प्रकृति के साथ शाश्वत जीवन का मार्ग भारत के पास है – डॉ. मोहन भागवत जी
लोनावला स्थित स्वामी कुवल्यानंद द्वारा स्थापित कैवल्यधाम योग अनुसंधान संस्था के 101वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ....
संघ ने 100 वर्षों में समाज को सकारात्मक दिशा दी : स्वान्तरंजन जी
• संघ की गौरवशाली 100 वर्षों की विचार यात्रा पर अभाविप ने भव्य प्रदर्शनी का किया उद्घाटन लखनऊ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ध्येय यात्रा के गौरवशाली...
मराठी से संस्कृत भाषा में संघ-प्रार्थना के बदलने की कहानी
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जी ने साथियों के साथ मिलकर संघ की नियमित शाखाओं में जन्मभूमि को नमन करती हुई एक...
जबलपुर में होगी अखिल भारतीय कार्यकारी मण्डल की बैठक
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघअखिल भारतीय कार्यकारी मण्डल बैठकजबलपुर, महाकौशल प्रांत30-31 अक्तूबर एवं 1 नवम्बर 2025दिनांक – 14 अक्तूबर 2025 राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रतिवर्ष होने वाली ‘अखिल भारतीय...
संघ शताब्दी वर्ष – संघ की स्थापना एक दैवीय संयोग
संघ एक ऐसा संगठन है जो विशुद्ध भारत, भारतीयता, और भारतीयों के लिए कार्य करता है और राष्ट्र निर्माण और राष्ट्र प्रथम के अतिरिक्त इसके केंद्र बिंदु में...
राष्ट्र चेतना का अवतार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
राष्ट्र चेतना का अवतार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघः राष्ट्र आराधना के 100 वर्षध्येय साधना पर अटलः राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ -सर्वेश कुमार सिंह- यदा यदा हि...
सम्पूर्ण हिन्दू समाज का संगठित स्वरूप ही भारत की एकता, एकात्मता, विकास व सुरक्षा की गारंटी है – डॉ. मोहन भागवत जी
नागपुर, 2 अक्तूबर 2025। रेशीमबाग मैदान में आयोजित शताब्दी वर्ष विजयादशमी उत्सव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि सम्पूर्ण...
श्री गुरुजी – जिनके एक आह्वान पर युवाओं ने जीवन राष्ट्र को समर्पित कर दिया
डॉ. शुचि चौहान वर्ष 1942, दिनांक 17 मार्च, अवसर था वर्ष प्रतिपदा का। एक कृश काय सन्यासी लोगों को सम्बोधित कर रहा था – “हमारा अहोभाग्य...
राजा हो कर देश की समस्याएं नहीं सुलझा सकता कोई: नाना जी देशमुख
दयानंद पांडेय नाना जी देशमुख अब नहीं है। पर मेरा मानना है कि अगर देश में दस-बीस नाना जी देशमुख भी हो जाएं तो देश की...
संघ गीतों के शब्दों में निहित देशभक्ति की भावना अधिक महत्वपूर्ण – डॉ. मोहन भागवत जी
नागपुर, 28 सितंबर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि सुर, लय और ताल में समझौता हो सकता है, लेकिन संघगीत...
