इंडोनेशिया में भारतीय संस्कृति की अमिट छाप: लालकृष्ण आडवाणी और विद्यानिवास मिश्र के संस्मरण
इंडोनेशिया में भारतीय संस्कृति आज भी अनेक सांस्कृतिक परंपराओं, ऐतिहासिक स्थलों और सामाजिक जीवन में दिखाई देती है। पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी तथा प्रख्यात साहित्यकार विद्यानिवास...
भगवान राम का तिल दान
लंकाधीश, असुरपति रावण को मारने के बाद भगवान राम लंका से अयोध्या वापिस लौटकर आए। महर्षि वसिष्ठ ने राम को सुझाव दिया कि वे किसी व्यक्ति...
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले द्वारा जारी किया गया वक्तव्य
श्री राम जन्मभूमि पर निर्मित भव्य मंदिर पीढ़ियों के संघर्ष और करोड़ों रामभक्तों के समर्पण, त्याग एवं बलिदान के कारण संपूर्ण हिन्दू समाज के लिए श्रद्धा,...
शिक्षा वह है जो मनुष्य में उचित-अनुचित का विवेक जाग्रत करे – डॉ. मोहन भागवत जी
नागपुर, 1 जुलाई 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने जरीपटका स्थित सिन्धु एजुकेशन सोसायटी के अमृत महोत्सव वर्ष के उद्घाटन कार्यक्रम...
मैंने देखा इच्छामरण
सबेरे का समय, चाय-पान का वक्त, पूजनीय श्री गुरुजी के कमरे में (उसे कोठरी कहना ही अधिक उपयुक्त होगा) जब हम लोग प्रविष्ट हुए तब वे...
‘कबीर यहु घर प्रेम का, खाला का घर नांहि’ – संत संत कबीरदास
संक्षिप्त परिचय इससे सिद्ध होता है कि संत कबीरदास वस्तुतः रामानंद के शिष्य थे और उन्हीं से उन्हें रामनाम का मंत्र मिला था। संत कबीरदास और...
पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों ने पूरे देश को अचंभित और आनंदित किया है।
दिसंबर 2025 और फरवरी 2026 में मुझे बंगाल जाने का अवसर मिला था। वहाँ अधिकांश लोग परिवर्तन की इच्छा तो रखते थे, किंतु यह परिवर्तन वास्तव...
देवरहा बाबा कौन थे? जानिए उनकी रहस्यमयी आयु, सिद्धियां और चमत्कारों की पूरी कहानी
भारतीय हिंदू परंपरा में सदियों से ही ऋषि-मुनियों और साधु-संतों की परंपरा रही है. लेकिन साधु-संतों के चमत्कारों और लीलाओं को समझना आसान नहीं है. सिद्ध...
महाभारत का राजदंड ही है सेंगोल: धर्म, न्याय और सुशासन की हजारों वर्ष पुरानी परंपरा
कुछ वर्ष पूर्व संगोल बहुत चर्चा में रहा । इसके सम्बन्ध में कई भ्रांतियाँ भी फैलीं । अधिकतर लोग सेंगोल का ऐतिहासिक महत्त्व बताया किन्तु आपको...
युग-ऋषि, महंत अवेद्यनाथ: समरसता के महानाद और सनातन के संबल
काल के अनंत प्रवाह में कुछ महापुरुषों का जीवन किसी एकांत निर्जन में ठहरा हुआ सरोवर नहीं होता, बल्कि वह पर्वतों की छाती चीरकर बहने वाले...
