Tagged: आरएसएस

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एक साधारण स्वयंसेवक की भावानुभूति : सरसंघचालक से हुई भेंट पर निःसृत भाव-धारा

स्वयंसेवक साधारण नहीं होता। वह विशिष्ट है। उसकी विशिष्टता “कुल” अथवा “विराट” के अंश होने में है। उसकी विशिष्टता “बूँद” बनकर “समाज-सिंधु” में स्वयं को विसर्जित कर देने में है।

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‘धर्म, संस्कृति और समाज का संरक्षण कर राष्ट्र की सर्वांगीण उन्नति’ का लक्ष्य

ऑर्गनाइजर के संपादक प्रफुल्ल केतकर, पांचजन्य संपादक हितेश शंकर, मराठी साप्ताहिक विवेक की संपादक अश्विनी मयेकर और मलयालम दैनिक जन्मभूमि के सह संपादक एम. बालाकृष्णन ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत से विस्तृत बातचीत की।

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Sahitya Gaurav Award : वरिष्‍ठ पत्रकार बृजनन्दन राजू को मिला साहित्य गौरव सम्मान

लखनऊ। सक्रिय रूप से सामाजिक समरसता (Sahitya Gaurav Award) के क्षेत्र में कार्यरत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता व हिन्दुस्थान समाचार एजेंसी के वरिष्ठ पत्रकार बृजनन्दन राजू को साहित्य गौरव सम्मान 2025 प्रदान किया गया।

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अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन जी बोले, मंदिर निर्माण से सनातन संस्कृति का होगा प्रचार-प्रसार

बाराबंकी में RSS की समीक्षा बैठक : अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन जी बोले, मंदिर निर्माण से सनातन संस्कृति का होगा प्रचार-प्रसारबाराबंकी के बरेठी में...

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा, समाज निर्माण का आधार है विवाह

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने बुधवार को वाराणसी के खोजवां में आयोजित अक्षय कन्यादान महोत्सव में पिता की भूमिका निभाकर सामाजिक समरसता और भारतीय संस्कृति का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया।

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संघ शिक्षा वर्ग 2025 : भूमि पूजन के साथ औपचारिक तैयारी शुरू

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का संघ शिक्षा वर्ग इस वर्ष गोंडा जिले में 21 मई से आयोजित होने जा रहा है। इसकी तैयारियों का शुभारम्‍भ 27 अप्रैल को भूमि पूजन और सुंदरकांड पाठ के साथ विधिवत सम्पन्‍न हुआ।

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आर्य-द्रविड़ संघर्ष की झूठी कहानी अंग्रेजों ने रची : स्वांत रंजन जी

अंग्रेजों ने भारतीय समाज को भ्रमित करने के लिए एक नई परिभाषा गढ़ दी कि, आर्य बाहर से आए। भारत में द्रविड़ लोग रहते थे। आर्यों ने द्रविड़ों को परास्त कर दक्षिण में भेज दिया और अपना आधिपत्य जमा लिया।

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यह युद्ध धर्म और अधर्म के बीच है – डॉ. मोहन भागवत जी

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि जब हम आपसी मतभेदों में रहते हैं, तो समाज में खाई बढ़ती जाती है।

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बीते 100 वर्ष से हिन्‍दू समाज को संगठित एवं जागृत कर रहा है संघ : दत्‍तात्रेय जी होसबाले

राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ लखनऊ विभाग की ‘शाखा टोली का एकत्रीकरण’ लखनऊ के आशियाना क्षेत्र स्थित स्‍मृति उपवन में आयोजित किया गया।

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महापुरुषों ने की भारतीय संस्‍कृति की रक्षा : डॉ मोहन जी भागवत

लखीमपुर खीरी जनपद के गोला तहसील स्थित कबीरधाम मुस्तफाबाद आश्रम में आयोजित सत्संग में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन जी भागवत ने कहा…