जीवन और कार्य की एकरूपता
सन 1949 के दिन थे। संघ से प्रतिबंध हटने के पश्चात् श्री गुरुजी देशभर में आयोजित स्वागत कार्यक्रमों को संपन्न करके कुछ दिनों के लिए काशी में रहे थे। काशी में सदा की तरह उनके ठहरने की व्यवस्था श्री दत्तराज कालिया (काले) के निवास पर हुई थी। काशी में उनका पूर्ण विश्राम हो, यह ध्यान…