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Youth should play an active role in nation-building – Dattatreya Hosbale Ji

राष्ट्र निर्माण में युवा सक्रिय भूमिका निभाएं – दत्तात्रेय होसबाले जी

ऊधमपुर, 07 दिसम्बर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में रविवार को रिवायत हॉल में ”100 वर्ष की यात्रा और भविष्य की दिशा” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने कहा, राष्ट्र निर्माण में युवा सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने भारत के गौरवशाली…

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The Constitution embodies the spirit of taking everyone along – Dr. Mohan Bhagwat ji

संविधान में सभी को साथ लेकर चलने की भावना निहित है – डॉ. मोहन भागवत जी

पट्टी कल्याण, समालखा। अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना द्वारा 05 से 07 दिसंबर 2025 तक माधव सेवा न्यास, पट्टी कल्याण, समालखा (पानीपत) में ‘भारतीय इतिहास, संस्कृति और संविधान’ विषय पर सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। सरसंघचालक जी भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद द्वारा ‘जम्मू-काश्मीर-लद्दाख’ पर आधारित चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन एवं अवलोकन किया। उद्घाटन…

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निष्ठावान सच्चरित्र बनें और राष्ट्रभक्ति करें

निष्ठावान सच्चरित्र बनें और राष्ट्रभक्ति करें

मद्रास में विद्यार्थियों का कार्यक्रम था। श्री गुरुजी शिक्षा के विषय में बोल रहे थे। ‘शिक्षा का अर्थ केवल पढ़ना और लिखना इतना ही नहीं होता। शिक्षा प्राप्ति का स्वाभाविक परिणाम होना चाहिये, अपने राष्ट्र के बारे में श्रद्धा की जागृति और अपने कर्तव्य का बोध। शिक्षा प्राप्ति से यदि मनुष्य राष्ट्रभक्त नहीं होता तो…

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भक्ति मानव को समष्टि से जोड़ने वाला आध्यात्मिक सत्य है – डॉ. मोहन भागवत जी

भक्ति मानव को समष्टि से जोड़ने वाला आध्यात्मिक सत्य है – डॉ. मोहन भागवत जी

ज्ञान और कर्म भक्ति आधारित होना चाहिए – सरसंघचालक जी संत ज्ञानेश्वर द्वारा रचित श्री ज्ञानेश्वरी के अंग्रेजी संस्करण का विमोचन नागपुर, 30 नवम्बर। लक्ष्मीनगर स्थित साइंटिफिक सभागृह में आयोजित संत ज्ञानेश्वर रचित श्री ज्ञानेश्वरी के अंग्रेजी संस्करण के विमोचन समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि भक्ति…

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“हिन्दुत्व, भारत की आत्मा है” – दत्तात्रेय होसबाले जी

“हिन्दुत्व, भारत की आत्मा है” – दत्तात्रेय होसबाले जी

इंदौर, 30 नवम्बर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने कहा कि पुराणों और दुनिया के विभिन्न विद्वानों ने हिन्दू और हिन्दुस्तान को अलग-अलग कालखंडों में परिभाषित किया। भारत, मानव धर्म का देश है, जो सृष्टि में एकत्व का दर्शन करता है, इसकी सृष्टि के प्रति कृतज्ञता की दृष्टि है। यहाँ पुरुषार्थ के…

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युवा संवाद – गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेते हुए समाज में कार्य करने का आह्वान

युवा संवाद – गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेते हुए समाज में कार्य करने का आह्वान

बठिंडा, 26 नवम्बर। सप्तसिन्धु फोरम ने अखिल भारतीय चिकित्सा संस्थान (एम्स) बठिंडा के सभागार में युवा संवाद का आयोजन किया। युवा संवाद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी मुख्य वक्ता रहे। उन्होंने पंजाब के विभिन्न स्थानों से आए उद्यमियों, खोजकर्ताओं, समाज सेवी और समाज जीवन के भिन्न-भिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने…

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'गीता' केवल अध्ययन का ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की साधना है — डॉ. मोहन भागवत जी

‘गीता’ केवल अध्ययन का ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की साधना है — डॉ. मोहन भागवत जी

लखनऊ : दिव्य गीता कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि, गीता को केवल पढ़ना नहीं, बल्कि उसे जीवन में उतारकर जीना है। आज यह कार्यक्रम सम्पन्न अवश्य हुआ है, परन्तु हमारा कर्तव्य केवल कार्यक्रम तक सीमित नहीं हो जाता। हम सब…

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संघ स्वयंसेवकों के भाव बल और जीवन बल से चलता है – डॉ. मोहन भागवत जी

संघ स्वयंसेवकों के भाव बल और जीवन बल से चलता है – डॉ. मोहन भागवत जी

जयपुर, 16 नवंबर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने ज्ञान गंगा प्रकाशन द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘…और यह जीवन समर्पित’ का विमोचन किया। कार्यक्रम का आयोजन पाथेय कण संस्थान के नारद सभागार में किया गया। यह पुस्तक राजस्थान के दिवंगत 24 प्रचारकों की जीवन गाथा का संकलन है। इस अवसर पर सरसंघचालक…

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शोधार्थियों और विश्वविद्यालयों का समाज से सीधा संवाद होना चाहिए – डॉ. मोहन भागवत जी

शोधार्थियों और विश्वविद्यालयों का समाज से सीधा संवाद होना चाहिए – डॉ. मोहन भागवत जी

जयपुर, 16 नवंबर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि समाज किन बातों से लाभान्वित होता है, यह समझने के लिए शोधार्थियों और विश्वविद्यालयों को समाज से सीधा संवाद बढ़ाना होगा। कुछ विषय केवल ज्ञान के होते हैं, जबकि कई विषय समाज के उपयोग और उत्थान से जुड़े होते हैं।…

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सद्भावना भारत का स्वभाव है – डॉ. मोहन भागवत जी

सद्भावना भारत का स्वभाव है – डॉ. मोहन भागवत जी

जयपुर, 14 नवम्बर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि सद्भावना भारत का स्वभाव है। नियम और तर्क के आधार पर समस्याएं ठीक नहीं हो सकती, इसके लिए सद्भावना चाहिए और हमें यही काम करना है। उन्होंने कहा कि स्वार्थ भावना यह दुनिया का स्वभाव है। स्वार्थ भावना के आधार…

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