Headlines

बाबा साहब अंबेडकर और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ: सामाजिक समरसता का आधार

सामाजिक समरसता के अग्रदूत बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को लेकर अपनत्व की भावना रखते थे और विश्वास करते थे कि यह संगठन सामाजिक परिवर्तन का आंदोलन बनेगा। उन्हें विश्वास था कि संघ हिन्दू समाज में एकजुटता और सामाजिक समरसता लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। बाबा साहब डॉ. अंबेडकर संघ…

Read Full News

Sanskrit Language : संस्कृत समर्थक संविधानवेत्ता और समाज सुधारक डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर

Sanskrit Language : संविधानवेत्ता और समाज सुधारक होने के साथ-साथ डॉ. अंबेडकर को संस्कृत के प्रबल समर्थक के रूप में व्‍याख्‍या कर रहे हैं डॉ. मुरली मनोहर जोशी…

Read Full News

डॉ आम्‍बेडकर की दृष्टि में ‘हिन्‍दुत्‍व’

वर्ष 1935 में डॉ. आम्‍बेडकर ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की थी कि ‘मैं एक हिन्‍दू के रूप में पैदा हुआ क्योंकि मेरा इस पर कोई नियंत्रण नहीं था, लेकिन मैं एक हिन्‍दू रहकर नहीं मरूंगा।’ उन्‍होंने ऐसा किया भी। फिर भी वे हिन्‍दू धर्म को अन्‍य रिलीजन से ऊपर मानते थे।

Read Full News