‘हनुमान अंश’ की दहाड़

‘हनुमान अंश’ की दहाड़

इस समय सारे देश में फिल्म ‘हनुमान अंश’ की चर्चा है। कल शुक्रवार को इस मूवी ने चार सप्ताह पूरे किए और एक ऐसा इतिहास रच दिया कि सारे फिल्मी पंडित भौचक होकर देखते रह गए..! अनेकों के लिए यह सफलता महज आश्चर्य है। अनेक लोग इस फिल्म की तुलना 1975 में प्रदर्शित हुई ‘जय…

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कई समस्याओं का समाधान है गो पालन

पिछले दिनों इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक मामले में महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि गोमांस खाना किसी का मौलिक अधिकार नहीं है। बूढ़ी बीमार गाय भी कृषि के लिए उपयोगी है। यह कृषि की रीढ़ है। गाय का मल एवं मूत्र असाध्य रोगों में लाभकारी है। इसकी हत्या की इजाजत देना ठीक नहीं। हाई…

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पाण्डवों को कलियुग पर प्रबोधन

पाण्डवों को कलियुग पर प्रबोधन

श्रीकृष्ण कहते हैं- ’तुम पाँचों भाई वन में जाओ और जो कुछ भी दिखे वह आकर मुझे बताओ। मैं तुम्हें उसका प्रभाव बताऊँगा।’ पाँचों भाई वन में गये। युधिष्ठिर महाराज ने देखा कि किसी हाथी की दो सूँड है। यह देखकर आश्चर्य का पार न रहा। अर्जुन दूसरी दिशा में गये। वहाँ उन्होंने देखा कि…

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गोस्वामी तुलसीदास के राम

गोस्वामी तुलसीदास के राम

मध्य काल में जब विदेशी आक्रमणकारियों और सल्तनतों ने हिंदू समाज की रोटी, बेटी और चोटी पर निशाना बनाया, जब समाज निराश था, तब भक्त कवियों ने ईश्वर के सहारे देश को जगाया। संत कवि गोस्वामी तुलसीदास उन्हीं भक्त कवियों में से ही एक थे। वे सुगण भक्ति धारा के कवि और संत थे। तुलसी…

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करपात्री जी महाराज की जीवनी: जीवन, तपस्या, विचार और सनातन धर्म में योगदान

करपात्री जी महाराज की जीवनी: जीवन, तपस्या, विचार और सनातन धर्म में योगदान

करपात्री जी महाराज भारतीय सन्त परम्परा के उन महान व्यक्तित्वों में से एक थे, जिन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन सनातन धर्म, वेद-वेदान्त, भारतीय संस्कृति और धर्मशास्त्रों के अध्ययन तथा संरक्षण के लिए समर्पित कर दिया। उनका संन्यास-नाम स्वामी हरिहरानन्द सरस्वती था। कठोर तपस्या, अद्भुत शास्त्रज्ञान, वैराग्य और धर्म के प्रति अटूट निष्ठा के कारण वे देशभर…

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इंडोनेशिया में भारतीय संस्कृति और रामायण की परंपरा

इंडोनेशिया में भारतीय संस्कृति की अमिट छाप: लालकृष्ण आडवाणी और विद्यानिवास मिश्र के संस्मरण

इंडोनेशिया में भारतीय संस्कृति आज भी अनेक सांस्कृतिक परंपराओं, ऐतिहासिक स्थलों और सामाजिक जीवन में दिखाई देती है। पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी तथा प्रख्यात साहित्यकार विद्यानिवास मिश्र ने अपनी यात्राओं के दौरान ऐसे कई अनुभव साझा किए, जिनमें रामायण, महाभारत और संस्कृत परंपरा के प्रभाव का उल्लेख मिलता है। इन संस्मरणों के माध्यम से इंडोनेशिया…

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महर्षि सिंगारु का त्याग

भगवान राम का तिल दान

लंकाधीश, असुरपति रावण को मारने के बाद भगवान राम लंका से अयोध्या वापिस लौटकर आए। महर्षि वसिष्ठ ने राम को सुझाव दिया कि वे किसी व्यक्ति को तिल का दान दें, क्योंकि उन्होंने रावण के साथ युद्ध में सैकडों व्यक्तियों को मारा था। तिल दान में लेने वाले व्यक्ति को चूंकि दान के परिणामों को…

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले द्वारा जारी किया गया वक्तव्य

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले द्वारा जारी किया गया वक्तव्य

श्री राम जन्मभूमि पर निर्मित भव्य मंदिर पीढ़ियों के संघर्ष और करोड़ों रामभक्तों के समर्पण, त्याग एवं बलिदान के कारण संपूर्ण हिन्दू समाज के लिए श्रद्धा, आस्था और भक्ति का केन्द्र बना है। अयोध्या में श्री रामलला मंदिर में रखे हुए दान पात्रों में जमा राशि की चोरी की दुर्भाग्यपूर्ण घटना से समूचे समाज और…

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शिक्षा वह है जो मनुष्य में उचित-अनुचित का विवेक जाग्रत करे - डॉ. मोहन भागवत जी

शिक्षा वह है जो मनुष्य में उचित-अनुचित का विवेक जाग्रत करे – डॉ. मोहन भागवत जी

नागपुर, 1 जुलाई 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने जरीपटका स्थित सिन्धु एजुकेशन सोसायटी के अमृत महोत्सव वर्ष के उद्घाटन कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा उपस्थित नागरिकों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि 75 वर्ष पूर्ण होने का यह उत्सव केवल आनंद मनाने के लिए नहीं, बल्कि इस आनंद के…

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