की गारंटी है – डॉ. मोहन भागवत जी

सम्पूर्ण हिन्दू समाज का संगठित स्वरूप ही भारत की एकता, एकात्मता, विकास व सुरक्षा की गारंटी है – डॉ. मोहन भागवत जी

नागपुर, 2 अक्तूबर 2025। रेशीमबाग मैदान में आयोजित शताब्दी वर्ष विजयादशमी उत्सव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि सम्पूर्ण हिन्दू समाज का बल सम्पन्न, शील सम्पन्न संगठित स्वरूप ही इस देश की एकता, एकात्मता, विकास व सुरक्षा की गारंटी है। क्योंकि हिन्दू समाज अलगाव की मानसिकता से मुक्त…

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श्री गुरुजी – जिनके एक आह्वान पर युवाओं ने जीवन राष्ट्र को समर्पित कर दिया

डॉ. शुचि चौहान वर्ष 1942, दिनांक 17 मार्च, अवसर था वर्ष प्रतिपदा का। एक कृश काय सन्यासी लोगों को सम्बोधित कर रहा था – “हमारा अहोभाग्य है कि हम आज जैसी संकटपूर्ण परिस्थिति में पैदा हुए हैं। संसार में उसी का नाम अमर होता है जो संकटकाल में कुछ कर दिखाता है। एक वर्ष के…

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राजा हो कर देश की समस्याएं नहीं सुलझा सकता कोई: नाना जी देशमुख

राजा हो कर देश की समस्याएं नहीं सुलझा सकता कोई: नाना जी देशमुख

दयानंद पांडेय नाना जी देशमुख अब नहीं है। पर मेरा मानना है कि अगर देश में दस-बीस नाना जी देशमुख भी हो जाएं तो देश की सूरत और सीरत दोनों बदल जाएगी। नाना जी ने सत्ता और राजनीति का शहद चखने के बाद वनवासी जीवन चुना। एक समय वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्य थे।…

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संघ गीतों के शब्दों में निहित देशभक्ति की भावना अधिक महत्वपूर्ण – डॉ. मोहन भागवत जी

संघ गीतों के शब्दों में निहित देशभक्ति की भावना अधिक महत्वपूर्ण – डॉ. मोहन भागवत जी

नागपुर, 28 सितंबर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि सुर, लय और ताल में समझौता हो सकता है, लेकिन संघगीत में निहित देशभक्ति की भावना अधिक महत्वपूर्ण है और इससे समझौता नहीं किया जा सकता। संघ के सामान्य स्वयंसेवकों द्वारा गाए जाने वाले गीतों में निहित यही देशभक्ति की…

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