Tag: मातृभूमि

विवाह संस्कार भोग नहीं संयम और साधना का पथ है…

किस रज से बनते कर्मवीर…! विवाह संस्कार भोग नहीं संयम और साधना का पथ है… दुनियां के कई देशों बांग्लादेश,नेपाल आदि में जेन जी के चर्चे ,उपद्रव स्वतंत्रता की लड़ाई…

हम सभी श्रद्धापूर्वक मातृभूमि की महिमा का गायन करें

अपनी भूमि हमें मातृभूमि लगनी चाहिए। उसका कण-कण हमें पवित्र लगना चाहिए। हमारी मातृभूमि, कोई मिट्टी का ढेर नहीं, वह जड़ या अचेतन नहीं, ऐसी हमारी भावना चाहिये। इस प्रकार…