Headlines

विजयादशमी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ : संगठन, शक्ति और साधना

डॉ. भूपेन्द्र कुमार सुल्लेरे भारतीय परंपरा में विजयादशमी का पर्व केवल राम की रावण पर विजय का स्मरण नहीं है, बल्कि यह सत्य पर असत्य की, धर्म पर अधर्म की और संगठन पर बिखरी हुई शक्ति की विजय का प्रतीक है। श्रीगुरुजी (माधव सदाशिव गोलवलकर) इस पर्व को संघ के लिए विशेष महत्त्व का मानते…

Read Full News
क्या है ये राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ?

क्या है ये राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ?

डॉ प्रवीण गुनानी आ सिंधु-सिंधु पर्यन्ता, यस्य भारत भूमिका.पितृभू-पुण्यभू भुश्चेव सा वै हिंदू रीति स्मृता. इस श्लोक के अनुसार “भारत के वह सभी लोग हिंदू हैं जो इस देश को पितृभूमि-पुण्यभूमि मानते हैं”वीर दामोदर सावरकर के इस दर्शन को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का मूलाधार बनाकर संघ का संगठन, संस्थापना करने वाले डा. केशव बलिराम हेडगेवार जी…

Read Full News
भगिनी निवेदिता : भारतीय संस्कृति और समाज सेवा की प्रेरणा

भगिनी निवेदिता : भारतीय संस्कृति और समाज सेवा की प्रेरणा

अनंत यात्री भारतीय समाज और संस्कृति की महान सेविका भगिनी निवेदिता ने अपना सम्पूर्ण जीवन भारत की सेवा और उसकी सांस्कृतिक धरोहर के उत्थान में समर्पित कर दिया। उनका जन्म 28 अक्टूबर, 1867 को आयरलैण्ड के डंगैनन में हुआ। उनका वास्तविक नाम मार्गरेट एलिजाबेथ नोबल था। स्वामी विवेकानन्द के मार्गदर्शन और प्रेरणा से मार्गरेट ने…

Read Full News
संघ को समझना है तो शाखा आइए

संघ को समझना है तो शाखा आइए

राजीव तुली विभिन्न कारणों से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की चर्चा में रखना मित्रों तथा अमित्रों दोनों के लिए लाभप्रद रहता है। अमित्र लिखा है, शत्रु नहीं, क्योंकि संघ किसी को भी अपना शत्रु नहीं मानता है। समाज दो भागों में है—एक जो आज स्वयंसेवक हैं और दूसरे जो भविष्य में संघ से जुड़ेंगे, ऐसी संघ…

Read Full News
सदैव प्रेरित करने वाले विराट व्यक्तित्व

सदैव प्रेरित करने वाले विराट व्यक्तित्व

नरेन्द्र मोदी अशोक सिंहल जी ने हर थण इस महान राष्ट्र के उत्कर्ष का ही स्वप्न देखा था। हम उनके सपनों को साकार करने के संकल्प को फिर दोहराएं एक बहुत सुंदर सुभाषित है, ‘वृक्ष कबहुँ नहिं फल भखै, नदी न *संचै नौर। परमारध के कारने, साधुन धरा शरीर।’ इसका मतलब है कि पेड़ कभी…

Read Full News
हैदराबाद की आजादी के लिए लड़ने वाला स्वयंसेवक, जिनसे CM ने मांगी थी सुरक्षा

हैदराबाद की आजादी के लिए लड़ने वाला स्वयंसेवक, जिनसे CM ने मांगी थी सुरक्षा

माधव राव ने कुछ स्वयंसेवकों को मुस्लिम पहचान देकर विभाजित पंजाब के शहरों में मुस्लिम लीग के प्रभाव वाले क्षेत्रों में तैनात कर दिया. ये लोग बताते थे कि कैसे पूरी तैयारी के साथ मुस्लिम लीग के लोग हिंदू बाहुल्य इलाकों की रिपोर्ट तैयार करते हैं, और फिर हमला करते थे. RSS के 100 सालों…

Read Full News
एकात्म मानवदर्शन केवल भारत नहीं, समस्त मानवता के लिए मार्गदर्शक – दत्तात्रेय होसबाले जी

एकात्म मानवदर्शन केवल भारत नहीं, समस्त मानवता के लिए मार्गदर्शक – दत्तात्रेय होसबाले जी

जयपुर, 25 सितंबर 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने भारत को भारत बनाने की जीवन दृष्टि दी और इसे केवल भारत के लिए नहीं, बल्कि विश्व के लिए मार्गदर्शन एवं मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया। दीनदयाल उपाध्याय का एकात्म मानवदर्शन केवल भारतीय जनसंघ या…

Read Full News
‘मैं’ से ‘हम’ तक : सेवा और धर्म की भारतीय अवधारणा

‘मैं’ से ‘हम’ तक : सेवा और धर्म की भारतीय अवधारणा

मनमोहन वैद्य जी “वैष्णव जन तो तेणे रे कहिये, जे पीड़ पराई जाणे रे”। दूसरों की पीड़ा की अनुभूति कर उन्हें उस पीड़ा से मुक्त करने के सहज कर्म को ‘धर्म’ कहा गया है। राजा रंतिदेव का प्रसिद्ध वचन है – “मुझे न राज्य की कामना है, न स्वर्ग की और न ही मोक्ष की।…

Read Full News

जैविक खेती को बढ़ावा दें, गांवों को आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाएं – आलोक कुमार जी

बसेरा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ चित्तौड़ प्रांत के बसेरा में आयोजित “प्रभात ग्राम” विषयक तीन दिवसीय प्रांत स्तरीय कार्यशाला का समापन हुआ। समापन सत्र में सह सरकार्यवाह आलोक कुमार जी ने कहा कि नई पीढ़ी की रुचि और प्रकृति के अनुरूप कार्यों का नियोजन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अच्छे कार्य को प्रारंभ में…

Read Full News