“न कोई घर रहेगा, न घरवाला, न घरवाली,आखेट युग आ गया है”- विद्यानिवास मिश्र जी
डॉ. विद्यानिवास मिश्र “न कोई घर रहेगा, न घरवाला, न घरवाली/ सब होंगे आखेटक/ सब होंगे आखेट / आखेट युग आ गया है, जहाँ घर नहीं...
विश्व संवाद केन्द्र अवध, लखनऊ
संवादादात् सौहार्दम्
डॉ. विद्यानिवास मिश्र “न कोई घर रहेगा, न घरवाला, न घरवाली/ सब होंगे आखेटक/ सब होंगे आखेट / आखेट युग आ गया है, जहाँ घर नहीं...